क्या वक्त से पहले होम लोन चुका देना चाहिए? जानिए सभी विकल्प

क्या होम लोन चुकाने के लिए सेविंग्स का इस्तेमाल करना चाहिए. आज हम आपकी इसी फैसले पर पहुंचने में मदद करेंगे कि होम लोन तय सीमा से पहले कब चुकाएं.

जब आप होम लोन लेते हैं तो कर्ज देने वाला आपकी मौजूदा इनकम और योग्यता देखता है. समय के साथ इनकम बढ़ने से आपके पास कुछ पैसा भी जमा हो जाता है. ऐसे में कुछ लोग सोच में पड़ जाते हैं कि उस जमा हुए पैसे से लोन चुकाया जाए या कहीं दूसरी जगह निवेश किया जाए. यह फैसला निर्भर करता है विभिन्न लागतों और लोन के समय से पहले भुगतान के फायदों पर. किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले कर्ज लेने वाले को इन बातों का ध्यान रखाना चाहिए.

लोन चुकाने से पहले फ्यूचर फंड की जरूरतें:

लोन को पहले चुकाने के फैसले से पूर्व यह सोच लें कि क्या आपको पैसे की जरूरत भविष्य में तो नहीं पड़ने वाली. इसमें अचानक आने वाला खर्च भी शामिल है. गोल्ड लोन्स और पर्सनल लोन के मुकाबले होम लोन की दरें काफी सस्ती होती हैं. अगर होम लोन का आपने समय से पहले भुगतान कर दिया और भविष्य में आपको पैसे की जरूरत पड़ी तो आपको पर्सनल या गोल्ड लोन लेना होगा, जिसकी दरें काफी ज्यादा होंगी. लिहाजा यह सुनिश्चित कर लें कि पूरा या थोड़ा होम लोन चुकाने से पहले आपके पास किसी इमरजेंसी के लिए थोड़ा पैसा जरूर हो.

लोन चुकाने से पहले टैक्स के बारे में सोच लें:

समय पूर्व लोन चुकाने से पहले सेक्शन 24(बी) के तहत ब्याज कटौती का दावा करने में आपकी योग्यता भी प्रभावित हो सकती है. अगर प्रॉपर्टी में खुद रह रहे हैं तो आपको ब्याज पर सालाना 2 लाख रुपये तक की छूट मिल सकती है. इसलिए जब तक कोई भी हिस्सा पूर्व भुगतान ब्याज की राशि को 2 लाख रुपये से कम नहीं लाएगा, इसका आपकी कर देयता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.

लेकिन अगर प्रॉपर्टी किराये पर दी गई है तो फैसला अलग होगा. पहले पूरा ब्याज भुगतान पूरी तरह से टैक्स कटौती योग्य था. लेकिन चालू वर्ष और उसके बाद घर से होने वाली इनकम के तहत मुख्य आय से होने वाले नुकसान, जिसे दूसरी आय से पूरा किया जा सकता है, वह साथ खरीदी गई सभी प्रॉपर्टीज के लिए 2 लाख रुपये तक सीमित हो जाएगा. असमय नुकसान (जो होम लोन के ब्याज के कारण होता है) का घर से होने वाली इनकम के खिलाफ अगले 8 वर्षों में निपटारा किया जा सकता है.

होम लोन का समयपूर्व भुगतान के प्रोसेसिंग चार्जेज:

