कोरोना वायरस के कारण चली गई है नौकरी? ऐसे भरें होम लोन की ईएमआई


अगर कोरोना वायरस के कारण किसी की आय स्रोत पर बुरा असर पड़ा है तो नीचे हम कुछ स्टेप्स के बारे में बता रहे हैं, जो घर ग्राहकों के लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं.

कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने कोहराम मचा रखा है. भारत में तो इसकी मार और भी भयानक है. भारत में एक दिन में 4 लाख से ज्यादा मामले और 3 हजार से ज्यादा मौतें हो रही हैं. कोरोना वायरस महामारी ने सुरक्षित रहने के अलावा उन लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर दी है, जिन्होंने लंबी अवधि के कर्ज जैसे होम लोन ले रखे हैं. अगर उनकी नौकरी चली गई तो वे कैसे अपने होम लोन की ईएमआई भरेंगे?

भारत में अधिकतर लोग घर खरीदने के लिए हाउसिंग फाइनेंस पर निर्भर हैं. आरबीआई का डेटा दिखाता है कि 31 जनवरी 2020 तक भारत में 13 लाख करोड़ हाउसिंग लोन बकाया थे. इसका मतलब है कि कोरोना वायरस महामारी के कारण इंसानों और अर्थव्यवस्था पर जो आपदा आई है, उसके कारण काफी ग्राहक काफी दबाव में हैं. कुछ मामलों में मौद्रिक झटका पहले ही लग चुका है. दुनियाभर की कंपनियों खासकर एविएशन सेक्टर में तो लाखों लोगों की नौकरियां गई हैं क्योंकि इस महामारी ने उनके बिजनेस को तबाह कर दिया है.

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी के मुताबिक, कोविड-19 की दूसरी लहर और लॉकडाउन के कारण 75 लाख नौकरियों पर असर पड़ा है और अप्रैल 2021 में बेरोजगारी दर 4 महीने के उच्चतम स्तर यानी 8 प्रतिशत पर पहुंच गई है.

ऐसे में भारत में घर ग्राहकों को क्या करना चाहिए, अगर उनकी आय भी कोरोना वायरस महामारी के कारण प्रभावित हुई है?

पैसा बाजार डॉट काम के होम लोन हेड रतन चौधरी ने कहा, ‘होम लोन खरीदार को अपनी 6 महीने की होम लोन ईएमआई को इमरजेंसी फंड में रख लेना चाहिए. अगर ग्राहक की नौकरी चली जाती है तो वह अपनी ईएमआई जारी रख सकता है.’ लेकिन अगर आप ऐसा नहीं कर पाए हैं तो आपके सामने ये विकल्प हैं:

ईएमआई हॉलिडे के लिए अप्लाई करें

कोविड-19 महामारी के प्रकोप के बाद होम लोन लेने वाले ग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने 27 मार्च 2020 को रेपो रेट में अब तक की सबसे बड़ी कटौती की थी. रेपो रेट 4 प्रतिशत तक पहुंच गई थी. इसके अलावा आरबीआई ने 3 महीने तक के लिए ईएमआई पेमेंट को टालने की अनुमति भी दे दी थी. बेहतर गुंजाइश के लिए आरबीआई ने लोन मोरेटोरियम को कुछ अन्य महीनों तक आगे बढ़ा दिया था. आरबीआई ने बैंकों को मार्च से अगस्त 2020 की अवधि की लॉन्ग टर्म लोन्स की लेट पेमेंट्स को नॉन परफॉर्मिंग में नहीं रखने को कहा था.

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर से मचे कोहराम के बाद रिजर्व बैंक मोरेटोरियम 2.0 का ऐलान करेगा. लेकिन फिलहाल के लिए आरबीआई की राय अलग है. अप्रैल 2021 में आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि ‘फिलहाल’ लोन रीपेमेंट मोरेटोरियम की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि इस स्थिति से जूझने के लिए बिजनेस अच्छी तरह से तैयार थे.

यह स्पष्ट करते हुए कि केंद्रीय बैंक किसी स्थिति के आगे घुटने नहीं टेकेगा, दास ने कहा, “हम निर्णय लेने से पहले स्थिति, इसकी गहराई, गंभीरता और प्रभाव को देखेंगे.”

इस अवसर का सावधानीपूर्वक लाभ उठाएं. सबसे पहले यह ईएमआई हॉलिडे नहीं है. आपको बाद में ब्याज सहित पैसे चुकाने होंगे. आपको सिर्फ आरबीआई की ओर से दो महीने की राहत मिली है. इस लेट पेमेंट को आपकी क्रेडिट हिस्ट्री में डिफॉल्ट नहीं माना जाएगा. इसके अतिरिक्त क्या आपको फायदे दिए जाएं या नहीं यह आपका कर्जदाता तय करेगा साथ ही देरी से भुगतान की गई पेमेंट पर ब्याज लगाया जाएगा, यह भी बैंक के विवेक पर निर्भर करेगा.

