उत्तर दिशा की ओर मुंह वाला घर शुभ साबित हो, अपनाएं ये वास्तु टिप्स


उत्तर दिशा भगवान कुबेर की होती है, जो धन के देवता हैं. जिन घरों का मुंह उत्तर दिशा की ओर होता है, वे काफी फलदायी होते हैं. पूरा घर वास्तु के मुताबिक होना चाहिए और दोषों को दूर किया जाना चाहिए

वास्तु शास्त्र के मुताबिक, ईस्ट, नॉर्थ और नॉर्थ ईस्ट की ओर मुंह वाले घर काफी लाभदायी होते हैं. हालांकि, यह आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा की एंट्री के लिए यह एकमात्र पैमाना नहीं है. उत्तर दिशा धन के देवता कुबेर की होती है और इस तर्क से उत्तर की ओर मुंह वाले घरों को सबसे लोकप्रिय होना चाहिए था. लेकिन उत्तर दिशा की ओर मुंह वाले घरों से फायदे मिले, इसके लिए जरूरी है कि पूरा घर वास्तु के अनुसार हो और दोषों को दूर किया जाए.

 

Vastu tips to ensure your north-facing home is auspicious

 

नॉर्थ फेसिंग हाउस कौन से होते हैं?

जिन घरों में मेन एंट्री उत्तर दिशा की ओर होती है, उसे नॉर्थ फेसिंग होम कहा जाता है. कई लोग मानते हैं कि जो घर उत्तर मुखी तब होते हैं, जब उसके उत्तर दिशा की ओर सड़क हो, जो कि सही नहीं है. घर की दिशा उसके मुख्य द्वार की पोजिशन के जरिए मानी जाती है.

 

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उत्तर मुखी प्लॉट

ये भी देखें: घर का नक्शा कैसे बनाएं?

 

क्या उत्तर मुखी घर अच्छे होते हैं?

यह एक गलत धारणा है कि कोई एक विशेष दिशा अच्छी है और दूसरी खराब. वास्तु शास्त्र के अनुसार, सभी दिशाएं अच्छी हैं, बशर्ते वे कुछ सिद्धांतों का पालन करें. उदाहरण के लिए, दरवाजे के स्थान को नोट करना महत्वपूर्ण है.

उत्तर मुखी घर उसमें रहने वालों के लिए अच्छा साबित हो सकता है. चूंकि यह धन के देवता कुबेर की दिशा है. वास्तु के मुताबिक उत्तर-मुखी घर ऐसे लोगों के लिए लाभदायी है, जो वित्तीय सेवाओं में या फिर खुद का बिजनेस करते हैं. यह दिशा शुक्र ग्रह से जुड़ी है. लिहाजा जो लोग बैंकिंग या वित्तीय सेवाओं, ट्रैवल, हॉस्पिटैलिटी, प्रिंटिंग या पब्लिशिंग इंडस्ट्री से जुड़े हैं, उनको उत्तर मुखी प्रॉपर्टी से फायदा मिल सकता है.

लेकिन जब बात उत्तर मुखी प्रॉपर्टी चुनने की या फिर इस तरह के घरों के निर्माण की आती है, जो यह जरूरी है कि उत्तर मुखी घर के लिए वास्तु सिद्धांतों का पालन करें खासकर विभिन्न कमरों की प्लेसमेंट, नंबर और दरवाजों का साइज.

 

मेन डोर कहां होना चाहिए?

मेन डोर उत्तर दिशा में होना चाहिए. उत्तर दिशा में भी, पांचवें चरण या पाड़ा को सबसे शुभ माना जाता है, जिसका अर्थ आपके लिए धन लाना है क्योंकि यह धन के देवता कुबेर का घर है. इसके अलावा, तीसरे, चौथे और आठवें पाड़ा, जो क्रमशः मुख्य, भल्लात और दिति हैं, को भी शुभ माना जाता है. मेन गेट लगाने के लिए इनमें से कोई भी पाड़ा चुनने से यह धन को आकर्षित करेगा. उत्तर-पूर्व और उत्तर-पश्चिम के बीच की दूरी को नौ बराबर भागों में बांटा गया है और यह पांचवां पाड़ा है जो शुभ है.

