भारत में संपत्ति के अधिकार और उत्तराधिकार कानून

भारत में संपत्ति के उत्तराधिकार को बेहद खास माना जाता है, क्योंकि यह न केवल पारिवारिक वंश को सुरक्षित रखने से जुड़ी होती है, बल्कि संपत्ति और धन पर उत्तराधिकारियों के कानूनी अधिकारों की … READ FULL STORY

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सेल्फ-अक्वायर्ड (self-acquired) और पैतृक (ancestral) संपत्ति में क्या अंतर है?

किसी व्यक्ति के पास संपत्ति रखने के दो तरीके होते हैं: या तो वह प्रॉपर्टी ख़ुद के द्वारा अर्जित करे या फिर उसे विरासत में पाए। जो संपत्ति हम अपने परिवार से विरासत में … READ FULL STORY

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भारत में पैतृक संपत्ति के बारे में जान लें ये अहम बातें

पैतृक संपत्ति वह संपत्ति है जो आपको आपके पुरखों से विरासत में मिलती है। लेकिन चूंकि पैतृक संपत्ति अधिकार के कानून काफी सारे और बेहद पेचीदा हैं, ऐसी संपत्ति पर अपना मालिकना हक़ पाना … READ FULL STORY

पैतृक संपत्ति को बेचने के मामले में क्या हैं पिता के अधिकार

अपने पिता, दादा या परदादा को छोड़कर किसी हिंदू द्वारा खुद अर्जित या किसी से विरासत में मिली संपत्ति को व्यक्तिगत संपत्ति माना जाता है. जहां तक व्यक्तिगत संपत्ति का सवाल है, तो आप … READ FULL STORY