मान लीजिए कि आपकी होम लोन ईएमआई 40 हजार रुपये है. नहीं चुकाने पर यह राशि लोन प्रिंसिपल में जुड़ जाएगी. अगले महीने 40 हजार के साथ बकाये कर्ज पर ब्याज की कैलकुलेशन की जाएगी.

चौधरी के मुताबिक, जिन ग्राहकों को नौकरी से निकाल दिया गया है, उनके लिए असल में ये विकल्प असल में विकल्प नहीं है. अगर वे मोहलत को चुनते हैं तो इससे आप को अतिरिक्त ब्याज देना होगा लेकिन उन्हें दो महीने का वक्त भी मिलेगा अन्य स्रोत से पैसे अरेंज करने का या फिर नौकरी बदलने का. इससे उनके क्रेडिट स्कोर पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा.

विच्छेद पैकेज से पैसा:

जून से ग्राहकों को होम लोन की ईएमआई चुकाने के लिए पैसों का इंतजाम करना पड़ेगा. वरना उन्हें परिणाम भुगतने होंगे. डिफॉल्ट उनकी क्रेडिट हिस्ट्री में शामिल हो जाएगा और बैंक हर डिफॉल्ट पर ब्याज के अतिरिक्त पेनाल्टी लगाएगा.

इस वक्त आपको विच्छेद पैकेज का इस्तेमाल कर पेमेंट करनी होगी. यह राशि तकनीकी रूप से आपके जॉब कॉन्ट्रैक्ट के तहत आपकी नोटिस अवधि के रूप में दर्ज महीनों के वेतन के समान होगी.

उदाहरण के लिए, अगर आपके नोटिस की अवधि दो महीने की है, तो आप अपने विच्छेद पैकेज के हिस्से के रूप में कम से कम दो महीने की सैलरी हासिल कर सकते हैं. चूंकि आपके पास यही पैसा है इसलिए समझदारी से इसे खर्च करना होगा.

जब आप इन पैसों का उपयोग होम लोन के भुगतान के लिए करते हैं, तो अगर आपके पास नौकरी नहीं है तो इसी दौरान अन्य विकल्पों को भी देखते रहें.

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और रिकरिंग डिपॉजिट (RD) के पैसे का इस्तेमाल करें

अपनी सेविंग्स को यूज करें: आप अपनी एफडी और आरडी पर ईएमआई के पेमेंट के लिए इस सरल कारण से निर्भर रह सकते हैं कि जो ब्याज आपको फिलहाल इस पर मिल रहा है (SBI FD पर ब्याज 5-6%) वह आपके द्वारा होम लोन (SBI होम लोन की ब्याज दर 8%) पर दिए जाने वाले ब्याज से बहुत कम होगी, लेकिन डिफॉल्ट के मामले में ज्यादा. आप अपनी एफडी और आरडी पर निर्भर करते हुए ईएमआई का भुगतान सरल कारण से कर सकते हैं, जो ब्याज आपको वर्तमान में मिलता है (वर्तमान में, एसबीआई एफडी ब्याज एक साल के कार्यकाल के लिए 5% -5.5% है) वह होम लोन पर आप जितना ब्याज चुकाएंगे (30 लाख रुपये के लोन पर एसबीआई होम लोन की ब्याज दर 6.7 फीसदी है) से कम होगा. डिफॉल्ट के मामले में और अधिक.

चौधरी कहते हैं, ‘जो लोग अपने इमरजेंसी फंड में होम लोन की ईएमआई के लिए प्रावधान करने में नाकाम हो गए हैं, वे अपने मौजूदा इन्वेस्टमेंट्स का इस्तेमाल कर सकते हैं, अगर वे किसी वित्तीय लक्ष्य जैसे रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई इत्यादि से नहीं जुड़े हैं.

प्रॉविडेंट फंड (PF) से निकालें पैसा:

लॉकडाउन 1.0 में श्रम मंत्रालय ने 29 मार्च 2020 को एम्प्यॉइज प्रॉविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) के 60 मिलियन उपभोक्ताओं को अपने रिटायरमेंट सेविंग्स का कुछ हिस्सा निकालने की इजाजत दी थी. उपभोक्ता अपनी सेविंग्स का 75 प्रतिशत हिस्सा या फिर 3 महीने की बेसिक सैलरी व डियरनेस अलाउंस (DA), जो भी कम हो, अपने पीएफ अकाउंट से निकाल सकते हैं. जब तक आपके पास आय का कोई अतिरिक्त स्रोत नहीं होता, आप इस राशि से होम लोन की ईएमआई चुका सकते हैं. इस प्लान की सर्वश्रेष्ठ बात है कि पीएफ की राशि के निकास की अर्जी तीन दिन में पूरी की जाएगी.

