कोरोना वायरस: रोजाना छुए जाने वाली जगहों के सैनिटाइजेशन से जुड़े आम मिथ


क्या आप साबुन और पानी से सब्जियां धो रहे हैं? क्या हायड्रोजन पेरॉक्साइड से सतह को साफ कर रहे हैं? भले ही आप खुद को कोरोना वायरस से बचा रहे हों लेकिन आप खतरनाक कैमिकल्स के संपर्क में आ रहे हैं, जिससे जठरांत्र संक्रमण (Gastrointestinal infection) हो सकता है. खुद को अवैज्ञानिक तरीकों के जाल में फंसने से कैसे रोकें, जानिए मेडिकल एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं.

Table of Contents

भारत कोरोना वायरस की दूसरी लहर की मार झेल रहा है. अधिकतर भारतीय राज्यों में लॉकडाउन लगाया जा चुका है. ऐसे में हर कोई कोरोना की दूसरी लहर को रोकने की हर संभव कोशिश में लगा है. हालांकि कोरोना की वैक्सीन लगनी शुरू हो गई है लेकिन फिर भी घर में भी साफ-सफाई बरतनी जरूरी है. कोरोना वायरस दूषित सतहों से फैलता है या नहीं इसको लेकर कई तरह की बहस छिड़ी हुई हैं. हालांकि, बुद्धिमानी इसी में है कि हर समय स्वच्छता बनाए रखें.

हर शख्स इन दिनों कोविड-19 से दूर रहने की कोशिश कर रहा है. लेकिन उन सतहों का क्या, जिन्हें हम हर रोज छूते हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर आप खांसते हैं और सतह पर बूंदें गिर जाती हैं, जो इससे कोरोना वायरस फैल सकता है. हाउसिंग डॉट कॉम ने AIIMS भुवनेश्वर के सेंट्रल कोलफील्ड लिमिटेड और एक्स रेजीडेंस, सीनियर मेडिकल अफसर डॉ गौरव सिंह से बात की और उन्होंने कुछ टिप्स बताए.

डॉ सिंह ने कहा, ‘यह समझना जरूरी है कि कच्ची सब्जियों, दूध के पैकेट और रोजाना छुए जाने वाली जगहों को सिर्फ कोरोना वायरस की वजह से ही सैनिटाइज करना जरूरी नहीं है. कुछ लोगों ने डिटर्जेंट पाउडर और पानी से कच्ची सब्जियों को धोना शुरू कर दिया है. ऐसी तकनीकों के साथ समस्या यह है कि साबुन या डिटर्जेंट के कारण संदूषण को रोकना लगभग असंभव है. ऐसे अवैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल करने से जठरांत्र संक्रमण हो सकता है.’

कोविड-19 के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए बुनियादी स्वच्छता के तरीकों का ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए, चाहे महामारी हो या नहीं.

वायरस प्रोटीन, न्यूक्लिक एसिड, लिपिड और कार्बोहाइड्रेट के संयोजन है और इसे पनपने के लिए जीवित कोशिकाओं की जरूरत होती है. लिहाजा आपके शरीर के बाहर कोरोना वायरस ‘मृत’ समान है. यह सतह को कुछ नहीं करेगा लेकिन अगर आप दूषित सतह को छुएंगे तो यह आपको प्रभावित कर सकता है. कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन, जिसे VUI-202012/01 कहा जा रहा है, वह 70 प्रतिशत ज्यादा फैल रहा है, इसलिए हर किसी को बहुत ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है.

भारत में कोरोना वायरस: ताजा आंकड़े

कुल मामलेठीक हुए लोगमौतेंफिलहाल संक्रमित
29,274,82327,790, 0733630971,131, 374

ये आंकड़े 11 जून 2021 तक के हैं, जो वर्ल्डओमीटर से लिए गए हैं.

कोरोना वायरस से खुद और अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए डॉ सिंह के बताए गए इन आसान और असरदार टिप्स को फॉलो करें.

कैसे कच्चे खाने और सब्जियों को सैनिटाइज करें?