 

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वास्तु शास्त्र के अनुसार पाड़ा क्यों जरूरी है?

उत्तर दिशा में कोई भी पाड़ा अशुभ नहीं होता. यही कारण है कि उत्तर दिशा का घर अच्छा माना जाता है. हालांकि, मेन डोर लगाते वक्त आप समृद्धि के लिए ये बातें नोट कर सकते हैं:

वैभव को आकर्षित करने के लिए

हर पाड़ा यह तय करता है कि आप किस तरह की ऊर्जा को घर में प्रवेश करने दे रहे हैं. जैसा कि ऊपर बताया गया कि पांचवां पाड़ा सबसे ज्यादा शुभ होता है क्योंकि यह धन के देवता कुबेर की जगह है. लिहाजा पांचवें पाड़ा में दरवाजा लगाना चाहिए ताकि घर में धन आए.

पांचवें पाड़ा का विकल्प

अब फर्ज कीजिए कि आपका पांचवां पाड़ा छोटा है या फिर दरवाजे के लायक नहीं है तो आप पहले से चौथे पाड़ा का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. हालांकि, पांचवें पाड़ा को नहीं छोड़ना चाहिए. आप छठे से नौवें पाड़ा का उपयोग कर सकते हैं, अगर आपके पास इसे दूसरे पाड़ा में रखने का कोई विकल्प नहीं है.

चेतावनी

अगर आप पहला पाड़ा इस्तेमाल करना चाहते हैं तो उस मामले में मुख्य द्वार या फिर एंट्रेंस को नॉर्थ ईस्ट कॉर्नर को टच नहीं करना चाहिए. सलाह दी जाती है कि उस कोने से कुछ जगह जरूर छोड़ें.

ये भी देखें: घर में सकारात्मक ऊर्जा के लिए वास्तु टिप्स

 

उत्तर मुखी घर का वास्तु प्लान

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उत्तर दिशा की ओर मुंह वाले वास्तु अनुरूप घर के लिए टिप्स

उत्तर मुखी घर में ढलान

उत्तर की ओर मुंह वाली संपत्ति जो आपके और आपके परिवार के लिए शुभ हो, वहां ऐसे प्लॉट से बचें जो उत्तर से दक्षिण की ओर ढलान वाला हो.

किचन

उत्तर-पूर्व कोने में रसोई घर भी नहीं होना चाहिए.

Kitchen in north-facing property

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अव्यवस्था से बचें

घर के उत्तर या उत्तर-पूर्व में कूड़ेदान और अव्यवस्था न रखें. यह आपकी वित्तीय स्थिति और बच्चों के विकास पर नकारात्मक प्रभाव डालता है.

Vastu and clean home

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उत्तर मुखी घर में पेड़

आपके घर के उत्तर दिशा में पेड़ नहीं होने चाहिए.

पवित्र चीजों की स्थापना

अपने घर में पवित्र वस्तुओं, जिसमें स्वास्तिक, ओम, चित्र आदि शामिल होते हैं, को बिखरा हुआ नहीं रखना चाहिए.

इलेक्ट्रिक सर्किट बोर्ड

इलेक्ट्रिक सर्किट बोर्ड को साउथ-ईस्ट जोन में रखना चाहिए ताकि पूरे घर में ऊर्जा का वितरण संतुलित हो सके.

सेप्टिक टैंक की दिशा

उत्तर-पूर्व दिशा में सेप्टिक टैंक रखने से बचें.

उत्तर मुखी घर में बेडरूम/टॉयलेट

बेडरूम और टॉयलेट नॉर्थ-ईस्ट में नहीं होना चाहिए. बेडरूम वास्तु के मुताबिक मास्टर बेडरूम दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में होना चाहिए.

उत्तर मुखी घर में स्टडी रूम

वास्तु शास्त्र के मुताबिक, स्टडी रूम ईस्ट, नॉर्थ-ईस्ट या घर की नॉर्थ वेस्ट दिशा में हो सकता है. उत्तर मुखी घर में स्टडी रूम कभी भी साउथ-ईस्ट या फिर साउथ-वेस्ट कॉर्नर में नहीं होना चाहिए. स्टडी टेबल को इस तरह से रखें कि छात्र-छात्रा का मुंह पढ़ते वक्त नॉर्थ ईस्ट, ईस्ट या नॉर्थ में होना चाहिए.

