जानें कैसे तैयार करें अपने नए घर का नक्शा


अगर आप घर बनाना चाहते हैं तो घर का नक्शा या हाउस प्लान शुरुआत करने के लिए बेहद जरूरी है. आइए आपको कुछ बुनियादी नियम बताते हैं, जो बेहद जरूरी हैं.

जब आप घर खरीदने या बनाने की योजना बनाते हैंतो कई चीजों को एक साथ लाने की जरूरत होती है. आपको वित्तीय तौर पर मजबूत और उस जगह के लिए विश्वस्त रहना होता हैजो आपने शॉर्टलिस्ट की है. अन्य चीजों में से जो सबसे ज्यादा जरूरी हैवो है नए घर के लेआउट की प्लानिंगजिसे घर का नक्शा‘ या मैप ऑफ द हाउस भी कहा जाता है. अगर आप अपने सपनों का घर बनाना चाहते हैं तो घर का डिजाइन बहुत जरूरी है. इसके लिए कई लोग वास्तु शास्त्र के नियमों के मुताबिक काफी सजग रहते हैं ताकि उपलब्ध जगह का सर्वश्रेष्ठ उपयोग किया जा सके. घर का नक्शा तैयार करने के बारे में आप क्या सोचते हैंअगर आप किसी आर्किटेक्ट की सुविधा ले रहे हैं तो आपको कुछ मदद मिल जाएगी लेकिन उससे पहले भी आपको कुछ होमवर्क करना होगा.

घर का नक्शा और प्लॉट की दिशा

घर का लेआउट बनाना और आसान हो जाएगाअगर आप वास्तु के तहत दिशाओं की अवधारणाओं को समझ जाएंगे और कैसे कुछ लेआउट्स को बाकियों पर ज्यादा तरजीह दी जाती है. जो प्रॉपर्टीज वास्तु के हिसाब से बनाई जाती हैंवह हवादारबेहतर और उसमें रहने वालों के लिए अच्छी होती हैं. इसके साथ-साथ परिवार के लोगों को सकारात्मकता का अहसास भी होता है.

अगर आपके प्लॉट का जमीन का टुकड़ा उत्तर या पूर्व मुखी है तो ऐसे वास्तु सिद्धांत भी हैंजिनका आप बखूबी फायदा उठा सकते हैं. वास्तु के मुताबिक पूर्वउत्तर या उत्तर पूर्व की ओर जिन घरों का मुख होता हैवो बेहद शुभ होते हैं. यह भी सच है कि कोई दिशा खराब नहीं होती और घर के नक्शे में मामूली बदलाव कर आप घर की दिशाओं के मामले में बेहतर नतीजे पर पहुंच सकते हैं.

अपने घर की किचन का नक्शा कैसे बनाएं?

घर का नक्शा बनाते वक्त यह तय कर लें कि आप ओपन किचन चाहते हैं या फिर बंद. ऐसे शहर जहां जगह कम हैवहां परिवार ओपन किचन को तवज्जो देते हैं. इनमें दरवाजे और दीवारें अधिक जगह नहीं घेरते. लेकिन ओपन किचन की सबसे बड़ी खामी ये है कि आपको इसे हर वक्त साफ रखना पड़ेगा. दूसरी ओर इसके काफी फायदे भी हैं. उदाहरण के तौर परआप जगह का ज्यादा इस्तेमाल कर पाते हैंअपने डिजाइन की वजह से यह आकर्षण को बढ़ाता हैजिससे यह बहुत उपयोगी स्थान बन जाता है. वास्तु के मुताबिककिचन के लिए ये दिशा सबसे मुफीद है. इसे अपने घर के नक्शे में शामिल करें.

Important kitchen Vastu Shastra tips

घर के नक्शे में कपड़े धोने की जगह

आप वॉशिंग एरिया को बर्तन धोनेकपड़े धोने या फिर कपड़े सुखाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं. वॉशिंग एरिया किचन या फिर उसके करीब होना चाहिए. यह आसान और प्रैक्टिकल भी है क्योंकि वहां से पर्याप्त हवा और रोशनी रसोई में आएगी और आपको खुले आसमान या बाकी चीजों को लेकर परेशान नहीं होना पड़ेगा.

मकान के नक्शे में स्टोर रूम कैसे प्लान करें?

