किराये के घर में शिफ्ट होने से पहले वास्तु शास्त्र के इन नियमों की कर लें जांच


हालांकि, घर के मालिकों के लिए अपने घरों में संशोधन करना या वास्तुशास्त्र के दोषों को दूर करने के लिए सुधार लागू करना आसान हो सकता है, लेकिन किरायेदारों को ये रियायत नहीं मिल सकती. इसे देखते हुए, हम कुछ वास्तु फैक्टर्स बता रहे हैं जो किरायेदारों को संपत्ति किराए पर लेने से पहले देखना चाहिए.

वास्तु शास्त्र का अनुपालन करना आजकल एक जरूरी फैक्टर है, जो घर खरीदारों और किरायेदारों के फैसले को समान रूप से प्रभावित करता है. अगर वास्तु की जरूरत हो तो भी किराए के घरों में रहने वाले लोग किसी भी तरह का सिविल वर्क नहीं कर सकते हैं. तो अक्सर वास्तु दोषों से बचने के लिए किरायेदारों को ऐसे घरों को खाली करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है. इस आर्टिकल में हम किराये के घरों के लिए वास्तु पर चर्चा करने के अलावा, दोषों को सुधारने के उपाय और किराये के घर को शांतिपूर्ण बनाने के सुझाव बताएंगे, ताकि आपके परिवार को इसकी सकारात्मकता से फायदा पहुंचे.


ब्लू आर्क में इंटीरियर डिजाइन और प्रिंसिपल आर्किटेक्ट अतीत वेंगुरलेकर ने कहा, “किराये के फ्लैट या अपार्टमेंट में रहने में सबसे बड़ी मुश्किल ये है कि आप उसमें मालिक की इजाजत लिए बिना काफी ज्यादा बदलाव नहीं कर सकते. अगर घर वास्तु के सिद्धांतों के तहत बनाया गया है तो उस फ्लैट में रहने वालों को किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.”

 

किरायेदारों के लिए वास्तु टिप्स

A2ZVastu.com के सीईओ और फाउंडर विकाश सेठी कहते हैं, “हम आपको कुछ टिप्स बता रहे हैं, जो किराये का घर लेते समय आपको ध्यान में रखना चाहिए.

  1. किराए के घर में वास्तु, उस स्थान के लिए काम करता है जो किरायेदार ने लिया है.
  2. घर से बाहर निकलते हुए मकान की दिशा या घर के मुख की दिशा वही है जो आपके चेहरे की है.
  3. वास्तु के अनुसार मेन एंट्रेंस की दिशा, किराये का घर लेते समय सबसे अहम पहलू है. सबसे अच्छी एंट्री उत्तर-पूर्व है. इसके बाद उत्तर-पश्चिम व पूर्व है. उत्तर और पश्चिम की ओर मुंह वाले घर भी अच्छे माने जाते हैं.
  4. दक्षिण, दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम एंट्री वाले घरों से बचें.
  5. किचन साउथ ईस्ट या नॉर्थ वेस्ट में होनी चाहिए.
  6. मास्टर बेडरूम साउथ वेस्ट में होना चाहिए.
  7. नॉर्थ ईस्ट में किचन, शू रैक या टॉयलेट नहीं होना चाहिए.
  8. घर का आकार स्क्वेयर या रैक्टैंगुलर होना चाहिए और किसी भी दिशा में कट या एक्सटेंशन नहीं होना चाहिए.
  9. जिस घर में साउथ वेस्ट दिशा में बालकनी हो, उससे दूर ही रहें.
  10. अगर ड्यूप्लेक्स होम है तो नॉर्थ ईस्ट की दिशा में सीढ़ियां न हों.”

ये भी देखें: नया अपार्टमेंट खरीदते वक्त इन वास्तु टिप्स को फॉलो करें

 

किराये के घर में इन वास्तु टिप्स को करें चेक

प्रॉपर्टी का इतिहास

कई लोग ऐसा मानते हैं कि अगर अच्छा मानसिक स्वास्थ्य चाहते हैं तो प्रॉपर्टी की हिस्ट्री जरूर चेक कर लें. किसी भी अप्राकृतिक दुर्भाग्य या घटनाओं के मोड़ को संभावित किरायेदारों के लिए बुरा माना जाता है.

