कोलकाता में रहते हैं तो एेसे चुकाएं प्रॉपर्टी टैक्स, खुद भी कर सकते हैं कैलकुलेट


प्रॉपर्टी मालिकों को हर साल प्रॉपर्टी टैक्स देना होता है। हर जगह और राज्य के हिसाब से प्रॉपर्टी टैक्स की दरें अलग-अलग होती हैं। आइए आपको बताते हैं कि कोलकाता में प्रॉपर्टी टैक्स भरने के क्या तरीके हैं।
हर साल कोलकातावासी कोलकाता म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (KMC) को प्रॉपर्टी टैक्स चुकाते हैं। प्रॉपर्टी टैक्स से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल निकाय संस्था जरूरी सामाजिक सुविधाएं मुहैया कराने के लिए करती हैं। 15 दिसंबर 2016 को कोलकाता म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (संशोधन) बिल 2016 पास किया गया, ताकि प्रॉपर्टी टैक्स के आकलन और कलेक्शन की पूरी प्रक्रिया को और ज्यादा पारदर्शी बनाया जा सके। इसने केएमसी को कुछ हद तक प्रॉपर्टी टैक्स में इजाफे और कमी को सीमित करने और किसी के प्रॉपर्टी टैक्स के आत्म-मूल्यांकन का अधिकार दिया।

कोलकाता में रिहायशी संपत्ति के प्रॉपर्टी टैक्स की गणना करने का तरीका:

मार्च 2017 में केएमसी ने प्रॉपर्टी टैक्स की गणना करने के लिए नए यूनिट एरिया असेसमेंट (UAA) को पास किया। इससे फायदा यह हुआ कि कोलकाता वासी खुद ही अपने प्रॉपर्टी टैक्स को कैलकुलेट कर सकते हैं। इस वजह से जो समस्याएं पुराने Annual Rateable Value system में आती थीं, वे खत्म हो गईं। यूएए सिस्टम के तहत पूरे कोलकाता को 293 ब्लॉक्स में बांटा गया. हर ब्लॉक में मौजूद इंफ्रास्ट्रक्चर, मार्केट वैल्यू और अन्य सुविधाओं के तहत उन्हें 7 श्रेणियों (A, B, C, D, E, F, G) में बांटा गया। इन सभी श्रेणियों के लिए वार्षिक मूल्य प्रति वर्ग फीट (annual value per sq ft), बेस यूनिट एरिया वैल्यू (BUAV) के रूप में जाना जाता है। कैटिगरी ए के पास सबसे ज्यादा BUAV है और G के पास सबसे कम। इसका मतलब है कि जो संपत्तियां एक ही श्रेणी या ब्लॉक में आती हैं, उन पर समान टैक्स लगाया जाएगा। भुगतान करने वाले को सिर्फ उस इलाके के लिए पैसा चुकाना है, जिसमें वह रहता है, आसपास के इलाके जैसे गार्डन इत्यादि के लिए नहीं।
प्रॉपर्टी टैक्स के आकलन को आसान बनाने के लिए बस्ती, झुग्गी और अन्य पिछले इलाकों को जी श्रेणी में डाल दिया गया, भले ही भौगौलिक लिहाज से वे किसी भी ब्लॉक में आते हों। इसके अलावा सभी मान्यता प्रॉप्त आरआर कॉलोनियां, जिनमें ईडब्ल्यूएस और बीएसयूपी आते हैं, को ई श्रेणी में रखा गया है, चाहे वह भौगौलिक स्थिति के लिहाज से किसी भी ब्लॉक में आते हो। लेकिन इसमें शर्त यह भी है कि ब्लॉक ई श्रेणी से नीचे का न हो। पूरे शहर में फैली रिफ्यूजी पुनर्वास कॉलोनियां और झुग्गी-झोपड़ियों को आरआर कॉलोनियां कहा जाता है।
प्रॉपर्टी टैक्स की कैलकुलेशन एक ही ब्लॉक के घरों में फर्क के गुणात्मक कारकों (MF) की अवधारणा का इस्तेमाल करती है। MF में कई कारकों जैसे प्रॉपर्टी का इस्तेमाल, ब्लॉक में प्रॉपर्टी की स्थिति, प्रॉपर्टी की उम्र, रिहायश की प्रकृति और इमारत का प्रकार को देखा जाता है। इन कारणों से तय किया जाता है कि अलग-अलग संपत्तियों के लिए BUAV घटना है या बढ़ाना।
UAA सिस्टम के तहत सालाना प्रॉपर्टी टैक्स की गणना इस फॉर्म्युले के तहत किया जाता है:
Annual tax = BUAV x Covered space/Land area x Location MF value x Usage MF value x Age MF value x Structure MF value x Occupancy MF value x Rate of tax (including HB tax)
(ध्यान दें: HB टैक्स का मतलब है हावड़ा ब्रिज टैक्स, जो उन संपत्तियों पर लगता है जो खास वॉर्ड्स में आती हैं)
प्रॉपर्टी पर टैक्स कैलकुलेट करने के लिए BUAV और MF वैल्यू आपको केएमसी की वेबसाइट के स्कीम सेक्शन में मिल जाएगी।
कोलकाता म्युनिसिपल कॉरपोरेशन की वेबसाइट है- https://www.kmcgov.in/KMCPortal/jsp/KMCPortalHome1.jsp
यह जरूर देख लें कि सिस्टम में आपका रिकॉर्ड अपडेट हो और आपके अकाउंट में कोई बकाया राशि न बची हो। अगर कुछ मिलता है तो उसे तुरंत सही करें।
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