क्या है मध्य प्रदेश भूनक्शा, जानें इसके बारे में सब कुछ


रिकॉर्ड रखने के लिए मध्य प्रदेश के राजस्व बोर्ड ने भूलेख एमपी के नाम से एक वेब पोर्टल लॉन्च किया है. इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि आप इस वेबसाइट पर भूनक्शा कैसे चेक कर सकते हैं.

अगर आप मध्य प्रदेश में कोई प्रॉपर्टी या भूमि लेना चाहते हैं तो एमपी नक्शा वेबसाइट (मध्य प्रदेश भूलेख) को चेक करना जरूरी है. मध्य प्रदेश में जमीन से जुड़े सारे रिकॉर्ड्स अब टेक्नोलॉजी की मदद से संभाले जा रहे हैं. भूलेख एमपी एक वेब पोर्टल है, जिसे मध्य प्रदेश रेवेन्यू बोर्ड ने लॉन्च किया है ताकि रिकॉर्ड्स को सहेजा जा सके. इस पोर्टल के जरिए, आप प्रॉपर्टी का नक्शा, एप्लिकेशन फॉर्म, गांवों की लिस्ट, फसलों की जानकारी, जमीन की क्लासिफिकेशन रिपोर्ट, जियो मैप या भू नक्शा हासिल कर सकते हैं.

हाल ही में मध्य प्रदेश के सतना जिले में जमीन माफिया ने सरकार की बड़ी जमीन पर कब्जा कर लिया, जिसकी कीमत करीब 5 करोड़ रुपये है. इस पर गैरकानूनी कई निर्माण हो चुके हैं, जबकि कई अन्य लोग भूमि पर खेती कर रहे थे, वह उसके नतीजों को नहीं जानते थे.

हालांकि, यह एकमात्र घटना नहीं है और इसलिए, बहुत देर होने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है. इस आर्टिकल में हम बताने जा रहे हैं कि वेबसाइट पर जमीन का भूनक्शा कैसे चेक करें.

एमपी भूनक्शा पोर्टल पर जानकारी क्यों चेक करनी चाहिए?

इन वजहों से भूनक्शा पोर्टल पर प्लॉट की जानकारी चेक करनी जरूरी है:

वैधता

अगर आप कोई भूमि का टुकड़ा खरीदकर उस पर घर बनवाना चाहते हैं तो एमपी भूनक्शा पोर्टल आपको यह बताएगा कि क्या प्रशासन ने उस टुकड़े पर निर्माण की इजाजत दी है या नहीं. अवैध ढांचों के मामले में, अधिकारियों के पास इन अवैध इमारतों को तोड़ने का अधिकार है. लिहाजा, पहले ही इजाजत और जानकारियां हासिल करना जरूरी है.

मालिक की वेरिफिकेशन

क्या आप जमीन के मालिक से प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं? इसका पता भी आप एमपी भू नक्शा वेबसाइट से लगा सकते हैं.

जमीन का आकार

एमपी भूनक्शा पोर्टल के जरिए आप जमीन/प्लॉट की सटीक जानकारी हासिल कर सकते हैं. आप प्लॉट के सटीक आकार, जगह और सीमाओं के बारे में जान सकते हैं.

समय बचाएं

सिर्फ मध्य प्रदेश ही नहीं, पूरे देश की सरकारों ने भूनक्शा रिकॉर्ड्स को डिजिटल करने के लिए कदम उठाए हैं. करीब 22 राज्यों ने डेटा को हासिल कर लिया है जबकि 19 के पास पहले से भूनक्शा का डेटा ऑनलाइन उपलब्ध है ताकि नागरिक और जमीन के मालिक इसका इस्तेमाल कर सकें. इससे उन लोगों को फायदा होगा, जिन्होंने सरकारी दफ्तरों में जाने का इरादा कर लिया है. कोविड-19 की वजह से घर से रहना ज्यादा बेहतर है और ऑनलाइन ही जमीन से जुड़े मामले सुलझा लें.

मध्य प्रदेश भूनक्शा हासिल करने की प्रक्रिया

स्टेप 1: मध्य प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट एमपी भूलेख पर जाएं.

स्टेप 2: Free Services पर क्लिक कर आगे बढ़ें.

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स्टेप 3: इसके बाद आप एक नए पेज पर पहुंच जाएंगे, जहां आपको मुफ्त सेवाओं की सूची मिलेगी, जिसमें से एक भूनक्शा है.

