क्या कोरोना वायरस RERA में बताया गया ‘Act of God’ हो सकता है?

ऐसे वक्त में जब आर्थिक नुकसान, निर्माण रुकावटें और धीमी बिक्री की आशंका रियल एस्टेट क्षेत्र में नकारात्मक माहौल पैदा कर रही है, सवाल उठता है कि क्या बिजनेस उस हद तक प्रभावित होगा, जिसे RERA में अप्रत्याशित कहा गया है. इसी मुद्दे पर एक्सपर्ट्स ने अपनी बात रखी है.

दुनिया भर में बिजनेस आर्थिक मूल सिद्धांतों के रूप में ज्यादा भावुक हैं. भारत में, अचल संपत्ति यकीनन शेयर बाजार के बाद दूसरा सबसे अधिक भावुक व संवेदनशील व्यवसाय है. इसलिए यह कोई हैरानी की बात नहीं है कि कोरोना वायरस महामारी बिजनेस की भावनाओं को ठेस पहुंचा रही है.

कोरोना वायरस महामारी के समय में भारतीय रियल एस्टेट की जमीनी हकीकत

– जिन नए प्रोजेक्ट्स के लॉन्च का ऐलान किया गया था, उन्हें स्थगित किया जा रहा है.
-सभी प्रोजेक्ट की साइट्स पर सैनिटेशन का काम जारी है.
-वीकेंड्स पर सेल पवेलियन को आयोजित नहीं किया जा रहा है.

कम शब्दों में कहें तो इस क्षेत्र में पहले से ही मौजूद मंदी की  भावनाओं में प्रकोप भी जुड़ गया है. उद्योग जगत से आई कुछ प्रतिक्रियाओं में कहा गया कि सुरक्षित रहना खेद जताने से ज्यादा बेहतर है.

विजय खेतान ग्रुप के डायरेक्टर अनुज खेतान ने कहा, ‘पहले तय किया गया था कि चैनल पार्टनर्स और ब्रोकर्स की मदद से फिजिकल लॉन्च किया जाएगा. लेकिन कोविड-19 की स्थिति और जिम्मेदार कंपनी के तौर पर, हम डिजिटल लॉन्च करेंगे, जहां हम ऑनलाइन ही कस्टमर्स की रिक्वेस्ट और इन्क्वॉयरी मंजूर करेंगे. इसके बाद हम साइट विजिट के लिए कस्टमर्स को समय मुहैया कराएंगे, जहां कोई भीड़ नहीं होगी. इससे हर कस्टमर अपने निर्धारित समय पर एक के बाद एक साइट विजिट करेगा.’

इतना ही नहीं, रियल एस्टेट इंडस्ट्री संस्था CREDAI ने सरकार से कोरोना वायरस को RERA के सेक्शन 6 के तहत अप्रत्याशित घटना घोषित करने को  कहा है. सवाल उठता है कि क्या यह महामारी, भले ही यह निर्माण और बिक्री की रफ्तार को धीमा कर रही हो, इसे अप्रत्याशित घटना कहा जा सकता है?

क्या होती है अप्रत्याशित घटना?

Force majeure या अप्रत्याशित घटना एक फ्रेंच शब्द है, जिसका मतलब है अत्यधिक शक्ति. यह दैवी घटना (Act of God) की संकल्पना से जुड़ा है. इसका मतलब ऐसी घटना, जिसके लिए किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है, जैसे सुनामी या भूकंप. अप्रत्याशित घटना में मानवीय कार्य जैसे युद्ध, सैन्य तनाव, आतंकी हमला, मजदूरों की हड़ताल, लॉकडाउन इत्यादि भी शामिल होते हैं.

क्या कोरोना वायरस महामारी अप्रत्याशित घटना है?

कोरोना वायरस को अप्रत्याशित घटना का नाम देने के लिए सरकार को इसे इमरजेंसी शटडाउन घोषित करना होगा, जो अब तक हुआ नहीं है. इतना ही नहीं, एक इमरजेंसी शटडाउन का आर्थिक प्रभाव भारतीय अर्थव्यवस्था पर कहर बरपाएगा. इस मुद्दे पर जो राय हैं, वो अलग-अलग हैं लेकिन जेएलजे लॉ अफसरों का मानना है कि कानूनी रूप से इसे अप्रत्याशित घटना कहा जा सकता है.

