घर को सजाने के लिए इस तरह करें शीशे का इस्तेमाल, लग जाएंगे चार-चांद


अब घरों में शीशे का इस्तेमाल खिड़कियों और पैनल तक ही सीमित नहीं रह गया है. आज हम आपको बता रहे हैं कि कैसे शीशे का इस्तेमाल कर आप घर को और स्टाइलिश बना सकते हैं.
ग्लास एक खूबसूरत पदार्थ है, जो आपके घर के इंटीरियर को और सुव्यवस्थित और चमकीला बना सकता है. अलमारी, सीलिंग और शेल्फ के लिए फैंसी ग्लास फर्नीचर, ग्लास शटर्स से लेकर शानदार एक्सेसरीज तक इसकी रेंज काफी बड़ी है. घर मालिकों की चॉइस इस बात पर निर्भर करती है कि वह उसे किस एरिया में इस्तेमाल करें वो भी बजट में.
लेट्स स्पेस इट आउट और द डिजाइन कंपनी इंडिया के फाउंडर मुनव्वर शरीफी ने कहा कि आजकल लाउंज एरिया या वॉशरूम में छत थोड़ी ऊपर की ओर (बैक-लिट सीलिंग) होने का ट्रेंड चल रहा है. ग्लास बेसिन्स, टाइल्स, पार्टिशन और क्यूबिकल्स इन दिनों आम हैं. रिहायशी फ्लोरिंग के लिए 18एमएम जितना पतला लेकिन मजबूत ग्लास इस्तेमाल किया जा रहा है. इसमें फ्लोर को थोड़ा ऊपर उठाकर नीचे लाइट्स लगा दी जाती हैं. इससे शानदार लुक उभरकर आता है. इसके अलावा शीशे को विभिन्न आकार में ढाला जा सकता है, जैसे गोल कांच की दीवारें, कंसोल, टेबल इत्यादि.

किसी तरह का कांच इस्तेमाल होता है?

सख्त या टेम्पर्ड ग्लास आम शीशे की तरह नहीं टूटता. ग्लास की ट्रांसपैरंट क्वॉलिटी से कमरा बड़ा नजर आता है और उसमें लाइट भी ज्यादा आती है. ग्लास का इस्तेमाल लकड़ी के साथ दरवाजे, पार्टिशन, दीवार, कुर्सी, डाइनिंग टेबल, लैंप, फ्रेम्स, शेल्फ, नॉब, नेम प्लेट इत्यादि बनाने के लिेए इस्तेमाल किया जाता है. डिजाइन वाला फ्रॉस्टेड ग्लास किसी भी तरह के सजावट में काम आ सकता है. यह आधुनिक, समकालीन, फ्यूजन, आर्ट डेको या क्लासिक हो सकता है.
घर की सजावट में इस्तेमाल होने वाले शीशे की लागत: शरीफी ने बताया, ”एसिड के साथ फ्रॉस्टेड ग्लास की रेंज 45-200 रुपये प्रति स्क्वेयर फुट होती है, जो काम पर निर्भर करता है. इसके अलावा फ्रॉस्टेड फिल्म्स का भी इस्तेमाल किया जा सकता है. फ्रॉस्टेड ग्लास अलमारी के क्षेत्र और बेडरूम के बीच डिवाइडर के रूप में इस्तेमाल के लिए सबसे बेहतर है.
जबकि पेचीदा जियोमेट्रिक डिजाइनों के साथ गुदे हुए ग्लास घरों में सजावट के लिेए इस्तेमाल किए जाते हैं. इसकी रेंज 200-1000 रुपये प्रति स्क्वेयर फुट तक होती है. यह डिजाइन पर निर्भर करता है”.
घर की सजावट में ग्लास का इस्तेमाल कैसे करें: बेंगलुरु के ग्रासहॉपर स्टेंड ग्लास स्टूडियो के सारुस निरहाली ने कहा कि घर की सजावट में शीशे को इस्तेमाल करने के कई विकल्प हैं जैसे शीशे और स्टेंड ग्लास से बने लैम्पशेड, फर्नीचर के टुकड़ों पर ग्लास मोजेक का काम और बनावट/ सेमी ट्रांसपैरंट या अपारदर्शी ग्लास का उपयोग करके दीवार का विभाजन. निरहाली ने कहा, एंट्रेंस, कॉरिडोर और किचन कैबिनेट के दरवाजों में स्टेंड कांच के इस्तेमाल से बेहतरीन लुक आता है.
अन्य विकल्पों में बैक पेंटेड ग्लास भी है, जिसका इस्तेमाल वॉल पैनलिंग, अलमारी के शटर, सीलिंग इत्यादि के लिेए किया जा सकता है. डिजिटली प्रिंटेड ग्लास और विभिन्न आकार के कांच भी घर की रौनक में चार-चांद लगा सकते हैं. स्टैंडर्ड दीवार की जगह कमरों के बीच में ग्लास डिवाइडर का भी इस्तेमाल किया जा सकता है. दो लेयर वाले कांच के डिवाइडर के बीच लाइट लगाई जा सकती है और यह कमरे को साउंड प्रूफ बनाने में भी मदद करता है.
मुंबई की रहने वाली नीता दत्ता ने घर को सजाने में ग्लास का बहुत ज्यादा इस्तेमाल किया है. उन्होंने कहा, “मेरे लिविंग रूम में बालकनी से पहले आखिरी की चार टाइल्स ग्लास की हैं, जिसमें बुलबुले का इफेक्ट आता है. इसके अलावा लिविंग रूम, किचन और ग्लास पिलर्स के बीच भी कांच की दीवार है. लिविंग रूम के ग्लास पिलर्स में एलईडी लाइट्स से माहौल बेहद शानदार हो जाता है, खासकर रात में.”
घर में ग्लास की चीजें लगवाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान:
*जहां भी मुमकिन हो, मजबूत कांच का इस्तेमाल करें. क्योंकि सुरक्षा घर की सजावट में सबसे अहम है.
*सख्त कांच पर अकसर कंपनियां अपनी मुहर लगाकर रखती हैं. लेकिन अगर आपको नहीं चाहिए तो ऑर्डर करते वक्त कंपनी से मुहल नहीं लगाने को कहें.
*ग्लास की चीज खरीदने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि उस पर कोई स्क्रैच न हो.
*ग्लास लैंप और कलाकृतियों को बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखें.
*ग्लास का इस्तेमाल ऐसी जगहों पर करें जहां आप सफाई कर पाएं. उसकी सफाई केवल शीशा साफ करने वाली चीजों से ही करें.
*ग्लास फर्नीचर पर भारी चीजें न रखें.
*डाइनिंग टेबल पर गर्म खाना रखने के लिए टेबल मैट का इस्तेमाल करें.
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