वायरस खाने पर पैदा नहीं होता लेकिन कच्ची सब्जियां इसे फैलाने में मदद कर सकती हैं. क्या आप जानते हैं कि हेपेटाइटिस ए को सूखे टमाटर, सलाद और रसभरी से जोड़ा गया था? एक संक्रमित शख्स खाने को भी दूषित कर वायरस को आगे बढ़ा सकता है.

अगर सीफूड किसी संक्रमित व्यक्ति के मल के संपर्क में आता है तो आपको नुकसान भी पहुंचा सकता है. बैक्टीरिया या फंगस की तुलना में वायरस के कैमिकल ट्रीटमेंट के लिए एक उच्च प्रतिरोध है. तो आपको संदूषण को कैसे रोकना चाहिए?

-गर्म पानी या नमक मिले गर्म पानी में कच्ची सब्जियों को धोएं.

-आप पीने योग्य पानी से कई बार सब्जियों को धो सकते हैं.

-पोटेशियम परमैगनेट/हायड्रोजन पेरॉक्साइड कई घरों में इस्तेमाल किया जाता है लेकिन यह वायरस से ज्यादा बैक्टीरिया को रोकने में असरदार है.

-अगर आप कच्ची सब्जियों को साफ करने के लिए साबुन और पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि सतह पर साबुन के अवशेष भी अच्छी तरह से साफ किए गए हैं. ऐसे दाग और साबुन के कणों को धोना मुश्किल है. साबुन के दाग अक्सर प्लेटों पर दिखाई देते हैं, भले ही आप उन्हें धो लें. सब्जियों को लेकर भी यही सच है. वास्तव में, सब्जियों की सतह से साबुन निकालना ज्यादा मुश्किल है.

-अब कच्चे भोजन/सलाद खाने से बचना सबसे अच्छा है. पका हुआ खाना संक्रमण के खतरे को कम करता है. सुनिश्चित करें कि भोजन ठीक से पकाया गया है. अगर आप सलाद में कच्ची सब्जियों का इस्तेमाल करते हैं, तो अधिक देखभाल के साथ इन्हें साफ करें.

-जब आप सब्जी खरीद या उन्हें संभाल रहे हैं तो हो सकता है आप दस्ताने पहनना चाहते हों. लेकिन घर आने के बाद इन दस्तानों को धो जरूर लें.

-ज्यादातर घरों में सहायक और रसोइए होते हैं, जो हर रोज हमारी मदद करते हैं. स्वच्छता को लेकर पूरी तरह से संतुष्ट होने के लिए खुद सफाई करें या फिर ऐसा करने के लिए अपने घरेलू सहायकों से कहें.

खाद्य सुरक्षा से जुड़े इन उपायों पर विचार करें

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के मुताबिक आपको इन गाइडलाइंस का पालन करना है:

-बाहर से खरीदे गए खाने के पैकेट को दूर रखें. इसे सीधे रेफ्रिजरेटर में रखने से बचें.

– फलों और सब्जियों को साफ करने के लिए पीने योग्य पानी ही पर्याप्त है. अगर उपलब्ध हो तो आप क्लोरीन के 50 पीपीएम ड्रॉप का इस्तेमाल कर सकते हैं.

– फलों और सब्जियों को साबुन, कीटाणुनाशक या क्लीनिंग प्रोडक्ट्स से ना पोछें.

– धुले हुए खाने को अपने घर में कहीं भी नहीं रख देना चाहिए.  इसे एक खास जगह पर रखें, ताकि यह किसी अन्य रोजाना छुए जाने वाली सतह पर रहने से दूषित न हो.

– एल्कोहॉल बेस्ड सॉल्यूशन या फिर साबुन के जरिए आप पैकेट्स को साफ कर सकते हैं.

– फूड प्रोडक्ट्स को साफ करने के लिए सिंक को कीटाणुरहित करें.

 दूध के पैकेट्स को कैसे सैनिटाइज करें?