अगर आप होम लोन का समय से पहले भुगतान करते हैं तो कर्जदाता कुछ चार्ज लगा सकते हैं. यह निर्भर करेगा मान्य शर्तों पर, जिस पर आपने होम लोन लेते वक्त दस्तखत किए होंगे. यह चार्जेज 0-4 प्रतिशत तक हो सकते हैं. अगर होम लोन ब्याज की दर अस्थायी हैं तो नेशनल हाउसिंग बैंक द्वारा जारी किए गए सर्कुलर में हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों से प्रीपेमेंट पेनाल्टी नहीं लेने को कहा गया है. अगर उधारकर्ता ने ‘अपने संसाधनों’ से चुकाया है तो हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां कोई प्रीपेमेंट पेनाल्टी नहीं लगा सकतीं. ‘अपने संसाधनों’ से मतलब है लोन को दूसरे कर्जदाता को शिफ्ट करने के अलावा कोई भी अन्य स्रोत. इसी तरह भारतीय रिजर्व बैंक ने भी सभी बैंकों से फ्लोटिंग लोन रेट्स पर प्रीपेमेंट पेनाल्टी नहीं लेने को कहा है. लेकिन फिक्स लोन रेट्स के लिए बैंक प्रीपेमेंट पेनाल्टी ले सकते हैं.

अगर एक साल में प्रीपेड राशि बकाया लोन के एक निश्चित प्रतिशत से ज्यादा नहीं है, जो आम तौर पर 25 प्रतिशत होता है. ऐसे में कर्ज देने वाले संस्थान आमतौर पर प्रीपेमेंट पेनाल्टी चार्ज नहीं करते. इसलिए अगर आप सीमा के भीतर समय से पूर्व भुगतान कर रहे हैं तो बिना कोई जुर्माना दिए ऐसा कर सकते हैं.

वैकल्पिक निवेश से रिटर्न्स की उम्मीद:

अगर वैकल्पिक विकल्पों में निवेश पर अपेक्षित रिटर्न, लोन पर ब्याज की तरह ही हैं तो ऐसे में लोन का समय से पहले भुगतान न करें. म्यूचुअल फंड हाउस की बॉन्ड और बॉन्ड फंड स्कीम, सरप्लस फंड के परिनियोजन के कुछ रास्ते हैं. अगर पैसा 10 साल से ज्यादा के लिए निवेश किया गया है तो अन्य विकल्प के तौर पर म्युचुअल फंड्स की स्कीम्स हो सकती हैं. वो इसलिए क्योंकि इक्विटी-ओरिएंटेड फंड्स पर रिटर्न आम तौर पर लंबे वक्त के होम लोन पर ब्याज की दर से बेहतर हैं. यह देखते हुए कि होम लोन का पीरियड आम तौर पर 10 साल से ज्यादा होता है, लिहाजा यह सही मालूम होता है. तुलना करने के लिए आपको दोनों मामलों में टैक्स के बाद की दरों/ रिटर्न की जरूरत पड़ेगी.

मानसिक कारण:

बहुत से लोग अपने घर पर कोई कर्ज छोड़ना नहीं चाहते और यही मनोवैज्ञानिक कारण है कि भारत में होम लोन प्रीपेमेंट मामलों की संख्या अच्छी-खासी है.

होम लोन का कैसे करें समय से पहले भुगतान:

अगर आप समय से पहले होम लोन चुका देना चाहते हैं तो आपके पास दो विकल्प हैं. आप इक्विटी फंडों में एक व्यवस्थित निवेश योजना (SIP) शुरू कर सकते हैं. जब इनकम बढ़े तो आप सरप्लस राशि से SIP की राशि को जमा करने के अलावा और बढ़ा सकते हैं.

जब ऐसे एसआईपी में आपका निवेश लोन के बकाए की राशि तक पहुंचता है तो आप एग्जिट लोड और टैक्स की उलझनों को ध्यान में रखें और होम लोन को फोरक्लोज करने के बाद आप इक्विटी फंड में निवेश को भुना सकते हैं. दूसरा विकल्प उन लोगों के लिए है, जिन्हें सब्र नहीं है. वे लोग लोन चुकाने के लिए सरप्लस फंड्स का इस्तेमाल कर सकते हैं. हालांकि पहला ऑप्शन बेहतर है क्योंकि लंबी अवधि में इक्विटी फंड्स में निवेश से मिला रिटर्न आपके होम लोन पर दिए गए ब्याज से बेहतर होगा.

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