नेम प्लेट्स के लिए ये हैं वास्तु टिप्स, आएगी खुशियां और सुख-समृद्धि


घर के अलावा नेम प्लेट एेसी चीज होती है जो पहला इंप्रेशन अच्छा बनाती है। आज हम आपको यही बता रहे हैं कि नेम प्लेट लगाते वक्त क्या करें और क्या न करें।
नेम प्लेट या डोर प्लेट का काम घर की पहचान कराना है। लेकिन नेम प्लेट सजाने की वस्तु के तौर पर काम आता है, जिससे मकान मालिक का स्टाइल स्टेटमेंट झलकता है।  पंचतत्व के फाउंडर अभिषेक गोयल ने कहा, ”इन दिनों विभिन्न स्टाइल्स की नेम प्लेट्स आ रही हैं, जैसे मॉडर्न, एबस्ट्रैक्ट, कॉन्सेप्ट या किसी धर्म व भाषा पर आधारित। इसे घर या सोसाइटी के गेट पर टांगा या लगाया जा सकता है”।

नेम प्लेट बनाने के लिए जरूरी सामान:

गोयल ने कहा कि अपार्टमेंट्स के लिए बजट फ्रेंडली नेम प्लेट्स बनाने के लिए सबसे ज्यादा एक्रिलिक और फाइबर का इस्तेमाल होता है। बड़े घरों या इमारतों में अकसर नेम प्लेट ग्लास या स्टील के लगाए जाते हैं। हाथ से बनाए गए साइनबोर्ड्स रॉ लगते हैं, जबकि डिजाइनर नेम प्लेट्स में फॉन्ट्स की क्रिएटिविटी और वुडन फिनिश होती है, जो देखने में बहुत खूबसूरत लगते हैं। गोयल के मुताबिक, डिजाइनर नेम प्लेट्स वुड, ग्लास, स्टील, टैरेकोटा, ब्रास, जूट, फैब्रिक, घास और नारियल से बनाए जाते हैं। इन नेम प्लेट्स की मार्केट भी आला दर्ज की होती है। फिलहाल यूनिक लुक देने के लिए विभिन्न मटीरियल्स का इस्तेमाल किया जा रहा है।
नेम प्लेट्स बनाने के लिए लकड़ी, टीकवुड और अन्य सामान भी यूज किए जा सकते हैं। अगर आप बजट फ्रेंडली अॉप्शंस ढूंढ रहे हैं तो कमर्शियल एमडीएफ (मीडियम डेंसिटी फाइबर), प्लाईवुड, विनीर और पाइप वुड भी अच्छे विकल्प हैं। खुले, पहले से बने सिरेमिक अक्षरों का इस्तेमाल भी नेम प्लेट बनाने के लिए किया जा सकता है जबकि पत्थर, संगमरमर, शीशे और लोहा भी कॉमन अॉप्शंस हैं। आप आयताकार (rectangle), स्क्वेयर, ओवल, गोल, घर के आकार और कई अन्य प्रकार के नेम प्लेट्स बना सकते हैं। नेम प्लेट्स पर नक्काशी भी की जा सकती है या उन पर देवी-देवताओं के चित्र भी बनवाने के अलावा फूलों के डिजाइन या कैलीग्राफी का भी यूज किया जा सकता है।

नेम प्लेट्स के लिए ये हैं वास्तु सिद्धांत:

वास्तु शास्त्र और एस्ट्रोलॉजी एक्सपर्ट जयश्री धमानी के मुताबिक मकान मालिकों को हमेशा नेम प्लेट लगानी चाहिए क्योंकि यह माथे पर ”टीके” के समान है।
धमानी ने वास्तु शास्त्र के हवाले से बताया, ”घर का मुख्य द्वार सिर्फ अंदर आने की जगह ही नहीं होती बल्कि यहीं से ऊर्जा का प्रवाह भी होता है। इसलिए अगर आपके घर के बाहर नेम प्लेट नहीं है तो अवसरों का आप तक पहुंचने का रास्ता मुश्किल हो जाएगा। नेम प्लेट हमेशा पढ़े जाने लायक, साफ और आंखों को लुभाने वाली होनी चाहिए। सकारात्मकता और शांति पाने के लिए नेम प्लेट में हमेशा सही मटीरियल का चुनाव करें। अगर दरवाजा नॉर्थ या वेस्ट दिशा में है तो धातु की नेम प्लेट चुनें। अगर मुख्य द्वार साउथ या ईस्ट की ओर है तो लकड़ी की नेम प्लेट लगाएं। घर के मुख्य द्वार को तस्वीरों, गणेश जी की मूर्तियों और ओम व स्वास्तिक जैसे पवित्र चिन्हों से सजाएं। आप श्लोक का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।”