वेंटिलेशन

साथ सुथरी और हवादार संपत्ति हमेशा अच्छी होती है. ये आपके घर में ऊर्जा के समुचित प्रवाह को सुनिश्चित करती है.

प्रॉपर्टी की वाइब्स

प्रॉपर्टी की बाइब्स तो चेक करें. वाइब्रेशन एनालिसिस कहते हैं कि घर में पॉजिटिव और नेगेटिव दोनों वाइब्स होती हैं और छोटे से बदलाव से घर में पॉजिटिविटी को बहाल किया जा सकता है. परिसर में रहने पर निवासियों को कैसा लगता है. संपत्ति की वाइब का पता इससे लगाया जा सकता है. कई बार आपको किसी संपत्ति में रहते हुए नकारात्मक महसूस होता है.

पसंदीदा जगह

ज्यादा ट्रैफिक, श्मशान घाट, पावर प्लांट या बिजली के खंभे के पास वाले घर अच्छे नहीं होते. शहरी इलाके अकसर नम होते हैं और आपको शांत रिहायशी इलाके में रहने का मौका नहीं मिलता. किराये के घर के लिए आसपास सकारात्मक, शांत स्थान खोजें.

एनर्जी फ्लो

ऐसे घर को किराए पर न लें, जिसके आस-पास कोई मोबाइल या बिजली का खंभा हो. यह ऊर्जा के फ्री फ्लो में रुकावट पैदा करता है. नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए, यज्ञ, गणेश पूजा, नवग्रह पूजा आदि करें. किसी जानकार वास्तु विशेषज्ञ की ओर से सुझाए गए विंड चाइम्स, क्रिस्टल, यंत्र आदि जैसी सकारात्मक ऊर्जा पैदा करने वाले वॉल हैंगिंग का इस्तेमाल करें.

मेन डोर

किराये के घर का मुख्य दरवाजा कभी भी पेड़, बिजले के खंभे या किसी भारी सामान से ब्लॉक नहीं होना चाहिए. इसके अलावा दरवाजा वास्तु के मुताबिक सकारात्मक पोजिशन में होना चाहिए.

चीजों में मामूली बदलाव

सुनिश्चित करें कि वास्तु के दिशाओं के नियमों का पालन हो, भले ही घर किराये का ही क्यों न हो. आप सोने की जगह, फर्नीचर में मामूली बदलाव कर ऐसा कर सकते हैं. इसके लिए आपको ढांचे में बदलाव करने की भी जरूरत नहीं है.

दरवाजों की प्लेसमेंट

सारे घर के दरवाजे अंदर की ओर खुलने चाहिए क्योंकि इससे सकारात्मक ऊर्जा आती है. इसके अलावा, प्रॉपर्टी की निरीक्षण करते वक्त जांच लें कि दरवाजे सही दिशा में खुलते हों. घर में रहने आने से पहले दरवाजों के कब्जे में तेल डाल दें ताकि वे चरचर ना करें. साथ ही अगर टूट-फूट हुई है तो आने से पहले ही उसको ठीक करा लें.

 

आइटमकहां रखना हैवास्तु अनुपालन का प्रभाव
भारी सामानपश्चिम या उत्तरवित्तीय मजबूती को बरकरार रखता है
पूजा घरनॉर्थ ईस्टचिंता मुक्त जीवन
मास्टर बेडरूमसाउथ या वेस्टअच्छा स्वास्थ्य, स्वयं और परिवार के लिए सुखी जीवन
ड्रेसिंग टेबलईस्ट या नॉर्थवास्तु दोष से बचाता है
दक्षिण पश्चिम दिशा में खिड़कियांउन्हें बंद रखेंमानसिक शांति, अच्छा स्वास्थ्य और वित्तीय मजबूती सुनिश्चित करता है
कुकटॉप (सिंगल रूम के मामले में)साउथ-ईस्टस्टेटस और वेल्थ
आभूषण, एटीएम कार्ड, पासपोर्ट सहित मूल्यवान वस्तुएंसाउथ वेस्टसमृद्धि

 

किराये का घर और मेन डोर

आमतौर पर यह माना जाता है कि वास्तु के अनुसार दक्षिण-पूर्व की ओर मेन डोर वाला किराए का घर अच्छा नहीं होता. पहले तो ऐसे घरों को न चुनना ही बेहतर है. उत्तर-पूर्व या पूर्व  की ओर दरवाजे वाले किराये के घर को शुभ माना जाता है. अगर आप लंबे समय तक इस प्रॉपर्टी में रहने की योजना बना रहे हैं, तो पूर्व दिशा में ऊंचाई या निराशा पर ध्यान दें. अगक पूर्व दिशा अधिक ऊंची हो तो यह परिवार के मुखिया के लिए अच्छा नहीं होता.