पूजा घर

पूजा घर और लिविंग रूम उत्तर-पूर्व में होना चाहिए. पूर्व और पश्चिम दिशा पूजा घर के लिए सर्वश्रेष्ठ हैं. आमतौर पर भारतीय मंदिर पश्चिम दिशा में बनाए जाते हैं. इससे सुनिश्चित होता है कि भगवान की मूर्तियों का मुख पूर्व दिशा की ओर रहे.

गेस्ट रूम

गेस्ट रूम उत्तर-पश्चिम में होना चाहिए.

Vastu and guest bedroom

Pixabay

किचन

किचन साउथ ईस्ट या नॉर्थ वेस्ट दिशा में नहीं होनी चाहिए. किचन के लिए आप साउथ ईस्ट या साउथ दिशा भी ठीक है.

बाथरूम और सेप्टिक टैंक

बाथरूम और सेप्टिक टैंक घर से नकारात्मक ऊर्जा जमा करते हैं. ऐसे में उनका प्लेसमेंट जरूरी है. वास्तु के अनुसार उत्तर मुखी घर में बाथरूम के लिए सबसे अच्छी दिशा दक्षिण-पश्चिम या उत्तर-पश्चिम के पश्चिम में है.

पानी की टंकी

पानी की टंकी को उत्तर, उत्तर पूर्व, पूर्व या पश्चिम दिशाओं में रखा जा सकता है.

गैरेज/कार पार्किंग

उत्तर दिशा में गैरेज या कार पार्किंग नहीं होनी चाहिए क्योंकि यह आपकी मानसिक शांति के लिए हानिकारक साबित हो सकता है.दक्षिण-पूर्व या उत्तर-पश्चिम दिशा में अपना गैरेज बनवाएं.

बाउंड्री वॉल्स

बाउंड्री वॉल्स बनवाते वक्त ध्यान रखें कि वे उत्तर और पूर्व दिशा की ओर ऊंचाई में थोड़े कम हो.\

गेट

गेट को सामने वाले क्षेत्र के पूर्वी आधे या उत्तरी आधे हिस्से में स्थापित किया जाना चाहिए.

बालकनी और छत

उत्तर दिशा में बड़ी बालकनी या खुली छत होनी चाहिए. दक्षिण और पश्चिम में बालकनियों से बचें या फिर उन्हें ग्रिल से बंद कर दें. उत्तर और पूर्व की दीवारों के साथ स्थित लाइट फिटिंग सकारात्मकता और अच्छी ऊर्जा लाती है.

उत्तर मुखी घर में जमीन का स्तर

अच्छे नतीजों के लिए सभी हिस्सों पर फर्श का स्तर कम होना चाहिए.  उदाहरण के तौर पर, अगर सामने का हिस्सा सेंट्रल रूम के लेवल से कम है, तो यह आपको प्रगति और प्रसिद्धि दिला सकता है. ध्यान दें कि अगर घर की उत्तर दिशा ऊंची है, तो परिणाम बुरा होगा. यहां तक कि अगर उत्तर की ओर की भूमि का लेवल ऊंचा है तो यह अच्छा नहीं है.

उत्तर मुखी घर में सेफ्टी लॉकर

उत्तर मुखी घर में सेफ्टी लॉकर को दक्षिण की ओर रखना चाहिए, वो भी उत्तर की ओर मुंह करके. लॉकर का दरवाजा उत्तर दिशा की ओर खुलना चाहिए, जो वास्तु के मुताबिक धन के देवता कुबेर की दिशा है. नॉर्थ ईस्ट कॉर्नर में लॉकर न रखें क्योंकि इससे पैसों की हानि होगी.