एडवोकेट विवेक जैन एंड मनीष शर्मा लॉ कंपनी के एक आर्टिकल में कहा गया, ‘अप्रत्याशित घटना को बनाने वाले कारण और लोगों द्वारा राहत मांगने के लिए कानून के तहत वह घटना नियंत्रण के बाहर होनी चाहिए. इससे लोगों का काम प्रभावित होना चाहिए और नुकसान की भरपाई के लिए कदम उठाए जाने चाहिए.’ हालांकि, प्रकोप के मद्देनजर CREDAI की मांगों के संबंध में तथ्य यह भी है कि ज्यादातर राज्यों में निर्माण कार्य पूरी तरह से बंद नहीं हुआ है.

कोरोना वायरस के कारण बिक्री में आई गिरावट

डेवेलपर्स का मानना है कि फ्लैट्स की बिक्री में यकीनन गिरावट आई है और खरीदारी को लेकर लोगों के मूड का पता अक्षय तृतीया और नवरात्रि के दौरान ही सामने आएगा. एबीए कॉर्प के डायरेक्टर अमित मोदी ने कहा, ‘कोरोनावायरस के कारण इस समय नए लॉन्च को स्थगित क्यों किया जाए. हां, हमारी बिक्री कई कारणों से धीमी है और कोरोना का डर हमें मंदी की भावना की ओर ले जा रहा है.’

द गार्डियंस रियल एस्टेट एडवाइजरी के चेयरमैन कौशल अग्रवाल मानते हैं कि संक्रमण फैलने के खतरे ने पूरी दुनिया में बिजनेस गतिविधियों को तबाह कर दिया है. शॉर्ट टर्म में रियल एस्टेट पर भी इसका खासा असर दिखेगा. उन्होंने कहा, ‘किफायती और मध्यम आय वाले लोग पिछले कई वर्षों के लिए इस सेक्टर के लिए बेहद अहम रहे हैं. वे भी इसकी वजह से दबाव में आ जाएंगे क्योंकि उनकी कामयाबी अधिकतम वितरण और बिक्री पर निर्भर करेगी.लेकिन यह प्रभाव अस्थायी होगा क्योंकि पूरी दुनिया की सरकारें कदम उठा रही हैं. कोरोना वायरस का असर खत्म होने के बाद स्थिति जल्द या देर से सुधर जाएगी. ‘

सिर्फ आर्थिक नुकसान, निर्माणबंदी और धीमी बिक्री ही सेक्टर में नकारात्मक आशंकाएं पैदा कर रही हैं. इनमें से किसी भी आशंका ने अब तक बिजनेस को उस हद तक प्रभावित नहीं किया है, जिसे अप्रत्याशित घटना कहा जा सके. नए लॉन्च में देरी हो रही है और बिक्री पहल में कटौती की जा रही है. यह देखा जाना चाहिए कि कोरोना वायरस ने किस हद तक घर खरीदारों की भावनाओं और उनकी खरीदने की क्षमता को प्रभावित किया है. आखिर में यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि क्या कोरोना वायरस के प्रकोप को अप्रत्याशित घटना कहा जा सकता है.

सवाल और जवाब

क्या होती है अप्रत्याशित घटना?

Force majeure या अप्रत्याशित घटना. ये एक फ्रेंच शब्द है, जिसका मतलब है अत्यधिक शक्ति. इसे दैवी कारण या एक्ट ऑफ गॉड भी कहा जाता है. इसके लिए किसी भी पक्ष को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता.

क्या कोरोना वायरस फैलने के बाद हाउसिंग प्रोजेक्ट्स पर इसका असर पड़ेगा?

अब तक, व्यवसाय इस हद तक प्रभावित नहीं हुआ है कि कानूनी तौर पर प्रकोप का नतीजा ये हो कि बिल्डर प्रोजेक्ट में देरी को लेकर अप्रत्याशित घटना का हवाला देने लगें.

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