ऐसे पैकेट्स को साफ करने के लिए गर्म पानी और साबुन सर्वश्रेष्ठ विकल्प है. पैकेट को बिना साफ किए न तो उसे फ्रिज में रखें और न ही दूध को बर्तन में डालें.

कोविड-19 से बचाव के उपाय

-अपने हाथों को नियमित तौर पर धोते रहें.

-आम तौर पर छुए जाने वाली चीजें जैसे गेट के हैंडल, टेलीफोन, मोबाइल, टीवी, रिमोट, स्विच इत्यादि को नियमित रूप से साफ/सैनिटाइज करते रहें.

-सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करें और घर के अंदर ही रहें.

-अपनी घरेलू सहायिका और जो भी घर में काम करते हैं, उन्हें कोरोना वायरस के खतरे को लेकर आगाह करें और बताएं कि बचाव के लिए वे किन बातों का ध्यान रखें.

फोन को कैसे सैनिटाइज करें?

फोन एक ऐसी चीज है, जो हर किसी के पास है. ऐसा भी हो सकता है कि आप फोन को किसी दुकान के काउंटर या सब्जी के ठेले पर रख दें. ऐसा भी मुमकिन है कि आपने उसे किसी कारणवश किसी को दे दिया हो या फिर पब्लिक स्पेस में लंबे समय तक बात की हो. इसलिए अपने फोन को सैनिटाइज करना बहुत जरूरी है. इसके लिए आप गैर-अपघर्षक कीटाणुनाशक (non-abrasive disinfectant) का इस्तेमाल कर सकते हैं.  नरम या फाहा मुक्त कपड़े से फोन को उस वक्त साफ करें, जब वह प्लग में न लगा हो. अपघर्षक क्लीनर का उपयोग न करें. वह स्क्रीन को नुकसान पहुंचाएगा. आपकी फोन कंपनी ने भी गाइडलाइंस जारी की होंगी कि आप किस कीटाणुनाशक से फोन को साफ कर सकते हैं. यदि आप उलझन में हैं, तो बस सतह को साफ करने के लिए मामूली गीले पोछे का इस्तेमाल करें. अगर कहीं बाहर से आ रहे हैं तो अपने फोन को घर के किसी अन्य सदस्य को न दें खासकर छोटे बच्चों को. दूसरे लोग आपके फोन का इस्तेमाल तभी करें, जब आप उसे कीटाणुरहित कर लें.

मास्क को कैसे सैनिटाइज करें?

मास्क अब आपकी अलमारी का एक हिस्सा बन सकता है, क्योंकि मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि जो भी लोग बाहर जा रहे हैं, उन्हें इसका इस्तेमाल करना चाहिए. अधिकतर मास्क ऐसे मटीरियल से नहीं बने होते, जो लंबा चलें, अगर आप उन्हें लगातार धोते और सैनिटाइज करते हैं. अगर आप 2 साल से कम उम्र के बच्चे को मास्क दे रहे हैं तो सुनिश्चित करें कि वे घुटन महसूस न करें. आइए आपको नीचे कुछ टिप्स बताते हैं.

जब भी आप अपने मास्क को छूते हैं या इसे हटाते हैं, तो अपने हाथों को धोएं.

-अपना मास्क दूसरों को न तो इस्तेमाल करने दें ना ही छूने दें.

-अगर घर में बना मास्क इस्तेमाल कर रहे हैं तो पहनकर फट जाने वाले पुराने फैब्रिक को यूज ना करें. इसके लिए मोटे फैब्रिक का इस्तेमाल करें.

-याद रखें कि खांसी या छींक आने पर घर में बने मास्क को न केवल आपकी रक्षा करनी चाहिए बल्कि दूसरों की सुरक्षा के लिए भी पर्याप्त प्रभावी होना चाहिए.

-अगर आप एन-95 या सर्जिकल मास्क इस्तेमाल कर रहे हैं तो एक्सपर्ट्स के मुताबिक उन्हें धोने की बजाय सात दिनों के लिए हवा में सुखाया जाना चाहिए.

