जानिए कैसे काम करेगी महाराष्ट्र स्टैंप ड्यूटी की आम माफी योजना, लोगों को होंगे ये बड़े फायदे


महाराष्ट्र सरकार ने अपर्याप्त स्टैंप ड्यूटी पर लगाए जाने वाली पेनाल्टी पर एमनेस्टी स्कीम (आम माफी योजना) का ऐलान किया है. आइए जानते हैं कि इस स्कीम के प्रावधान क्या हैं और इसका फायदा कैसे उठाया जा सकता है.
स्टैंप ड्यूटी राज्य का विषय है और वही इससे जुड़ा कामकाज देखते हैं. महाराष्ट्र सरकार ने 1 मार्च 2019 को एमनेस्टी स्कीम का ऐलान किया था, ताकि अतीत में जो अपर्याप्त स्टैंप ड्यूटी चुकाई गई, उन्हें माफ किया जा सके. यह स्कीम कुछ रियल एस्टेट लेनदेन के लिए उपलब्ध है.
महाराष्ट्र में स्टैंप ड्यूटी और मौजूदा पेनाल्टी प्रावधान: अगर आप किसी अचल संपत्ति का लेनदेन करते हैं चाहे संपत्ति लीज पर हो, बिकने वाली हो या गिरवी हो, उस पर आपको स्टैंप ड्यूटी चुकानी होगी. साथ ही रजिस्ट्रार दफ्तर में डॉक्युमेंट्स भी रजिस्टर कराने होंगे.
अगर पूरी स्टैंप ड्यूटी नहीं चुकाई गई तो किसी भी कानूनी कार्रवाई में दस्तावेज को सबूत के तौर पर माना नहीं जाएगा. इसके अलावा, ऐसे अपर्याप्त रूप से स्टैंप्ड दस्तावेज सबूत के तौर पर पेश करने पर न्यायिक प्रशासन द्वारा जब्त किए जा सकते हैं. मुहर लगे दस्तावेज में किसी भी कमी को सुधारने और इसे सबूत के तौर पर स्वीकार्य बनाने के लिए आपको राशि का भुगतान करना होगा. आपको दस्तावेज के निष्पादन से लेकर बाकी बची स्टैंप ड्यूटी के भुगतान की तारीख तक 2 प्रतिशत की पेनाल्टी भरनी होगी. लेकिन ऐसे मामलों में लगाई जाने वाली स्टैंप ड्यूटी बची हुई राशि के 400 प्रतिशत के पार नहीं होनी चाहिए.

क्या है महाराष्ट्र सरकार की स्टैंप ड्यूटी माफी योजना:

