2025 में भारत में उपहार विलेख स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क के बारे में जानें सब कुछ

संपत्ति के स्वामित्व को ट्रांसफर करने के लिए कानूनी रूप से सबसे अधिक प्रयोग में लाया जाने वाला दस्तावेज गिफ्ट डीड (उपहार विलेख) है। इसे दस्तावेज का सबसे अधिक उपयोग किए जाने के पीछे … READ FULL STORY

कानूनी

बिक्री और उपहार विलेख के बीच क्या मुख्य अंतर है?

संपत्ति की बिक्री को लीगल बनाने के लिए एक बिक्री विलेख जिसे अंग्रेजी में सेल डीड के नाम से जाना जाता है का इस्तमाल होता है।  वहीं अगर संपत्ति उपहार में दी जानी है … READ FULL STORY

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माता-पिता भरण पोषण का हवाला देते हुए गिफ्ट डीड (तोहफे के तौर पर दी गई संपत्ति) को वापस नहीं ले सकते: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा,  अगर माता-पिता अपनी संपत्ति अपने बच्चों के नाम कर रहे हैं, तो नाम करते वक्त उन्हें दस्तावेज में यह शर्त जरूर रखनी चाहिए कि उसके बदले वे उनका बुढ़ापे में … READ FULL STORY

रियल एस्टेट की मूल बातें: क्या होती है कन्वेयंस डीड?

प्रॉपर्टी लेनदेन के दौरान आपको ‘कन्वेयंस डीड‘ नाम का शब्द सुनने को मिलेगा. यह ऐसा शब्द है जिसकी प्रॉपर्टी लेनदेन के दौरान आपको ज्यादा समझ नहीं होगी. इसकी समझ तभी होगी, जब आप प्रॉपर्टी … READ FULL STORY

गिफ्ट डीड या वसीयत: प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने के लिए क्या बेहतर विकल्प है

गिफ्ट के जरिए प्रॉपर्टी ट्रांसफर अगर आप प्रॉपर्टी ट्रांसफर करना चाहते हैं ताकि आदाता प्रॉपर्टी का तुरंत आनंद लेने लगे तो आप ये गिफ्ट के माध्यम से कर सकते हैं. इंडियन कॉन्ट्रैक्ट एक्ट के … READ FULL STORY

प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इन दस्तावेजों की जांच नहीं की तो बहुत पछताना पड़ेगा

प्रॉपर्टी इन्वेस्टमेंट्स में बहुत ज्यादा पैसा खर्च होता है और इस प्रक्रिया के दौरान की गई कोई भी गलती खरीदार के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है. इसलिए यह ग्राहक के लिए जरूरी हो … READ FULL STORY

एनआरआई भारत में अचल संपत्ति को विरासत में कैसे हासिल कर सकते हैं, जानिए क्या कहता है कानून

प्रवासी भारतीय को किस तरह की संपत्तियां भारत में विरासत में मिलती हैं? प्रवासी भारतीय (एनआरआई) या भारतीय मूल के लोग (पीआईओ) किसी भी अचल संपत्ति को विरासत के तौर पर हासिल कर सकते … READ FULL STORY