-एल्कोहॉल, ब्लीच, सख्त साबुन या डिटर्जेंट या इस्तेमाल न करें. वे मास्क को खराब और उसे प्रभावहीन कर सकते हैं.

कूड़े और बेकार चीजों को कैसे हैंडल करें?

शहर की म्युनिसिपल कॉरपोरेशन या फिर कूड़े का निपटारा करने वाले निजी हेल्पर्स गीले या सूखे कूड़े को लेकर आपकी मदद करते हैं. इस दौरान आपको कूड़ेदान दूसरे शख्स को देना होता है और फिर वह उसे आपको वापस दे देता है. इस तरह कई बार कूड़ेदान का आदान-प्रदान होता है. तो ऐसे में आपको क्या करना चाहिए?

-बेहतर होगा कि आप कूड़े का बैग इस्तेमाल करें, ताकि कूड़ा सीधे कूड़ेदान में न जाए.

-जब कूड़ेवाला आए तो उसे सिर्फ वो बैग दें, पूरा कूड़ेदान नहीं.

-हर दो से तीन दिन बाद अपने कूड़ेदान को कीटाणुनाशक से साफ करें. अगर कोई बाहरी (म्युनिसिपल कॉरपोरेशन का हेल्पर या कोई अन्य) उसे छूता है तो रोजाना सैनिटाइज करें.

-अगर मुमकिन हो तो हर दिन कुछ वक्त के लिए कूड़ेदान को सूरज की रोशनी में रखें. कूड़ेदान को धोने के बाद उसे खुद-ब-खुद सूखने के लिए छोड़ दें.

-बच्चों की पहुंच से कूड़ेदान को दूर रखें.

-अगर आप कूड़ेदान में ऐसी चीजें फेंक रहे हैं, जिनसे संदूषण हो सकता है तो कूड़ेदान को ऐसी जगह से दूर रखें, जिसे बार-बार छुआ जाता हो.

-कूड़े को निष्पादित करते वक्त ग्लव्स पहनें.

दरवाजों, नॉब और अन्य सतहों को कैसे साफ करें?

दरवाजे, दरवाज़े के नॉब, टेबल टॉप, नल और रोजाना इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुओं तो सैनिटाइज करना बेहद जरूरी है, खासकर अगर आप या आपके परिवार के सदस्य काम करने के लिए बाहर जा रहे हैं. दरवाजों और नॉब्स को हर दिन सैनिटाइज करें क्योंकि ये सबसे प्रभावित क्षेत्र होते हैं, जिन्हें कई लोग छूते हैं-जैसे परिवार के लोग, वेंडर्स, मेहमान, कुरियर डिलिवरी इत्यादि. हालांकि आप हर किसी से तो नियमों का पालन नहीं करा सकते लेकिन कुछ तरीके अपनाकर परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं.

-सतहों को साफ करने के लिए एक माइक्रोफ़ाइबर कपड़े और कीटाणुनाशक स्प्रे का इस्तेमाल करें. आप सैनिटाइज़ करने के लिए एक साधारण साबुन और पानी के घोल का भी उपयोग कर सकते हैं.

-इन सतहों पर काम करते वक्त ग्लव्ज का इस्तेमाल करें.

-क्लीनिंग करते वक्त चेहरे को न छुएं.

-अगर आपको किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा छुई गईं सतहों को साफ करने के लिए समय नहीं मिल पा रहा है, तो एक कीटाणुनाशक स्प्रे का इस्तेमाल करें.

थर्मामीटर को कैसे सैनिटाइज करें?

अगर आपके घर में कोविड-19 मरीज है तो थर्मामीटर और अन्य मेडिकल सामान अलग रखना जरूरी है. हालांकि उसे हर इस्तेमाल के बाद सैनिटाइज करना जरूरी है. आइए आपको बताते हैं कि थर्मामीटर को कैसे सैनिटाइज करें.

-थर्मामीटर को ठंडे पानी से साफ करें.

-एल्होहॉल आधारित वाइप्स से थर्मामीटर को साफ करें, जिसमें कम से कम 70 प्रतिशत एल्कोहॉल हो. आप इस पर एल्कोहॉल भी मल सकते हैं.