तरल संपत्ति:

विभिन्न जगहों पर किए गए निवेश से कैश हासिल करने का यही मौका है. आप गोल्ड और जूलरी को गिरवी रखकर भी होम लोन की ईएमआई के लिए फंड का इंतजाम कर सकते हैं. कोरोना महामारी के दौरान सोने की कीमतें लगातार गिर रही हैं. जो आपने सोच रखा है शायद वो आपको गोल्ड से न मिले. 3 मई 2021 को, 22 कैरेट के एक ग्राम के लिए सोने की दर 4,416 रुपये थी, जो 30 अप्रैल, 2021 से 31 रुपये कम थी.

आप इस मोड़ पर ऑटोमोबाइल, फर्नीचर, गैजेट भी बेच सकते हैं, जिनका फिलहाल इस्तेमाल नहीं हो रहा है. चौधरी कहते हैं, इक्विटी इन्वेस्टमेंट को नहीं छूना चाहिए क्योंकि
इसका मतलब होगा कि कि आपका काल्पनिक नुकसान वास्तविक में तब्दील हो जाएगा.

चौधरी कहते हैं, ‘इक्विटी बाजारों में चल रहे सुधार ने पहले ही अपने पोर्टफोलियो को 30% तक कम कर दिया होगा.’

परिवार और दोस्तों से उधार लें:

जो दोस्त और रिश्तेदार आपको उधार देने की स्थिति में हैं, उनसे पैसे लेना भी एक विकल्प है. इस विकल्प के फायदे हैं:
-इस राशि पर आपको ब्याज नहीं चुकाना पड़ता.
-आपके पास बैंक की तुलना में ज्यादा इच्छुक और कम जांच वाले कर्जदाता होंगे.
-अगर आप तय वक्त पर पैसे नहीं दे पाए तो आप पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा.

जब आप पैसे दोस्तों या रिश्तेदारों से उधार लें तो वक्त पर लौटाएं क्योंकि यहां निजी रिश्ते बिगड़ने का जोखिम है.

इंश्योरेंस पॉलिसी के एवज में लोन

अगर आपको पैसे उधार लेने हैं और आपके निपटान में कोई अन्य विकल्प नहीं है तो आपकी जीवन बीमा पॉलिसी आपकी मदद कर सकती है. आप इंश्योरेंस पॉलिसी के एवज में भी लोन ले सकते हैं. इस तथ्य के अलावा कि आपकी बीमा कंपनी लोन को जल्दी से वितरित करने में सक्षम होगी (उसके पास आपकी सारी जानकारियां हैं), यह लोन तुलनात्मक रूप से सस्ता होगा. इंश्योरेंस पॉलिसी के एवज में लोन पर ब्याज दर भी पर्सनल लोन पाने से सस्ती होगी.

ईएमआई चुकाते वक्त घर खरीदार न करें ये गलतियां:

अपनी जिंदगी के मुश्किल दौर से गुजरते हुए आपको ये काम नहीं करने चाहिए.

कर्जदाताओं को नजरअंदाज न करें: सबसे पहले तो आपको बैंक वालों को बताना चाहिए कि आपकी नौकरी चली गई है. इस समय पर अगर आप उन्हें नजरअंदाज करेंगे तो बदतर स्थिति में पहुंच जाएंगे. लोन की रीफाइनेंस करने को लेकर असली ग्राहकों को बैंक को समझाने में ज्यादा मुश्किल नहीं आएगी. उदाहरण के तौर पर लोन की अवधि बढ़ाने से ईएमआई की राशि कम हो जाएगी.

सैलरी बढ़ने की उम्मीद करें: खराब जॉब मार्केट में नौकरी खोजना दर्दभरी प्रक्रिया हो सकती है. ऐसे जॉब ऑफर को कतई नजरअंदाज न करें, जहां आपको अपने पिछले पैकेज से कम पैसे ही मिल रहे हों. ध्यान रहे कि यह कुछ समय के लिए ही है. जब चीजें सामान्य हो जाएंगी तो आपको अपनी स्किल और प्रोफाइल के मुताबिक नौकरी मिल जाएगी.

सवाल-जवाब

लोन पर आरबीआई द्वारा दी गई मोहलत क्या है?

27 मार्च 2020 को आरबीआई ने बैंकों को यह इजाजत दी कि 1 मार्च से 31 मई 2020 की ईएमआई को स्थगित कर दिया जाए और इसे डिफॉल्ट की श्रेणी में न रखा जाए. हालांकि लोन लेने वालों को इस अवधि का ब्याज देना होगा.

क्या मैं होम लोन का भुगतान प्रोविडेंट फंड के जरिए कर सकता हूं?

कोई शख्स अपने प्रोविडेंट फंड अकाउंट से EPFO के नियमों के मुताबिक होम लोन के भुगतान के लिए फंड निकाल सकता है. लेकिन इस राशि को निकालने से रिटायरमेंट के बाद आपके लिए पैसों की तंगी हो सकती है.

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