कैसे ई-धरा पोर्टल ने गुजरात के लैंड रिकॉर्ड सिस्टम का नक्शा बदलकर रख दिया


गुजरात में ई-धरा लैंड रिकॉर्ड का ब्योरा रखने के लिए एक ई-गवर्नेंस पोर्टल है.

जब बात इन्फ्रॉस्ट्रक्चर और इकोनॉमिक डिवेलपमेंट की आती है तो गुजरात अगुआई करता नजर आता है. इसका ऑनलाइन लैंड रिकॉर्ड सिस्टम भी भारत सरकार से तारीफ पा चुका है. ई-धरा के नाम से जाने जाने वाला लैंड रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन सिस्टम को सर्वश्रेष्ठ ई-गवर्नेंस प्रोजेक्ट का अवॉर्ड मिला है. इस सिस्टम के जरिए यूजर्स तुरंत ऑनलाइन ही लैंड रिकॉर्ड्स तक पहुंच सकते हैं और जरूरत पड़ने पर उसे अपडेट कर सकते हैं. चाहे वह फसल लोन के लिए इलेक्ट्रिकल कनेक्शन लेना हो या फिर सब्सिडी. इतना ही नहीं, 1.5 करोड़ भूमि रिकॉर्ड के सभी 7/12 दस्तावेजों को डिजिटल कर दिया गया है. जमीन के मालिक मामूली शुल्क का भुगतान करके तालुका कार्यालय में एक समर्पित काउंटर से इन भूमि रिकॉर्ड को हासिल कर सकते हैं.

ROR जारी करने की प्रक्रिया:

अगर आप जमीन के मालिक हैं, तो आप तालुका ऑफिस से कोई मैनुअल आवेदन जमा किए बिना रिकॉर्ड ऑफ राइट्स (आरओआर) का प्रिंट ऑनलाइन हासिल कर सकते हैं. ई-धरा पोर्टल के जरिए आप अगर इन चीजों में से केवल एक के बारे में जानते हैं, तो आप 7/12 दस्तावेज प्राप्त कर सकते हैं. ये हैं- सर्वेक्षण संख्या, खाता संख्या, फार्म संख्या या जमींदार का नाम. ऑपरेटर डेटाबेस के जरिए सर्च करेगा और दस्तावेज प्रिंट करने से पहले आपको डिटेल्स कन्फर्म कराएगा.

अगर आप आधिकारिक मकसद के लिए ROR का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो आप इस प्रिंटेड दस्तावेज़ को ममलतदार या नामित व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षरित प्राप्त कर सकते हैं. ROR पाने के लिए आपको 15 रुपये चुकाने होंगे.

म्यूटेशन ऑफ लैंड:

चूंकि लैंड म्यूटेशन की प्रक्रिया अब ऑनलाइन हो गई है, इसलिए म्यूटेशन कराने के लिए आपको इन चरणों से गुजरना होगा.

म्यूटेशन टाइप म्यूटेशन का नाम
सेल वसीयत
गिफ्ट वेचनी
अधिग्रहण लैंड अलॉटमेंट
को-पार्टनर-एडमिशन ऑफ राइट   हक कामी
एडमिशन ऑफ टीनेंट गनोट मुक्ति
एडमिशन ऑफ टीनेंट बोजा मुक्ति
गिरो दखल गिरो मुक्ति
फ्रैगमेंट की पहचान  टुकड़ा कामी
गैर-कृषि शरत बदली (अवधि)
सर्वे सुधार जोदन
एकत्रीकरण   जमीन अधिग्रहण
ऑर्डर्स  नोटिफिकेशन अंडर सेक्शन 4
आइडेंटिफाइड अंडर एलए सेक्शन 6    केजेपी
सर्वे अदल-बदल  कब्जेदार नामफेर
सागिर पुख्त    हयाती मा हक दखल
हयाती मा वेचानी    लैंड खालसा
लीज पट्टो बिजा हक दखल
बिजा हक कामी  

ई-धरा केंद्र पर आवेदन जमा करें, जहां आपको डाक पते और टेलीफोन नंबर का जिक्र करना है. साथ ही, आपको अलग-अलग म्यूटेशन प्रकार के लिए अलग-अलग आवेदन पत्र भरना होगा. आपको आवश्यक दस्तावेज भी संलग्न करने होंगे, जो स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन रिकॉर्ड के साथ मेल खाएंगे.