-अल्कोहल को धोने के लिए थर्मामीटर को फिर से धो लें.

-किसी नरम कपड़े से इसे पोंछ लें.

हर इस्तेमाल के बाद इस प्रक्रिया को दोहराना है. आप थर्मामीटर को साफ करने के लिए एल्कोहॉल की जगह एंटीबैक्टीरियल लिक्विड साबुन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. किसी भी स्थिति में इस थर्मामीटर को नॉन कोविड पेशेंट को इस्तेमाल नहीं करना है.

ऑक्सीमीटर को कैसे सैनिटाइज करें?

-एक मुलायम कपड़े को 10% ब्लीच क्लीनिंग सॉल्यूशन से गीला करें या फिर 10% ब्लीच युक्त कीटाणुनाशक वाइप्स का इस्तेमाल करें.

-अपने डिवाइस पर ना तो घोल डालें और ना ही स्प्रे करें.

-ऑक्सीमीटर की सभी सतहों को पोंछ दें.

-फिंगर क्लिप के अंदरूनी हिस्से को साफ करने के लिए ऑक्सीमीटर को धीरे से खोलें और अंदर की सभी सतहों को पोंछ लें. ऑक्सीमीटर को पूरी तरह से न खोलें क्योंकि इससे उपकरण खराब हो सकता है.

-अगले इस्तेमाल से पहले ऑक्सीमीटर को हवा में सूखने दें या एक साफ और मुलायम कपड़े से सुखाएं.

घर पर कपड़े कैसे धोएं और कैसे सुखाएं?

अगर आपके यहां हर कोई स्वस्थ है और सारे लोग घर पर हैं तो पुराने या सामान्य तरीके से ऐसा करने में कोई नुकसान नहीं है. अगर आपके परिवार में कोई शख्स काम के लिए बाहर जा रहा है, बच्चे डे केयर में जा रहे हैं या फिर आप अन्य परिवारों से मिल रहे हैं और बाहरी लोगों के संपर्क में हैं, तो आपको अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है. कपड़ों को अलग-अलग धोएं. सलाह दी जाती है कि ऐसे कपड़ों को मशीन में लॉन्ड्री डिटर्जेंट के साथ 60-90 डिग्री पर धोएं. इन कपड़ों को पकड़ने के बाद हाथ धोना न भूलें

क्या अखबारों से फैलता है कोरोना वायरस?

द वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, ‘एक संक्रमित व्यक्ति द्वारा कमर्शियल चीजों को दूषित करने की संभावना कम है और ले जाए गए पैकेज के जरिए वायरस से कोविड 19 होने का जोखिम विभिन्न परिस्थितियों और तापमान में कम हो जाता है’. जिस तरीके से न्यूजपेपर छपते और प्रोसेस्ड होते हैं, वे उससे निष्फल हो जाते हैं. यही वजह है कि अधिकतर सड़कों पर जो ठेले वाले खड़े होते हैं, वे आपको अखबारों में खाना देते हैं. लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि ये पूरी तरह सुरक्षित हैं. अगर आप चिंतित हैं तो अस्थायी तौर पर अखबार लेना बंद कर ऑनलाइन ही न्यूजपेपर पढ़ लें. प्रिंटिंग प्रेस से लेकर डिस्ट्रिब्यूशन सेंटर तक न्यूजपेपर एक बड़ी यात्रा करता है. इसलिए कुछ दिनों के लिए न्यूजपेपर को बंद करना आसान है.

करंसी नोट्स को कैसे सैनिटाइज करें?

नोटबंदी के बाद अधिकतर छोटे-बड़े व्यवसायों ने ई-पेमेंट्स का रुख कर लिया है. संक्रमण के इस दौर से कई लोग आसानी से गुजर रहे हैं और कई के लिए इसने मुश्किलें खड़ी कर दी हैं. करंसी नोट्स को कई लोग छूते हैं और ये संक्रमित हो सकते हैं.