इस स्कीम के तहत कुछ लेनदेन पर पेनाल्टी बची हुई स्टैंप ड्यूटी के 10 प्रतिशत तक लगाए जाने का प्रस्ताव रखा गया है. जबकि आमतौर पर सरकार 400 प्रतिशत पेनाल्टी लगाती है.
इस योजना का फायदा सिर्फ अपर्याप्त रूप से स्टैंप्ड दस्तावेजों के साथ मिल सकता है. अगर ऐसे इंस्ट्रूमेंट के लिए कोई स्टैंप ड्यूटी का भुगतान नहीं किया गया है तो इस स्कीम का फायदा नहीं मिल पाएगा. लेकिन जिन दस्तावेजों का निष्पादन सरकारी कॉरपोरेशन जैसे महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डिवेलपमेंट अथॉरिटी (MHADA), सिटी एंड इंडस्ट्रियल डिवेलपमेंट कॉरपोरेशन ऑफ महाराष्ट्र लिमिटेड (CIDCO) और स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (एसआरए) ने किया है और ऐसे दस्तावेजों पर कोई स्टैंप ड्यूटी नहीं चुकाई गई तो एमनेस्टी योजना का फायदा लिया जा सकता है. यह योजना महाराष्ट्र में आवासीय मकानों की बिक्री और किरायेदारी अधिकारों के ट्रांसफर के सभी लेनदेन पर लागू होती है.
यह हाउसिंग सोसायटी की यूनिट्स में से किसी को आवंटित, ट्रांसफर या बिक्री के लिए इस्तेमाल उपकरण को कवर करता है, जो डीम्ड कन्वेयंस के योग्य हैं या जिसके लिए डीम्ड कन्वेयंस लंबित है. यह सिडको, MHADA या एसआरए की सभी अचल संपत्तियों के आवंटन या ट्रांसफर के लेनदेन पर भी लागू होता है, चाहे वह रिहायशी हो या गैर-रिहायशी.
आप उन सभी मामलों के लिए एमनेस्टी स्कीम का फायदा उठा सकते हैं, जहां पर कमी वाले शुल्क की वसूली की कार्रवाई शुरू की गई है या फिर जो मामले किसी स्टैंप ड्यूटी अथॉरिटी या फिर कोर्ट के सामने हों और उन पर फैसला अब तक नहीं सुनाया गया हो. इस स्कीम के तहत एप्लिकेशन डालने के लिए आपको लंबित पड़ी अर्जी बिना किसी शर्त के वापस लेनी होगी. साथ ही एप्लिकेशन फॉर्म में इसकी घोषणा भी करनी होगी. इस स्कीम का फायदा आप ऐसे दस्तावेजों में भी उठा सकते हैं, जो पूरी तरह स्टैंप्ड नहीं हैं और आप उन्हें नियमित कराना चाहते हैं. आप ऐसे मामलों में भी नई एप्लिकेशन भरकर स्कीम का लाभ ले सकते हैं, जहां पिछली एमनेस्टी स्कीम में एप्लिकेशन फाइल की गई लेकिन स्टैंप ड्यूटी और पेनाल्टी नहीं भरी गई. अगर आपने स्कीम की घोषणा से पहले पेनाल्टी भर दी है तो आम माफी योजना के तहत जुर्माने के रिफंड का दावा नहीं कर सकते. यह स्कीम सिर्फ उन दस्तावेजों पर लागू होगी, जिनका निष्पादन 31 दिसंबर 2018 से पहले किया गया है.
स्टैंप ड्यूटी पेनाल्टी पर कैसे उठाएं एमनेस्टी स्कीम का फायदा: अगर कोई शख्स दस्तावेजों में पार्टी है, प्रॉपर्टी टाइटल में उसका उत्तराधिकारी है या पावर ऑफ अटॉर्नी होल्डर्स है तो वह इस स्कीम का फायदा उठाने योग्य है. अगर आप इस स्कीम के तहत घटी हुई पेनाल्टी का फायदा उठाना चाहते हैं तो आपको फॉर्म ए में एप्लिकेशन देनी होगी. आपको मूल जानकारी के साथ-साथ संपत्ति के दस्तावेज दिखाने होंगे. आपको असली डॉक्युमेंट सब्मिट करना होगा, जिस पर अपर्याप्त स्टैंप ड्यूटी चुकाई गई थी. इसके साथ-साथ अन्य दस्तावेजों की सेल्फ-अटेस्ट कॉपियां भी लगानी होंगी. सपोर्टिंग डॉक्युमेंट्स के अलावा एप्लिकेशन 6 महीने की अवधि यानी 1 मार्च 2019 से लेकर 31 अगस्त 2019 तक बनवानी होगी. स्टैंप ऑफिस में एप्लिकेशन रिसीव होने के बाद अपर्याप्त ड्यूटी की राशि और जुर्माना राशि आपको बता दी जाएगी. 60 दिनों के भीतर आपको वह राशि चुकानी होगी वरना आपकी एप्लिकेशन को रद्द कर दिया जाएगा.

इस स्कीम से किसे फायदा होगा?

इस स्कीम से उन सभी प्रॉपर्टी मालिकों को फायदा होगा, जिन्होंने अपनी मौजूदा प्रॉपर्टी हाउसिंग सोसाइटी में खरीदी है या जिनका निर्माण MHADA, CIDCO या SRA ने किया है. साथ ही इसका अग्रीमेंट मामूली राशि के साथ स्टैंप पेपर पर बना दिया. इसके अलावा ऐसे मामले जहां बिक्री लेनदेन खाली कागज पर उस वक्त तैयार किए गए जब रजिस्ट्रिंग अफसर यह सुनिश्चित करने के लिए किसी भी दायित्व के अधीन नहीं थे कि प्रॉपर्टी टाइटल को ट्रांसफर करने के लिए दस्तावेज पर पर्याप्त स्टैंप ड्यूटी का भुगतान किया गया था. इस स्कीम से मकान मालिक आसानी से संपत्ति बेच पाएंगे क्योंकि अपर्याप्त स्टैंप ड्यूटी का कलंक खुद मिट जाएगा. इससे कई हाउसिंग सोसाइटीज को फायदा पहुंचेगा, जहां कन्वेंस अभी तक नहीं किया गया है और जिस जमीन पर सोसाइटी की इमारत बनी है, उस पर डीम्ड कन्वेंस के तहत सुविधा का फायदा उठाना चाहते हैं. पुरानी हाउसिंग सोसाइटीज के लोगों को भी फायदा मिलेगा, जो रीडिवेलपमेंट चाहते हैं.
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