साल 2025 तक चालू हो जाएगा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे


केंद्र सरकार ने दिल्ली से देहरादून के बीच एलिवेटेड एक्सप्रेस-वे को मंजूरी दे दी है, जिससे यात्रा का समय 5 घंटे से घटकर 2 घंटे रह जाएगा.

देश की राजधानी दिल्ली को उत्तराखंड के देहरादून से जोड़ने के मकसद से केंद्र सरकार ने इन दो शहरों के बीच एलिवेटेड एक्सप्रेस-वे को मंजूरी दे दी है. एक बार चालू होने के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी 248 किलोमीटर से घटकर 180 किलोमीटर रह जाएगी. इस एलिवेटेड एक्सप्रेस-वे से व्यापार के साथ-साथ पर्यटन भी बढ़ेगा क्योंकि देहरादून उत्तर भारत के कुछ मशहूर हिल स्टेशनों जैसे मसूरी, कनातल, धनौल्टी इत्यादि के पास ही है. इस एक्सप्रेस-वे के अगले तीन से 5 वर्षों में चालू होने की उम्मीद है.

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का नया रूट

प्लान के मुताबिक, यह पूरा रूट एलिवेटेड होगा, सिवाय राजाजी नेशनल पार्क के पास देहरादून के बाहरी हिस्सों में, जहां एक टनल का निर्माण होगा. नया रास्ता उत्तराखंड के गणेशपुर, मोहंद, सहारनपुर के अश्क्रोदी और यूपी के बागपत व लोनी से होकर गुजरेगा. हाईवे का एक हिस्सा उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगा, जिसके लिए भूमि व पर्यावरण संबंधी मंजूरियां लेनी होंगी. इस प्रोजेक्ट को अंजाम नेशनल हाइवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) अंजाम देगा.

रियल एस्टेट पर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का प्रभाव

दिल्ली से देहरादून के बीच फास्ट ट्रैक कनेक्टिविटी होने के बाद शहर का रियल एस्टेट मार्केट, जो खासकर सेकंड होम डेस्टिनेशन है वो और भी आगे बढ़ेगा. शहर अब अपार्टमेंट कल्चर की ओर बढ़ रहा है, जहां पुराने स्वतंत्र घर टाउनशिप साइज प्रोजेक्ट के लिए जगह बना रहे हैं.

देहरादून शहर में ड्रेनेज सिस्टम डिजाइन, ट्रैफिक मैनेजमेंट, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाने के लिए इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) रूड़की ने देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड (DSCL) के साथ एक एमओयू साइन किया है. अर्बन प्लानिंग जिसमें इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्लान, पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम, ट्रैफिक प्लान, एनर्जी सेविंग्स प्लान, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज, वाटर ड्रेनेज प्लान और वाटर हार्वेस्टिंग इत्यादि जैसे पहलू शामिल हैं, इस पर डीएससीएल को आईआईटी रूड़की सर्विसेज और रिसर्च मुहैया कराएगा.

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