-जितना हो सके डिजिटल पेमेंट्स को तरजीह दें.

-अगर आपको करंसी नोट्स का इस्तेमाल करना है तो उसके बाद अपने हाथों को तुरंत धो लें.

-अगर आप मार्केट में हैं, जो सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.

-अगर आपके पास सैनिटाइजर नहीं है तो अपना मुंह और नाक न छुएं.

एजेंट्स से डिलीवरी कैसे लें:

कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच कुरियर्स, पार्सल और डिलीवरी को सावधानीपूर्वक लेना जरूरी है. ज्यादातर कंपनियों ने ग्राहकों को जीरो टच डिलीवरी का आश्वासन दिया है.

-या तो ग्लव्ज या फिर अलग ट्रे में पैकेट को लें.

-जब भी आप किसी ऐसे  शख्स से मिलें, जो बाहर से आया है (सिर्फ डिलीवरी वाला ही नहीं) तो उससे कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें.

-अगर मुमकिन हो तो पैकेट को गर्म पानी से साफ कर लें.

-अगर बॉक्स बड़ा है तो घर के बाहर या बालकनी में ही कूड़ेदान रखें और सामान निकालने के बाद तुरंत ही पैकेज को उसमें डाल दें.

– जहां तक मुमकिन हो, डिलीवरी बॉय से कहें कि सामान को गेट पर ही छोड़ दे.

-अगर छुआ है तो गेट के हैंडल को भी साफ करें.

पैक्ड फूड को कैसे संभालें?

आपमें से कई ऐसे हैं, जो बाहर से खाना ऑर्डर कर रहे हैं या फिर रेडी टू ईट पैकेट ले रहे हैं. उदाहरण के तौर पर ब्रेड के पैकेट. ऐसी चीजों को आपको कैसे संभालना चाहिए?

-कुछ मामलों में सतह को साफ करना मुमकिन नहीं होता. सामान को किसी कंटेनर या स्टोरेज बॉक्स में डालें. ब्रेड को ब्रेड बॉक्स में रखें.

-दालें और अन्य वस्तुओं को भी कंटेनर में रखें. लेकिन उसके पैकेट को पहले साबुन और पानी से धो लें.

-पैकेट के अंदर के सामान को छूने से पहले अपने हाथों को साफ करें.

-सारे खाली पैकेट्स को कूड़ेदान में डाल दें और सुनिश्चित करें कि कूड़ेदान बच्चों की पहुंच से बाहर है.

क्या कोरोनावायरस कपड़े और जूतों के जरिए फैल सकता है?  

क्या कहीं से लौटकर आने के बाद आपको कपड़े बदलने चाहिए या नहीं, ये सवाल कई बार आपके मन में आता होगा. अब तक ऐसा कोई केस सामने नहीं आया है, जिससे पता चले कि कोरोना वायरस कपड़ों और जूतों से फैलता हो. लेकिन यह मामला पर्सनल हायजीन का है कि आप कहीं बाहर से आएं हैं तो अपने कपड़े बदलें और जूतों को दूर रख दें. ऐसा इसलिए क्योंकि आपको नहीं मालूम कि बाहर आप किसके संपर्क में आए हैं- वह कोई हेल्थवर्कर हो सकता है, जो हाई रिस्क वाली जगह पर काम करता हो या फिर कोरोना वायरस से पीड़ित बिना लक्षणों वाला शख्स.

अगर आपने सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन की है तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है और न ही घर आने के तुरंत बाद कपड़ों को धोने की. लेकिन अगर आप अनिश्चित हैं तो कपड़े बदलना अच्छा आइडिया है.

मेडिसिन स्ट्रिप्स को सैनिटाइज कैसे करें?

पैकेजिंग, खरीद, वितरण से लेकर दुकान और फिर ग्राहक, मेडिकल स्ट्रिप्स कई हाथों से होकर गुजरती हैं. इस पर काम करने वाले सैनिटाइटर्स का कोई सबूत नहीं है, लेकिन आप इसे खोलने या उपभोग करने से पहले कुछ घंटों के लिए उन्हें हमेशा अलग रख सकते हैं। इससे COVID-19 को रोकने में मदद मिलेगी.