स्टोर रूम किचन या उसके करीब होना चाहिए. जब तक आप बड़े घर की योजना नहीं बनाते हैं और ऐसा करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं हैतब तक वास्तु के सिद्धांतों को लागू करना अनुकूल होगा. वास्तु शास्त्र के मुताबिकस्टोर रूम पूर्व या उत्तर में न बनाएं. अगर आप भारी मशीनें या उपकरण रखना चाहते हैं तो साउथ वेस्ट जगह मुफीद है. स्टोर रूम बनाने के लिए नॉर्थ-वेस्ट और साउथ-वेस्ट दिशाएं भी आदर्श हैं.

घर के नक्शे में मास्टर बेडरूम

यह घर का सबसे बड़ा बेडरूम होता हैजिसमें घर का मुखिया अपनी पत्नी के साथ रहता है. जब आप अपने घर की प्लानिंग करते हैं तो सुनिश्चित करें कि सारे बेडरूम इवन साइज में हों. उदाहरण के तौर पर 12 फुट x 12 फुट या 12 फुट x 14 फुट या 14 फुट x 14 फुट या 14 फुट x 16 फुट इत्यादि. इसका आसान सा कारण यह है कि जब घर में राजमिस्त्री टाइल लगाएंगे तो उन्हें इसे काटकर आकार नहीं बदलना पड़ेगा. मास्टर बेडरूम का न्यूनतम आकार 12 फुट x 12 फुट होना चाहिए,जो एक मानक आकार है. अगर जगह की कोई कमी नहीं है तो आप इसे बड़ा भी बनवा सकते हैं. कमरे में एक अटैच टॉयलेट और ड्रेसर भी प्लान कर सकते हैं. हालांकि किचन एरिया के करीब टॉयलेट नहीं होना चाहिए.

घर में सीढ़ियों की योजना कैसे बनाएं?

सीढ़ियां चढ़ते वक्तजिस दिशा में घड़ी घूमती हैउसी दिशा में ही सीढ़ियां बनवानी चाहिए. अगर आप घड़ी के विपरीत दिशा में चढ़ते हैं तो यह सही नहीं है. सीढ़ियां हमेशा ऑड नंबर में होनी चाहिए यानी 15,17, 19, 21 या 23. सीढ़ियों का मानक आकार फुट होना चाहिए और यह इंच ऊंची होनी चाहिए.

घर का डायनिंग एरिया?

डायनिंग रूम हमेशा किचन के करीब होना चाहिए. अगर घर में सीढ़ियां हैं तो उसके आगे डायनिंग रूम बनाने का आइडिया अच्छा है. यह देखने में भी अच्छा लगेगा और जगह भी खाली खाली नहीं लगेगी. वास्तु के नियमों के मुताबिककुछ प्रॉपर्टीज में डाइनिंग रूम सीढ़ियों के नीचे भी होता हैजो अतिरिक्त जगह को इस्तेमाल करने का अच्छा आइडिया है.

घर के नक्शे में ड्राइंग रूम या लिविंग स्पेस

अपने मेहमानों की आवभगत करने के लिए ड्राइंग रूम-लिविंग रूम बेहद जरूरी है. आमतौर पर लोग ड्राइंग रूम और लिविंग रूम दोनों ही शब्दों का इस्तेमाल करते हैं लेकिन इनमें एक फर्क है. ड्राइंग रूम आपके घर की एंट्रेंस पर होता है खासकर उन मेहमानों के लिए जो आपके परिचित हैं. लिविंग रूम वो जगह हैजहां आप ऐसे मेहमानों के साथ बैठते हैंजो आपके करीबी हैं. अपरिचित मेहमानों को ड्राइंग हॉल तक नहीं लाया जाता. वे सिर्फ बरामदे तक ही आते हैं.

हालांकि शहरों में जगह की कमी को देखते हुएघरों में ये सारे कमरे नहीं होते. लेकिन अगर आपके पास इतनी जगह है तो आप नक्शा उसी के मुताबिक बनवा सकते हैं.

