आपको कितना होम लोन मिलेगा ये इन चीजों से होगा तय


आवेदक को कितना होम लोन मिलेगा इसमें उसकी आय एक बड़ा फैक्टर होती है। आज हम आपको उन फैक्टर्स के बारे में बता रहे हैं, जिससे आप इस राशि को बढ़ा सकते हैं।
आवेदक की होम लोन योग्यता के अलावा कर्जदाताओं के भी अपने मापदंड होते हैं, जिनके जरिए वह मालूम करते हैं कि किसी शख्स को कितना होम लोन देना है।
 

आय:

आवेदक की आय होम लोन योग्यता को मापने का पहला कदम होता है। आमतौर पर कर्जदाता आपकी मासिक आय के 40% से 50% हिस्से को लोन के लिए उपलब्ध मानते हैं। लोन भुगतान के लिए आय का अनुपात उसमें वृद्धि के साथ बढ़ता चला जाता है। इसलिए अगर कोई शख्स ऊंची स्लैब दर में आता है तो कर्जदाता उसकी मासिक आय में ज्यादा प्रतिशत पर विचार कर सकते हैं। लेकिन होम लोन के भुगतान के लिए कितना प्रतिशत लिया जाएगा, यह कर्जदाता पर निर्भर करता है। इसके अलावा सेल्फ एम्प्लॉयड क्लास के मुकाबले नौकरीपेशा लोगों के लिए क्राइटीरिया अलग होगा। सेल्फ एम्प्लॉयड प्रोफेशनल्स जैसे डॉक्टर्स की होम लोन एलिजिबिलिटी के लिए कुछ कर्जदाता सकल रसीदों को देखते हैं टैक्सेबल इनकम को नहीं।
 

कोई मौजूदा लोन:

आपकी होम लोन योग्यता को मापने के लिए कर्जदाता होम लोन की सर्विसिंग के लिए उपलब्ध राशि से आपके मौजूदा लोन पर ईएमआई घटा देगा। नतीजन आपकी होम लोन योग्यता घटी हुई राशि पर निर्भर करेगी। इसलिए अगर आपका कोई मौजूदा लोन है, जहां आउटस्टैंडिंग अमाउंट कम है तो बकाया लोन का पूर्व भुगतान करना आपके लिए सही है क्योंकि इससे आपकी होम लोन की योग्यता में काफी इजाफा हो सकता है। बढ़ी हुई होम लोन योग्यता मौजूदा लोन पर बकाया राशि से काफी ज्यादा होगी।
 

उम्र और नौकरी के बचे हुए साल:

होम लोन आमतौर पर 20 साल की अवधि के लिए दिए जाते हैं। हालांकि आपकी उम्र और नौकरी के बचे हुए साल लोन राशि को प्रतिबंधित कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर आपकी उम्र 40 वर्ष से ज्यादा है और नौकरी के बचे हुए वर्ष 20 साल से कम हैं तो आपकी होम लोन योग्यता उसी के अनुसार घट जाएगी। होम लोन की अवधि तय करते वक्त नौकरीपेशा वालों के लिए 60 वर्ष की रिटायरमेंट उम्र पर विचार किया जाता है, जबकि सेल्फ एम्प्लॉयड लोगों के लिए कर्जदार रिटायरमेंट की उम्र 65 वर्ष मानते हैं।
 

सह-उधारकर्ताओं की उपलब्धता:

अगर आप होम लोन एप्लिकेशन में किसी सह-उधारकर्ता को शामिल करते हैं, जो कर्जदाता द्वारा मान्य हो तो आपकी होम लोन योग्यता राशि बढ़ जाएगी। ईएमआई के भुगतान के लिए उपलब्ध राशि को तय करने के लिए कर्जदाता सभी सह-उधारकर्ताओं की इनकम को जमा करेगा। ध्यान दें कि प्रॉपर्टी के सभी संयुक्त मालिकों को सह-उधारकर्ताओं के तौर पर शामिल करना होगा, चाहे उनकी अलग आय हो। हालांकि अगर कोई शख्स प्रॉपर्टी का सह-मालिक नहीं भी है, तब भी वह सह-उधारकर्ता बन सकता है।
 

होम लोन की अवधि:

आपकी होम लोन की योग्यता सीधे उस कार्यकाल से जुड़ी होती है, जिसे आप चुनते हैं। उसी सरप्लस इनकम के साथ लंबी होम लोन अवधि आपको ज्यादा लोन योग्यता देगी। चूंकि होम लोन पर कोई प्रीपेमेंट पेनाल्टी नहीं होती और कर्जदाता ज्यादातर फ्लोटिंग ब्याज दर के साथ लोन देते हैं, इसलिए लंबी अवधि चुनना ही आपके लिए समझदारी है, क्योंकि ज्यादा योग्यता से बेहतर फ्लेक्सिबिलिटी मिलती है। अगर आपके पास सरप्लस फंड्स हैं तो होम लोन आप कभी भी आंशिक या पूरा चुका सकते हैं।
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