कर लगाना

बिजनेस में इस्तेमाल की गई संपत्ति की बिक्री से मुनाफे का कराधान और इस तरह के मुनाफे पर छूट

सभी प्रकार की आय की तरह, व्यापार गतिविधियों के माध्यम से हुए मुनाफे पर भारत में आयकर कानूनों के तहत टैक्स लगाया जाता है. जैसा कि बाकी आय के बारे में सच है, टैक्स कम करने … READ FULL STORY

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प्रॉपर्टी की फेयर मार्केट वैल्यू तक कैसे पहुंचें और आयकर नियमों में इसकी क्या है अहमियत

इनकम टैक्स नियमों के तहत फेयर मार्केट वैल्यू का कॉन्सेप्ट काफी अहम है. अगर अग्रीमेंट में बिक्री/खरीद का विचार प्रॉपर्टी के फेयर मार्केट वैल्यू से कम है तो खरीदार और विक्रेता दोनों प्रभावित होंगे. … READ FULL STORY

कर लगाना

अगर कोई प्रॉपर्टी डील रद्द हो जाए तो पैसा कैसे वापस मिलेगा

प्रॉपर्टी डील हमेशा एक्जीक्यूशन और अग्रीमेंट के रजिस्ट्रेशन पर ही खत्म नहीं होती. कई बार टोकन मनी या कुछ पेमेंट भरने के बाद भी डील आधे रास्ते में ही खत्म हो जाती है. किसी … READ FULL STORY

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जॉइंट प्रॉपर्टी पर कैसे लगेगा टैक्स, जानिए इससे जुड़ी पूरी जानकारी

इनकम टैक्स एक्ट ने टैक्स संस्थाओं को विभिन्न श्रेणियों में बांट दिया है। सभी लोगों को ‘व्यक्तिगत’ श्रेणी के तहत लाया गया है। लेकिन अगर एक से ज्यादा लोग बिजनेस करने या बिल्डिंग खरीदने … READ FULL STORY

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फ्लैट्स और अॉफिस को कैपिटल असेट मानने पर ये हैं इनकम टैक्स के झोल

आपके द्वारा की गई गतिविधियों के मुताबिक आय के विभिन्न स्रोत्रों पर टैक्स लगाया जाता है। एक खास आय पर प्रॉफिट एंड गेन्स अॉफ बिजनेस एंड प्रोफेशन या मुख्य कैपिटल गेन्स के तहत टैक्स … READ FULL STORY

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जानिए रिवर्स मॉर्गेज में क्या हैं टैक्स लायबिलिटी, इन पॉइंट्स से समझिए

उल्टा गिरवी योजना या रिवर्स मॉर्गेज स्कीम (RMS) के तहत बुजुर्ग नागरिक अपने घर पर आय का अतिरिक्त स्रोत पा सकते हैं, वो भी अपने जीवनकाल में उसकी सर्विस कराए बिना. आरएमएस के तहत … READ FULL STORY

कानूनी

जानिए अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी के लिए कैसे कैलकुलेट होगा होल्डिंग पीरियड

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स के साथ टैक्स छूट क्लेम करने के लिए किसी शख्स के लिए 24 महीने का होल्डिंग पीरियड काफी अहम होता है। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स किसी संपत्ति विक्रेता को इंडेक्सेशन, … READ FULL STORY