व्यक्तिगत नेम प्लेट्स का है फैशन:

आधुनिक मकान मालिक इन दिनों व्यक्तिगत नेम प्लेट्स को तरजीह दे रहे हैं। नतीजन नेम प्लेट के डिजाइन्स संयुक्त थीम्स, परिवार के लोगों के इंट्रस्ट या किसी शख्स के प्रोफेशन पर आधारित होते हैं। गोयल ने बताया, ट्रेंड यही है कि लोग अपना सरनेम ही नेम प्लेट पर लिखवाते हैं। इसके बाद लोगों ने पूरा नाम लिखवाना शुरू कर दिया। अब लोग सभी सदस्यों के साथ-साथ अपने परिवार और बच्चों का नाम भी लिखवाते हैं। हाल ही में एक क्लाइंट ने हमसे नेम प्लेट पर खाली जगह छोड़ने को कहा, ताकि वह अपने जल्द पैदा होने वाले बच्चे का नाम उस पर लिख सकें। इतना ही नहीं लोग अपने पालतू जानवर और उनकी तस्वीरें भी नेम प्लेट पर लगवाते हैं क्योंकि वे उन्हें परिवार का हिस्सा मानते हैं। बढ़ते ट्रेंड के साथ बंगले, घरों की पंक्ति, विला और अपार्टमेंट का नाम भी नेम प्लेट्स पर लिखे जाते हैं। इसके साथ-साथ क्षेत्रीय भाषा में नेम प्लेट्स भी काफी पॉपुलर हो रहे हैं।
मुंबई की गृहणी नेहा मेहता ने कहा कि अच्छा इंप्रेशन बनाने के लिए आकर्षक नेम प्लेट्स बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा, ”मेरे घर की नेम प्लेटशीशे और लकड़ी की बनी हुई है, जिसके अक्षर गोल्डन में लिखे हैं और पीछे लाइट जलती है।” मेरा बेटा बॉलीवुड फैन है। उसके कमरे के बाहर फिल्म क्लैपबोर्ड पर उसके नाम की प्लेट लगी हुई है। जबकि मेरी बेटी के कमरे के कमरे के बाहर पिंक और वाइट कलर की नेम प्लेट लगी है, जिस पर फूल भी हैं।

नेम प्लेट कहां लगाएं?

– नेम प्लेट को मेन गेट के बाईं ओर लगाएं क्योंकि यह अन्य स्थानों की तुलना में अधिक शुभ होता है.
– नेम प्लेट दरवाजे के ऊपरी आधे हिस्से के बराबर ऊंचाई पर लगानी चाहिए.
-नेम प्लेट अच्छी तरह फिट होनी चाहिए और लटकी नहीं होनी चाहिए.
-सुनिश्चित करें कि आपकी नेम प्लेट सीधे लिफ्ट के सामने ना हो.

घर के एंट्रेंस पर नेम प्लेट लगाने के टिप्स:

  • हमेशा घर के मेन डोर पर या उसके साथ वाली दीवार पर नेम प्लेट लगाएं। एेसा माना जाता है कि इससे समृद्धि, अवसर और खुशहाली आती है।
  • नेम प्लेट इतनी बड़ी होनी चाहिए कि उस पर नाम, सरनेम और हाउस नंबर लिखा जा सके और एक या दो फुट की दूरी से कोई भी इसे पढ़ सके।
  • नेम प्लेट के लिए जो डिजाइन चुना है, वह मेन डोर के साथ अच्छी तरह मिक्स होना चाहिए।
  • मेन डोर और नेम प्लेट चमकीले होने चाहिेए।
  • नेम प्लेट को स्टाइलिश लेकिन सिंपल रखें। इसे कई तरह के डिजाइन्स, कैलीग्राफी, देवी-देवताओं की मूर्तियों या नक्काशी के साथ मिक्स न करें।
  • नेम प्लेट को नियमित रूप से साफ करें और इस पर धूल न चढ़ने दें।

पूछे जाने वाले सवाल

नेम प्लेट्स कहां लगानी चाहिए?

नेम प्लेट्स दरवाजे पर टांगी या लगाई जा सकती है. आप सोसाइटी के गेट या एंट्रेंस पर भी इसे लगा सकते हैं.

नेम प्लेट पर क्या लिखा होना चाहिए?

ट्रेंड तो यही है कि लोग नेमप्लेट पर सरनेम लिखवाते हैं. लेकिन अब लोगों ने अपना पूरा नाम लिखना शुरू कर दिया है. इन दिनों कई लोग अपने बच्चों सहित परिवार के सदस्यों का नाम लिखवाते हैं.

क्या होती है नेम प्लेट

घर को पहचानने के अलावा, नेम प्लेट घर को सजाने और अच्छा इम्प्रेशन बनाने के काम आती है.

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