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स्टेप 4: जिला, तहसील और गांव जैसी जानकारियां भरें

स्टेप 5: आपके चुनाव पर भूनक्शा आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा. अधिक स्पष्टता के लिए आप खसरा की जानकारी भी डाल सकते हैं.

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जब आप कोई खास खसरा सिलेक्ट करते हैं, मालिक, प्लॉट का आकार, प्लॉट की प्रकृति सब कुछ आपके सामने आ जाएगा.

All about bhu naksha in Madhya PradeshAll about bhu naksha in Madhya PradeshMP में भूनक्शा चेक करने का दूसरा रास्ता

स्टेप 1:   http://landrecords.mp.gov.in/ या http://www.mpbhuabhilekh.nic.in/bhunaksha/ पर क्लिक करें.

स्टेप 2: आप होम पेज के टॉप पर या तो ‘नक्शा’ या फिर जिस शहर में प्रॉपर्टी स्थित है, उसे मैप से सिलेक्ट कर सकते हैं.

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स्टेप 3: जब आप कोई शहर चुनते हैं, मान लीजिए भोपाल तो ये मैसेज आपके सामने आ जाएगा.

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स्टेप 4: अगर आप आगे जाना चाहते हैं तो जो बटन ऊपर तस्वीर में है, उसे दबाएं.

स्टेप 5: इसके बाद तहसील को चुनें और OK को दबाएं.

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स्टेप 6: आप कोड में से मनमुताबिक विकल्प ड्रॉप डाउन मेन्यू से चुन सकते हैं . खसरा/नक्शा को चुनकर आगे बढ़ें.

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स्टेप 7: इसके बाद आपको भूलेख वेबसाइट पर मनचाहा नतीजा मिल जाएगा.

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ध्यान दें कि अगर यह सरकारी जमीन है तो आप खतौनी नहीं देख पाएंगे. खसरा इस प्रकार है. फुल व्यू हासिल करने के लिए ‘नक्शा’ पर क्लिक करें.

भूनक्शा मोबाइल ऐप पर भी उपलब्ध है

मध्य प्रदेश सरकार ने अपने नागरिकों के लिए भूनक्शा मोबाइल ऐप भी शुरू किया है. आप आसानी से खसरा, खतौनी की जानकारी भी हासिल कर सकते हैं. आपको सिर्फ एमपी लैंड रिकॉर्ड्स-एमपी भू अभिलेख ऐप को डाउनलोड करना है.

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भूनक्शा चेक करने के लिए एमपी भूलेख का इस्तेमाल क्यों करना चाहिए?

अगर आप कभी किसी सरकारी दफ्तर में गए हों तो समझ सकते हैं कि वहां काम होने में कितना समय लगता है. अब, स्मार्टफोन के जरिए आप जमीन के रिकॉर्ड्स और भूनक्शा आसानी से हासिल कर सकते हैं. इससे भ्रष्टाचार और घूस पर लगाम लगेगी, जिसके लिए सरकारी दफ्तर बदनाम हैं.

एमपी के किन जिलों का भूनक्शा ऑनलाइन देख सकते हैं

नीचे बताए गए जिलों के भूनक्शों को आप ऑनलाइन चेक कर सकते हैं:

आगरमालवा खरगोन
अलीराजपुर मांडला
अनूपपुर मंदसौर
अशोकनगर मुरैना
बालाघाट नरसिंहपुर
बरवानी नीमच
बेतूल निवाड़ी
भिंड पन्ना
भोपाल रायसेन
बुरहानपुर राजगढ़
छतरपुर रतलाम
छिंदवाड़ा रीवा
दमोह सागर
दतिया सतना
देवास सीहोर
धर सियोनी
धिंधोरी शहडोल
गुना शाजापुर
ग्वालियर शियोपुर
हरदा शिवपुरी
होशंगाबाद सिद्धी
इंदौर सिंगरौली
जबलपुर टिकमगढ़
झाबुआ उज्जैन
कटनी उमरिया
खंडवा विदिशा

भूनक्शा मैप के लिए क्या फीस चुकानी होगी?

ए-4 आकार के पेपर पर कॉपी हासिल करने के लिए आपको पहले पेज के लिए 30 रुपये और हर अतिरिक्त पेज के लिए 15 रुपये देने होंगे.