घर के नक्शे में टॉयलेट प्लान

कॉमन टॉयलेट हर परिवार के लिए जरूरी है. हालांकि यह डाइनिंग एरिया के करीब होना चाहिए लेकिन इतना करीब भी नहीं कि कोई मेहमान इसे इस्तेमाल करने के लिए अन्य कमरों से गुजरे बिना स्वतंत्र रूप से उपयोग कर सके. स्वच्छता के मकसद से भी कॉमन टॉयलेट काफी जरूरी है. गैर-पारिवारिक सदस्यजो आपके घर आते हैंउन्हें भी सुविधाजनक लगना चाहिए और साथ ही आपकी प्राइवेसी और स्वच्छता के साथ भी कोई समझौता नहीं होना चाहिए. अगर आपका डायनिंग एरिया में वॉश बेसिन लगाने का कोई प्लान नहीं है तो कॉमन वॉशरूम लगाना अच्छा है. कॉमन वॉशरूम घर में सबसे बड़ा टॉयलेट नहीं होना चाहिए.

हाउस प्लान में ओपन एरिया और पार्किंग

अपने पार्किंग एरिया को इस तरह से बनाएं ताकि अगर आगे चलकर आप नया घर लें तब भी पार्किंग एरिया उतना ही उपयोगी रहे. 15 फुट x 14 फुट की जगह हर तरह के वाहन के लिए काफी है. अगर आपके पास लॉन के लिए जगह है तो इसे जरूर बनाएं. यह प्रॉपर्टी के एंट्रेंस पर होना चाहिए. अन्य खुले क्षेत्र घर में बहुत जरूरी रोशनी और ताजी हवा मुहैया कराते हैं.

घर का नक्शा बनाना पहला कदम होता है. पहले आर्किटेक्टकॉन्ट्रैक्टरवास्तु एक्सपर्ट और इंटीरियर डिजाइनर के साथ मिलकर योजना बनाएं. ऊपर बताए गए टिप्स शुरुआती बिंदु की तरह काम करेंगे.

हाऊस प्लानवास्तु और दिशाओं के देवता और उनके ग्रह

जब आप अपने घर के नक्शे पर आर्किटेक्ट और कॉन्ट्रैक्टर के साथ काम करें तो ऊपर दी गई तस्वीर के जरिए दिशाओं को महत्व को समझ सकते हैं. विभिन्न दिशाओं में विभिन्न प्रकार की ऊर्जा होती है.

क्या मैं घर का नक्शा ऑनलाइन बना सकता हूं?

जवाब है हांआप घर का नक्शा या घर का डिजाइन ऑनलाइन बना सकते हैं. ऐसी कई वेबसाइटसॉफ्टवेयर्स और ऐप हैंजिनके जरिए आप ऐसा कर सकते हैं. हालांकि घर के डिजाइनिंग के लिए कुछ अनुभव और सॉफ्टवेयर्स की समझ जरूरी है. इस पर काम करने के लिए आप किसी आर्किटेक्ट की मदद भी ले सकते हैं.

ज्यादा जानकारी के लिए वास्तु पर हमारा एक्सक्लूसिव आर्किकल यहां पढ़ें

पूछे जाने वाले सवाल

वास्तु के मुताबिक बेडरूम का साइज क्या होना चाहिए?

बेडरूम के लिए सुनिश्चित करें कि आकार ईवन नंबर में हो. उदाहरण के तौर पर 12 फुट x 12 फुट, 12 फुट x 14 फुट, इत्यादि.

क्या एक प्लॉट पर दो इमारतें खड़ी की जा सकती हैं?

नहीं, अगर आपके पास जगह भी है तो भी रिहायशी प्लॉट पर एक ही बिल्डिंग बनाई जा सकती है.

न्यूनतम इंडस्ट्रियल प्लॉट साइज क्या होना चाहिए?

यह 6000 स्क्वेयर फुट होना चाहिए.

उत्तर प्रदेश में रिहायशी घर बनाने के लिए प्लॉट का न्यूनतम साइज क्या होना चाहिए?

एरिया 1800 स्क्वेयर फुट से कम नहीं होना चाहिए. विकसित इलाकों में यह 1900 स्क्वेयर फुट है. हालांकि संबंधित प्राधिकरण से इजाजत के साथ निर्धारित प्राधिकारी असाधारण मामलों में छोटे भूखंडों के निर्माण की इजाजत दे सकता है.

प्लॉट खरीदने के लिए कौन सी दिशा अच्छी है?

जो घर पूर्व, उत्तर या उत्तर पूर्व की ओर होते हैं, उन्हें शुभ माना जाता है.

घर में हॉल कहां होना चाहिए?

हॉल पूर्व या फिर घर के मध्य हिस्से में होना चाहिए.

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