उत्तर मुखी घर में अच्छा भाग्य

उत्तर मुखी घर का अगर उत्तर-पूर्व की ओर विस्तार किया जाए तो इससे भाग्य चमक सकता है. बेहतर तरीके से बनी उत्तर मुखी प्रॉपर्टी घर की महिलाओं के लिए अच्छा स्वास्थ्य और लीडरशिप डेवेलपमेंट लाती है. उत्तर की ओर मुख वाले अपार्टमेंट अच्छा आइडिया नहीं है. नौकरी के अवसरों के लिए भगवान कुबेर की मूर्ति को उत्तर दिशा की ओर रखें. तुलसी के पौधे को उत्तर, उत्तर-पूर्व या पूर्व में रखने से नकारात्मक ऊर्जा सकारात्मक ऊर्जा में तब्दील होती है.

 

उत्तर दिशा की ओर मुंह वाली संपत्ति में सीढ़ियों की प्लेसमेंट

आपको किसी वास्तु एक्सपर्ट की मदद लेनी चाहिए ताकि वह आपकी कमरों और आइटम्स की प्लेसमेंट में मदद कर सके. लेकिन आपकी मदद के लिए यहां कुछ टिप्स उपलब्ध हैं.

  • सीढ़ियां उत्तर दिशा में नहीं होनी चाहिए. इससे वित्तीय समस्याएं आ सकती हैं.
  • आप साउथ, वेस्ट, साउथ-ईस्ट, साउथ वेस्ट या नॉर्थ वेस्ट दिशा में सीढ़ियां बनवा सकते हैं.
  • सीढ़ी को उत्तर-पूर्व दिशा में न लगाएं, क्योंकि इससे तंत्रिका संबंधी समस्याएं हो सकती हैं.
  • सीढ़ियां घड़ी के घूमने वाली दिशा में होनी चाहिए.

 

उत्तरमुखी घर और घर की महिलाएं

क्या आप जानते हैं कि उत्तरमुखी घर में अच्छा या बुरा हो भी होता है, वह काफी हद तक घर की महिलाओं और परिवार की धन-संपत्ति पर असर डालता है. कामकाजी महिलाओं की कामयाबी भी उत्तरमुखी घर के वास्तु से जुड़ी होती है, जो उसमें रहती हैं. इसलिए सारे वास्तु दोषों को मिटा दें.

इन बातों को फॉलो करें:

  • दक्षिण-पूर्व में शुक्र ग्रह का घर है. चूंकि ग्रह महिलाओं से संबंधित है, अगर दक्षिण-पूर्व वास्तु के मुताबिक नहीं है, तो आमतौर पर कामकाजी महिलाओं या महिलाओं के पास अच्छा समय नहीं हो सकता है.
  • अगर मेन डोर या बेडरूम का दरवाजा साउथ ईस्ट में खुलता है तो सुनिश्चित करें कि इसमें अच्छी रोशनी हो.
  • अगर उत्तरी हिस्सा खुला हुआ और चौड़ा है या वाटर टैंक है या फिर वहां पानी का स्रोत है तो यह महिलाओं की कामयाबी के लिए अच्छा माना जाता है.
  • साउथ-ईस्ट, नॉर्थ वेस्ट या वेस्ट जोन में नुकसान होने से स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे या फिर नाकामयाब करियर तक हो सकता है.

 

उत्तर मुखी प्रॉपर्टी किनके लिए होती हैं लाभकारी?

जो लोग बिजनेस या फाइनेंस जैसे अकाउंटेंट्स, चार्टेड अकाउंटेंट्स, बैंकर्स, इन्वेस्टर्स, स्टॉक मार्केट ट्रेडर्स और ब्रोकर्स होते हैं, वे अपना कामकाज बढ़ाने के लिए उत्तर की ओर मुंह वाली प्रॉपर्टी चुन सकते हैं. कम्युनिकेशन एंड ई-सर्विस प्रोवाइडर्स, एस्ट्रोलॉजी एंड वास्तु सर्विसेज, टूर एंड ट्रैवल्स सर्विसेज या जो लोग हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में हैं, उनके लिए भी ये लाभदायक है. इसके अलावा जिन लोगों की कर्क, वृश्चिक या मीन राशि है, उनके लिए भी नॉर्थ फेसिंग प्रॉपर्टीज आदर्श हैं.

ये भी देखें: बाथरूम और टॉयलेट्स डिजाइन करने की गाइडलाइंस और वास्तु शास्त्र के टिप्स

 

क्या उत्तर मुखी घर वरिष्ठ नागरिकों के लिए अच्छे होते हैं?