खसरा नंबर और भूनक्शा सीरियल नंबर लिंकिंग

खसरा नंबर को मैप नंबर के साथ जोड़ना अनिवार्य नहीं था और इसलिए, जिलों ने दोनों को नहीं जोड़ा है. ऐसा होने के लिए, वेब-आधारित जीआईएस एप्लिकेशन्स को अन्य विभागों, जैसे रेवेन्यू कोर्ट्स, बैंक और रजिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट से जोड़ा जाना चाहिए. इन विभागों के साथ डेटा शेयर करने के लिए, जरूरी है कि सूचना अपडेट हो. खसरा और भूनक्शा को भी अप टू डेट होना चाहिए. अब इसे अनिवार्य बना दिया गया है. पिछले सभी परिवर्तन जो खसरे में प्रतिबिंबित हुए थे, उन्हें भूनक्शा में भी रिफ्लेक्ट करना होगा. मैप रेक्टिफिकेशन मॉड्यूल, मैप नंबर / एट्रिब्यूट अपडेट, मैप नंबर एक्सचेंज, मैप नंबर अपडेट और मैप क्लिपिंग / अपडेट मॉड्यूल, अब सहूलियत के लिए उपलब्ध हैं.

क्या मध्य प्रदेश में ग्राहकों और विक्रेताओं के लिए भूनक्शा चेक करना जरूरी है?

रियल एस्टेट में लंबे समय से फ्रॉड के कई मामले सामने आ चुके हैं, जिसकी वजह से ढांचागत सुधार जैसे रियल एस्टेट (रेग्युलेशन एंड डेवेलपमेंट) एक्ट (RERA) को लाना जरूरी हो गया.  अगर आप प्लॉट के मालिक हैं, विक्रेता हैं या खरीदार हैं तो एमपी भूनक्शा पर प्रॉपर्टी से जुड़ी जरूरी जानकारी हासिल करना अहम हो जाता है. इससे प्रॉपर्टी के स्वामित्व और वैधता को लेकर आपकी शंकाएं खत्म हो जाएंगी.

एमपी भूनक्शा: नए घटनाक्रम

दिन के वक्त नक्शा हासिल करें

6 अगस्त 2020 से, आप खसरा और नक्शा नक्ल को दिन के समय हासिल कर सकते हैं. जनता की शिकायतें थीं कि इन दस्तावेजों को रखने से पहले आम तौर पर दो से तीन दिन की देरी होती थी.

मध्य प्रदेश में भूमाफिया

प्राइवेट जमीन मालिकों द्वारा जमीन पर कब्जा करने के कई मामले सामने आए हैं. अधिकारियों ने कई मामलों पर कार्रवाई की है लेकिन मध्य प्रदेश के 1,000 पुलिस स्टेशनों में 150 से अधिक मामले अभी भी लंबित हैं. हालांकि कुछ की राय है कि यह संख्या राज्य में भूमि हड़पने की सीमा को सही तरह से नहीं दिखाती है.

राज्य की राजधानी भोपाल में भी भू माफियाओं के अपराधों के उदाहरण साफ हो गए हैं. हाल ही की एक घटना में एक अभियुक्त विजय श्रीवास्तव ने प्राधिकरण के फैसले का उल्लंघन करते हुए निर्माण शुरू किया था. जी+1 ढांचे, जिसकी इजाजत दी गई थी, की जगह श्रीवास्तव ने बरखेड़ा पठानी स्थित ऋषि ईस्ट सिटी में दो ईडब्ल्यूएस प्लॉट्स पर चार मंजिला इमारत और 12 दुकानों का निर्माण किया. 2019 में भोपाल में प्रशासन ने भूमाफिया पर जोरदार कार्रवाई की और बड़े और छोटे अपराधियों पर एक्शन लिया. श्रीवास्तव का गैरकानूनी ढांचा तोड़ दिया गया है.

पूछे जाने वाले सवाल

भूअभिलेख अधिकारियों से कैसे संपर्क किया जा सकता है?

आप clrgwa@mp.nic.in पर ई-मेल कर सकते हैं.

क्या मुझे भोपाल में अपनी भूमि का भूनक्शा डाउनलोड करने के लिए अनुमति चाहिए?

नहीं, मोबाइल एप्लिकेशन और ऑनलाइन वेबसाइट प्लेटफॉर्म के जरिए कोई भी आसानी से जमीन का भूनक्शा हासिल कर सकता है.

क्या मैं एमपी भूनक्शा डाउनलोड और प्रिंट कर सकता हूं?

हां, भूनक्शा डाउनलोड और प्रिंट किया जा सकता है. आपको इसके लिए किसी तरह की इजाजत की जरूरत नहीं है.

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