आसपास की जगहों को कैसे करें कीटाणुरहित?

मार्केट ऐसे प्रॉडक्ट्स से भरा पड़ा है, जो कोरोना वायरस को दूर रखने में मदद कर सकते हैं. जो कैमिकल्स घर और परिसर को स्वच्छ रखने में मदद करते हैं, उनमें क्लोरीन डाइऑक्साइड, साइट्रिक एसिड, इथेनॉल, एथिल अल्कोहल, ग्लाइकोलिक एसिड, हाइड्रोक्लोरिक एसिड, हाइड्रोजन पेरोक्साइड, आयोडीन, आइसोप्रोपिल अल्कोहल, लैक्टिक एसिड, फेनोलिक, सोडियम क्लोराइड, क्वाटरनरी अमोनियम, थायमोल, आदि शामिल हैं. इसके अलावा मार्केट में कई प्रोडक्ट्स उपलब्ध हैं जैसे वाइप्स, मिस्ट्स, सैनिटाइजर्स, लिक्विड हैंड वॉश, सॉल्यूशन्स इत्यादि. इन प्रोडक्ट्स को कुकिंग गैस के पास इस्तेमाल न करें क्योंकि ये ज्वलनशील हो सकते हैं.

क्विक टिप्स:

-एक माइक्रोफाइबर कपड़े का इस्तेमाल करें और इसे गर्म पानी में किसी क्लीनिंग सॉल्यूशन के साथ मिलाकर गीला कर दें, ताकि दरवाजे की कुंडी, काउंटरटॉप्स, स्विचबोर्ड और अन्य ऐसी सतहों को साफ कर सकें. अगर आप चाहते हैं तो डेटॉल का इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन गर्म पानी अच्छा विकल्प है.

-इलेक्ट्रॉनिक आइटम के लिए एल्कोहॉल बेस्ड सॉल्यूशन का इस्तेमाल करें. इसमें मोबाइल फोन्स, रिमोट, कीबोर्ड्स, टीवी की सतह, माइक्रोवेव अवन्स इत्यादि आते हैं.

-अगर आपके घर बाहर से कोई नहीं आ रहा है या फिर आप हर वक्त घर के अंदर ही रहते हैं तो संदूषण की ज्यादा चिंता नहीं होनी चाहिए.

-अगर आप इस समय वैक्सीन लगवाने के योग्य हैं. अगर आपकी आयु 45 वर्ष से अधिक है और बीमारियों से पीड़ित हैं या 60 वर्ष से अधिक आयु के हैं, तो तुरंत वैक्सीनेशन के लिए अपॉइंटमेंट बुक कर लीजिए.

कोरोना वायरस से जुड़ी कुछ अफवाहों का सच

जब आप शंका में हों तो फैक्ट्स का सहारा लें न कि अफवाहों का. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कुछ अफवाहों का खंडन किया है, जिसके बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं.

जो दवाई कोविड से जूझ रहे मेरे रिश्तेदार को दी गई थी क्या मुझे भी वही लेनी चाहिए?

खुद से हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन न लें. यह मध्यम लक्षणों वाले रोगियों की भी मदद नहीं करता है. इसके अलावा, कोरोना वायरस एक वायरस है ना कि बैक्टीरिया और एंटीबॉडीज इस वायरस का खात्मा नहीं कर सकती.इसलिए कोई भी दवा लेने से पहले हमेशा अपने डॉक्टरों से संपर्क में रहें. आपके स्वास्थ्य, लाइफस्टाइल और इम्युनिटी को देखते हुए दवाइयां अलग हो सकती हैं.

क्या सार्वजनिक पार्क में कसरत करते वक्त क्या मुझे मास्क लगाना चाहिए?

कसरत करते वक्त मास्क का उपयोग ना करें. सबसे आसान काम, ऐसी जगहों से बचना है जहां आसपास बहुत से लोग हैं और सामाजिक दूरियां एक समस्या बन जाती है.