 

अगर ये वास्तु दोष देखें तो तुरंत घर से शिफ्ट करें

अगर आप किसी नए किराए के घर में जाने के लिए तैयार बैठे हैं, तो आपको विशेष रूप से इस पर ध्यान देना चाहिए और इसके तुरंत बाद शिफ्ट होने से बचना चाहिए. हम आपको कुछ मामलों के बारे में बता रहे हैं, जहां आप बतौर किरायेदार वास्तु दोषों को सुधार नहीं पाएंगे इसलिए वहां से निकलने में ही भलाई है.

  • अगर आप देखें कि उत्तर और पूर्व दिशा बंद है या फिर काफी भरा-भरा है. ऐसे में बाहर निकलने में ही भलाई है.
  • यदि आप नोटिस करते हैं कि संपत्ति का उत्तर-पूर्व हिस्सा भी ऊंचाई का नहीं है.
  • अगर पश्चिमी हिस्सा काफी खुला हो तो घर बदल लें.
  • अगर पश्चिम क्षेत्र में एक पानी की टंकी, एक छेद, एक तहखाने या एक कुआं भी है.
  • अगर उत्तर-पूर्व या दक्षिण-पश्चिम भाग क्षतिग्रस्त और टूटा हुआ है.

 

किराये के घर के लिए आसान वास्तु टिप्स

कुछ किफायती टिप्स अपनाकर आप किराये के घर को और आरामदायक और शांतिपूर्ण बना सकते हैं.

  • नमक के पानी से घर में नियमित तौर पर पोछा लगाएं.
  • सुनिश्चित करें कि कमरों में दुर्गंध न हो. इसके लिए अगरबत्ती, सुगंधित तेल या फिर धूप जलाएं.
  • आरामदायक माहौल बनाने के लिए अच्छा म्यूजिक चलाएं.
  • घर में पौधे उगाएं और फूल भी रखें.
  • घर में खूबसूरत पेंटिंग्स लगाएं और ऐसी पेंटिंग्स से बचें, जिनसे भ्रम पैदा हो.
  • साफ-सुथरा होने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आएगी. यह भी लगातार देखते रहें कि घर में मकड़ी के जाले न लगें.
  • यह भी ध्यान रखें कि घर की सारी घड़ियां चालू हों.

 

बिना किसी ढांचागत बदलाव के वास्तु दोष को कैसे ठीक करें?

इसके लिए आप इन वैदिक उपायों पर विचार कर सकते हैं.

  • घर में गणेश पूजा, नवग्रह पूजा और वास्तु पुरुष पूजा कराएं.
  • घर में वास्तु पुरुष की मूर्ति, चांदी से बना सांप, तांबे के तार, मोती और पावला रखें. ये सारी चीजें लाल कपड़े में डालकर पूर्व दिशा में रखें.
  • घर के एंट्रेंस की हर रोज पूजा करने की आदत डालें. वहां कुमकुम और चावल के साथ स्वास्तिक और शुभ लाभ के चिह्न बनाएं.
  • नवचंदी, यज्ञ, शांतिपथ और अग्निहोत्र यज्ञ आपके किराये के घर में शांति लेकर आएगा.
  • घर में गणेश जी की फोटो भी रखें.
  • अगर साउथ-वेस्ट कटा हुआ है, वहां नकारात्मक ऊर्जा है या परिवार में कलह है तो पितृशांति, पिंडदान, नागबलि, नारायण बलि की भी सलाह दी जाती है.
  • मेन गेट से घर में एंट्री करते वक्त सबसे पहली चीज जो आप देखते हैं वह खाली दीवार नहीं होनी चाहिए. इसे ठीक करने के लिए गणेश जी की पेंटिंग या श्री यंत्र का चिह्न लगाएं. इससे एंट्रेंस कॉरिडोर में एनर्जी फ्लो सही होगा.
  • घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में भारी फर्नीचर, जैसे बिस्तर और बड़ी अलमारी रखें.

