महाराष्ट्र की हाउसिंग सोसाइटीज में सालाना बैठक कराने के ये हैं नियम


महाराष्ट्र के उप-नियमों में एजीएम आयोजित करने के लिए अंतिम तारीख के लिए नियम लिखे हैं। एेसे बिजनेस और बैठकों के लिए कोरम का लेनदेन किया जा सकता है, साथ ही जो सदस्य इसमें शामिल नहीं होते, उन पर जुर्माना लगाया जा सकता है।
हर सोसाइटी को अपने प्रशासन और प्रबंधन के लिए कुछ उप-कानून अपनाने होते हैं। महाराष्ट्र सरकार ने मॉडल उप-कानून मुहैया कराए हैं, जिन्हें बदलाव या बिन बदलावों के सोसाइटीज अपना सकती हैं। इन उप-कानूनों में सोसाइटी की सालाना आम वार्षिक बैठकों (AGM) से संबंधित नियम भी शामिल होते हैं।

एजीएम आयोजित करने की समय सीमा और न्यूनतम नोटिस पीरियड:

महाराष्ट्र में कॉपरेटिव हाउसिंग सोसाइटीज के मॉडल उप-कानूनों के मुताबिक सभी हाउसिंग सोसाइटी को हर साल 30 सितंबर से पहले सालाना आम बैठक आयोजित करानी है। यह हाउसिंग सोसाइटी की कमिटी की जिम्मेदारी है कि तय अवधि में एजीएम आयोजित हो। एजीएम आयोजित कराने का नोटिस सोसाइटी के सेक्रेटरी द्वारा साइन होना चाहिए। सदस्यों को 14 दिनों का नोटिस दिए बिना सोसाइटी की एजीएम आयोजित नहीं की जा सकती। 14 दिनों की गिनती करते वक्त नोटिस जारी करने की तारीख और जिस दिन मीटिंग हुई को गिना नहीं जाएगा। एक बार एजीएम बुलाए जाने के बाद इसे उस वक्त तक अवैध नहीं ठहराया जा सकता, जब तक बैठक की घोषणा करते हुए एक आदेश सहकारी अदालत ने पारित न किया हो।

एजीएम के लिए कोरम:

AGM में बिजनेस आयोजित करने के कानून के मुताबिक इसमें न्यूनतम सदस्य मौजूद होने चाहिए, जिन्हें मीटिंग कोरम कहा जाता है। एजीएम के लिए कोरम गठित करने के लिए कुल सदस्यों में से न्यूनतम दो-तिहाई का होना (अधिकतम 20) जरूरी है। छोटी सोसाइटीज के लिए कई बार कोरम बनाना मुश्किल होता है। बड़ी सोसाइटीज में कुल सदस्यों का छोटा अनुपात भी एक कोरम का निर्माण करता है। अगर तय समय के आधे घंटे के भीतर जरूरी कोरम मौजूद नहीं है तो उसी दिन मीटिंग एक घंटे के लिए स्थगित की जाएगी या एजीएम की मूल तारीख से कोई अगली तिथि तय होगी। यह तारीख मूल तारीख से न तो 7 दिन पहले हो सकती है और न ही 30 दिन बाद। स्थगित मीटिंग में कोरम की जरूरत नहीं है। हालांकि स्थगित बैठक में एक व्यक्ति की उपस्थिति में भी बैठक नहीं होगी। इसलिए स्थगित बैठक में भी कम से कम दो सदस्यों का मौजूद होना जरूरी है।

एजीएम में बिजनेस का लेनदेन:

किसी सोसाइटी की एजीएम का मुख्य मकसद सदस्यों द्वारा सोसाइटी के वार्षिक खातों को अपनाने और मंजूर करने के अलावा सोसाइटी के मामलों की वार्षिक रिपोर्ट हासिल करना है। एजीएम में सोसाइटी के अॉडिटर्स भी नियुक्त किए जाते हैं। इसके साथ ही एजीएम कोई अन्य मुद्दा भी उठा सकती है, चाहे वह नोटिस में शामिल भी न किया गया हो। हालांकि सदस्य एजीएम में नीचे लिखी बातों को बिना नोटिस के नहीं उठा सकते।
-सोसाइटी से सदस्यों का निष्कासन
-सोसाइटी के उप-कानूनों में संशोधन
-सोसाइटी का एकीकरण या विभाजन
-सोसाइटी में प्रॉपर्टी का ट्रांसफर
अगर आम वार्षिक बैठक के एजेंडे में कारोबार का केवल आंशिक रूप से लेनदेन होता है तो मीटिंग सदस्यों द्वारा तय की गई किसी अन्य तारीख तक स्थगित की जा सकती है। यह वास्तविक एजीएम से 30 दिन ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

अगर सदस्य एजीएम में शामिल नहीं होता:

बिना आम संस्था को बताए अगर 5 वर्षों में कोई सदस्य एक भी मीटिंग में शामिल नहीं होता तो वह गैर-सक्रिय सदस्य बन जाएगा। एेसे सदस्य को सोसाइटी से हटाया जा सकता है। इतना ही नहीं गैर-सक्रिय सदस्य के पास एजीएम के बिजनेस में शामिल होने का कोई अधिकार नहीं रहता।
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