म्यूटेशन टाइप दस्तावेज
वरसई ओसी ऑफ डेथ सर्टिफिकेट.               कम्प्यूटराइज्ड 7/12 एंड 8 ए.
हयाती मा हक दखल  (Right Entry During life) अगर बोझा मौजूदा है तो बोझा मुक्ति का सर्टिफिकेट .
वाचन / सर्वेक्षण अदल-बदल सेल डीड की रजिस्टर्ड कॉपी.

प्रमाण कि खरीदार खातेदार है                (कृषि भूमि की खरीद के लिए)
यदि शपथ पत्र द्वारा बेचा जाता है तो           बोझा मुक्ति का प्रमाण पत्र.

यदि माइनर की जमीन बिक्री है तो              प्राधिकारी से सर्टिफिकेट.

7/12 और 8A की कम्प्यूटरीकृत प्रति.

 

वसीयत वसीयत की सर्टिफाइड कॉपी.
कृषि भूमि के मामले में इस बात का सबूत कि खातेदार को वसीयत से फायदा मिलता है.
अगर जरूरी हो तो प्रोबेट का सर्टिफिकेट.
गिफ्ट रजिस्टर्ड दस्तावेज की सर्टिफाइड कॉपी.

कृषि भूमि के मामले में लाभार्थी को इस बात का सबूत पेश करना होगा कि वह खातेदार है

बोझा/ गिरो दखल   बैंक/को ऑपरेटिव सोसाइटी से डीड की कॉपी.
वेचनी (डिस्ट्रिब्यूशन सभी लोगों और पार्टियों के एफिडेविट.

अगर बोझा है तो बोझा मुक्ति सर्टिफिकेट.        7/12 और 8ए की कम्प्यूटराइज्ड कॉपी.

माइनर टू मेजर एज प्रूफ (स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट या बर्थ     सर्टिफिकेट)

*म्यूटेशन के अनुरोधों को भूलेख सॉफ्टवेयर के माध्यम से स्वीकार किया जाता है. रसीद की दो प्रतियों में से एक आपको सौंपी जाएगी.

*प्रशासन अधिकारी इसके बाद आवेदन विवरण, अटैच दस्तावेजों और अन्य बुनियादी विवरणों को सत्यापित करेंगे. रिकॉर्ड रखने के लिए कानूनी नोटिस के साथ एक यूनीक म्यूटेशन एंट्री नंबर जनरेट किया जाएगा.

*यह सारी जानकारी केस फाइल में जाएगी जो कि ई-धरा केंद्र से तलाटी द्वारा जमा की जाएगी. इसके बाद नोटिस दिया जाएगा और 30 दिनों के भीतर स्वीकार किए जाने की उम्मीद की है.

*अधिकारियों से मंजूरी मिलने के बाद फाइल प्रोसेसिंग के लिए ई-धरा केंद्र पर वापस आएगी.

*इसके बाद एक एस-फॉर्म जनरेट होता है जो वास्तविक परिवर्तन करने से पहले भूमि रिकॉर्ड में परिवर्तन को इंगित करता है. बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण होने से पहले इस फॉर्म को सभी जमीन के मालिकों द्वारा साइन किया जाता है.

*एक बार चेंज होने के बाद प्रिंटआउट गांव के रिकॉर्ड में भेज दिए जाएंगे ताकि जमीन की जानकारी को अपडेट किया जाता है.

AnyROR पर 7/12 दस्तावेज:

गुजरात में डिटेल्स को वेरिफाई करने के लिए आप 7/12 डॉक्युमेंट को देख सकते हैं. इस प्रक्रिया के जरिए आप 7/12 दस्तावेज को देख सकते हैं.

*AnyROR की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं.

*यहां आपको तीन ऑप्शन्स दिखेंगे-रूरल लैंड रिकॉर्ड्स, अर्बन लैंड रिकॉर्ड्स और प्रॉपर्टी सर्च.

How E-Dhara has changed Gujarat land records system

*सभी तीन विकल्पों के लिए, आपको भूमि के 7/12 दस्तावेज़ देखने के लिए इन जानकारियों की जरूरत होगी.

  • सर्वे नंबर या नोट नंबर या मालिक का नाम या फिर हर महीने या साल की एंट्री लिस्ट-
How E-Dhara has changed Gujarat land records system

-डिस्ट्रिक्ट
-सिटी सर्वे ऑफिस
-वार्ड
-सर्वे नंबर
-शीट नंबर

How E-Dhara has changed Gujarat land records system
Vijay Shankar | Housing News
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