 

वास्तु से कौन प्रभावित होगा: किरायेदार या मकानमालिक?

एक सवाल यह भी रहता है कि वास्तु दोषों से कौन प्रभावित होगा- मालिक या किरायेदार. विशेषज्ञों की इस विषय पर राय अलग है. वास्तु के कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तु का पालन न करने के कारण वास्तविक उपयोगकर्ता ज्यादा प्रभावित होता है, हालांकि मालिक भी कुछ हद तक पीड़ित होता है. अन्य मानते हैं कि वास्तु के अच्छे और बुरे प्रभाव केवल उसी शख्स पर असर डालते हैं, जो उस घर में रहता है, भले ही घर किराये पर हो, मालिक खुद रहता हो या किसी और के नाम पर हो. अगर घर का मालिक अपना घर छोड़कर किसी और घर में शिफ्ट होता है तो उसके घर का वास्तु उस पर असर नहीं डालेगा. किसी भी तरह से, एक किरायेदार के रूप में, विशेषज्ञों का कहना है कि घर में शिफ्ट होने से पहले वास्तु मानदंडों का पालन करना बेहतर है, क्योंकि यह आपके अनुसार असर करेगा.

ये भी देखें: घर में सकारात्मक ऊर्जा के लिए वास्तु टिप्स

 

किराये के घर से नकारात्मक ऊर्जा को कैसे दूर करें?

लगातार हो रहे झगड़े, अवसरों का खोना, बार-बार मिल रही हार, मृत्यु और स्वास्थ्य को लेकर लंबे समय से चली आ रही बीमारियों को घर में नकारात्मक ऊर्जा का संकेत माना जाता है. डॉक्टरी चिकित्सा तो अपना काम करेगी ही लेकिन आपके घर को भी वास्तु दोषों से छुटकारा मिलना जरूरी है. ऐसा करने के बाद, सुनिश्चित करें कि आपका घर साफ और अव्यवस्थित है. इसके अतिरिक्त, सभी इस्तेमाल न होने वाली, क्षतिग्रस्त, टूटी-फूटी वस्तुओं को हटा दें जो आपके घर में नकारात्मक और स्थिर ऊर्जा पैदा कर रही हैं.

 

किराये के घर के लिए वास्तु: सकारात्मकता को कैसे आकर्षित करें

  • घर की उत्तर-पूर्व दिशा में आंगन में एक मिनी-फव्वारा लगाएं क्योंकि यह सकारात्मक ऊर्जा, शक्ति और समृद्धि के प्रवाह का प्रतीक है.
  • हर शाम तुलसी के पौधे या साफ पानी के बर्तन के पास एक दीया जलाएं. इससे घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर रखने में मदद मिलेगी.
  • जैसे ही आप अपने नए घर में जाते हैं, सुनिश्चित करें कि आप पहले पूजा का कोना सेट करें और फिर बाकी सेटिंग्स करें. पूजा का यह कोना एक छोटा शेल्फ या एक बिल्ड-इन कैबिनेट भी हो सकता है.

 

पूछे जाने वाले सवाल

किराये के घर में वास्तु दोषों का असर किस पर पड़ेगा- मालिक या किरायेदार?

कुछ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि वास्तु दोषों का ज्यादा असर असली उपयोगकर्ता पर पड़ेगा. हालांकि कुछ हद तक मकानमालिक भी चपेट में आएगा.

किराये के घर में मेन डोर किस दिशा में होना चाहिए?

किराये का घर लेते वक्त मेन एंट्रेंस सबसे अहम पहलू है. सर्वश्रेष्ठ एंट्री है नॉर्थ ईस्ट, फिर नॉर्थ वेस्ट, ईस्ट, नॉर्थ और वेस्ट.

क्या किराये के घर में मेन डोर साउथ-ईस्ट में हो सकता है?

हो सके तो साउथ, साउथ ईस्ट और साउथ वेस्ट में मेन डोर वाले घरों को नजरअंदाज करें.

(स्नेहा शेरोन मैमन के इनपुट्स के साथ)

 

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