अगर घर का मुखिया रिटायर हो चुका है और आध्यात्मिक और धार्मिक कामों में समय बिताता है तो उसको उत्तर, उत्तर पूर्व और ईस्ट में कमरा देना चाहिए. आदर्श रूप से, घर के मुखिया को दक्षिण पश्चिम या दक्षिण मुखी कमरा देना चाहिए. लेकिन ऊपर बताई चीजों तब अपवाद हो सकती हैं, अगर वे काम नहीं कर रहे हैं.

 

इन बातों का रखें ध्यान

नॉर्थ फेसिंग प्रॉपर्टी में इन चीजों को करने से बचें

  • घर का मेन डोर उत्तर-पश्चिम दिशा में न हो.
  • टॉयलेट, बाथरूम या किचन उत्तर-पूर्व कोने में नहीं होना चाहिए.
  • दक्षिण या उत्तर दिशा से गंदा पानी निकलने की जगह नहीं होनी चाहिए.
  • आपके लिए अच्छी तरह से काम करने वाली अन्य चीजों को देखे बिना उत्तर दिशा की संपत्ति न खरीदें.
  • छठे पाड़ा में दरवाजा न लगाएं.
  • गार्डन या आपकी नर्सरी उत्तर-पश्चिम में नहीं होनी चाहिए.
  • अंडरग्राउंड टैंक उत्तर-पश्चिम में नहीं होना चाहिए.
  • घर को लाल या मैरून रंग में न रंगें.
  • सेप्टिक टैंक उत्तर, उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में नहीं होने चाहिए.
  • प्लॉट के दक्षिण, दक्षिण-पूर्व दिशा में कोई दर्पण नहीं लगाना चाहिए.
  • घर का निर्माण कराते समय उत्तर-पूर्व दिशा में भारी खंभा लगाने से बचें. ऐसा खंभा जीवन में बहुत सारी समस्याएं पैदा कर सकता है.
  • उत्तर-मुखी घर के दक्षिण-पूर्व क्षेत्र में रसोई के लिए काले रंग के संगमरमर के स्लैब से बचें.
  • उत्तर मुखी घर के सामने की ओर लाल या पीले रंग के पेंट से बचें.

 

उत्तरमुखी घर के लिए पौधे

अगर आपका घर उत्तर मुखी है, तो नीचे बताए गए पौधे आपके घर में समृद्धि ला सकते हैं और सकारात्मकता बढ़ा सकते हैं. इन सभी पौधों को अप्रत्यक्ष सूर्य की रोशनी की जरूरत होती है और वे उज्ज्वल और अच्छी रोशनी की स्थिति में अच्छी तरह विकसित होते हैं. आप इन पौधों को उत्तर दिशा की खिड़की के पास या सामने की बालकनी में रख सकते हैं:

  • एग्लोनिमा
  • अरौशेरिया
  • बेगोनिया रेक्स
  • ब्रोमेलियाड्स
  • क्लोरोफाइटम
  • डाइफेनबैचिया, जिसे लेपर्ड लिली के नाम से भी जाना जाता है
  • फर्न्स
  • हेडेरा

इसके अलावा, घर के उत्तरी हिस्से में मनी प्लांट लगाने से भी सकारात्मक ऊर्जाएं आएंगी.

 

पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

उत्तर दिशा की ओर मुंह वाले घरों के लिए सर्वश्रेष्ठ रंग कौन से हैं?

सफेद के टोन्ड और वार्म शेड्स, क्रीम, खाकी, वार्म ग्रे, ग्रीन और वार्म ब्लू कलर्स अच्छे होते हैं.

उत्तर की ओर मुंह वाले घरों को पॉपुलर क्यों माना जाता है?

उत्तर की ओर मुंह वाले घरों को शुभ इसलिए माना जाता है क्योंकि उत्तर दिशा कुबेर की है, जो धन के देवता हैं.

उत्तरमुखी घर में नेम प्लेट किस चीज की बनानी चाहिए?

उत्तरमुखी घर में मेन गेट के लिए धातु की नेम प्लेट बहुत अच्छी होती है.

(पूर्णिमा गोस्वामी शर्मा के इनपुट्स के साथ)

 

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