क्या गंदे जूतों से कोरोना वायरस हो सकता है?

गंदे जूतों से कोरोनावायरस नहीं फैल सकता. हालांकि, जब आप घर आते हैं, तो अपने जूते दूर रखना अच्छी आदत है.

क्या मास्क घुटन पैदा कर सकता है?

मास्क पहनना असहज हो सकता है. हालांकि ना तो इससे कार्बन डाइऑक्साइड की मादकता बढ़ती है और ना ही ऑक्सीजन की कमी होती है. बशर्ते आप सही मास्क इस्तेमाल कर रहे हो.

क्या कोरोना वायरस के कारण मौत हो सकती है?

हां, कोरोना वायरस के कारण मौत होती है. लेकिन लोग ठीक भी हो रहे हैं. एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते आपको सभी सावधानियां बरतनी चाहिए.

क्या शराब से कोरोना वायरस ठीक हो सकता है?

शराब कोविड-19 के लिए कोई दवा नहीं है.

क्या थर्मल स्कैनर्स कोरोना वायरस का पता लगा सकते हैं?

थर्मल स्कैनर्स बहुत ज्यादा कारगर नहीं हैं और वे कोरोना वायरस का पता नहीं लगा सकते.

क्या काली मिर्च-लहसुन कोरोना वायरस का खात्मा कर सकती है?

अगर आप काली मिर्चा और लहसुन अपने खाने में इस्तेमाल कर रहे हैं तो यह आपके पाचन के लिए ठीक है लेकिन ये आपका कोरोना वायरस से बचाव नहीं कर सकते.

क्या मच्छर के काटने से मैं कोरोना संक्रमित हो जाऊंगा?

मक्खी-मच्छर के काटने से कोरोना वायरस नहीं फैलता.

क्या ब्लीच कोरोना को मार सकता है?

खुद पर या कपड़ों पर ब्लीच छिड़कने से कोरोना वायरस से नहीं बच सकते.

क्या सूरज के संपर्क में आने से कोरोना वायरस को रोका जा सकता है?

सूर्य के संपर्क में आने से आपको विटामिन-डी खूब मिलेगा लेकिन गर्म मौसम कोरोना वायरस को ‘मार’ देगा, यह एक मिथ है. इसी तरह गर्म पानी से नहाना शरीर के लिए अच्छा है लेकिन यह गारंटी नहीं है कि इससे कोरोना वायरस दूर भाग ही जाएगा.

क्या कोविड पॉजिटिव पेशेंट्स ठीक हो सकते हैं?

कोरोना वायरस से संक्रमित होकर ठीक होने के बाद आप सामान्य जिंदगी जी सकते हैं.

सवाल-जवाब

कितनी देर तक सतह पर कोरोना वायरस रहता है?

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) गाइडलाइंस कहती हैं कि फिलहाल यह मालूम नहीं है कि सतह पर कोरोना वायरस कितने वक्त तक रहता है. डब्ल्यूएचओ की वेबसाइट के मुताबिक, 'यह कुछ घंटों या कई दिनों तक सतहों पर बना रह सकता है. यह विभिन्न परिस्थितियों में अलग हो सकता है (जैसे, सतह का प्रकार, तापमान या वातावरण की आर्द्रता)'. एक साधारण कीटाणुनाशक भी वायरस से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए काफी है.

क्या हवा से भी फैलता है कोरोना वायरस?

संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से बूंदें किसी फ्लोर या सतह पर गिर सकती हैं. आप ऐसी बूंदों या हवा में सांस लेने से संक्रमित हो सकते हैं जो कोविड-19 पॉजिटिव व्यक्ति के एक दायरे (मीटर) के भीतर है. इसलिए कहा जाता है कि कोरोना वायरस हवा से फैलने वाली बीमारी है लेकिन तथ्यात्मक रूप से नहीं. इसलिए सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है.

Was this article useful?
  • 😃 (2)
  • 😐 (0)
  • 😔 (0)

Comments

comments