पश्चिममुखी घरों के लिए ये हैं जरूरी वास्तु टिप्स


गलतफहमी के कारण पश्चिममुखी घरों को अकसर अशुभ माना जाता है. हमने कुछ वास्तु एक्सपर्ट्स से बात की ताकि यह समझा जा सके कि पश्चिममुखी घरों की ताकत का फायदा कैसे उठाया जा सकता है ताकि वह मकानमालिकों के लिए समृद्ध भरा साबित हो.

घर में सफलता और सकारात्मक ऊर्जा की शुरुआत करने के लिए, घर के खरीदार अक्सर ऐसी पसंद बना सकते हैं, जो सुनने में अजीब लग सकते हैं. उदाहरण के तौर पर, कुछ लोगों को सिर्फ ईस्ट-फेसिंग होम या नॉर्थ फेसिंग बेडरूम्स या फिर ईस्ट में बच्चों का कमरा चाहिए. इतना ही नहीं, पश्चिममुखी घरों को कम तवज्जो दी जाती है क्योंकि उन्हें अशुभ माना जाता है, जो एक आम मान्यता है. वास्तु शास्त्र एक्सपर्ट्स कहते हैं कि सारी दिशाएं एक समान होती हैं लेकिन उनकी कुछ सीमाएं होती हैं. लोगों को इसके बारे में मालूम होना चाहिए ताकि बिना किसी रुकावट के घर में सकारात्मकता आती रहे.

ये भी देखें: घर में सकारात्मक ऊर्जा के लिए वास्तु टिप्स

 

कौन से होते हैं पश्चिममुखी घर?

अगर आपके घर का मुख्य द्वार पश्चिम की ओर है तो उसे पश्चिममुखी घर कहा जाता है. आमतौर पर इन घरों को शुभ नहीं माना जाता लेकिन वास्तु एक्सपर्ट्स की राय कुछ और ही है.

 

पश्चिममुखी घरों में मेन गेट्स

ए टू जेड असोसिएट्स के सीनियर वास्तु कंसलटेंट शक्तिकांत देसाई ने कहा, पश्चिमुखी घरों के मुख्य द्वार थोड़े उत्तर या पश्चिम या फिर बीच में होने चाहिए. साउथ-वेस्ट दिशा में कभी भी मेन डोर नहीं लगाना चाहिए.

अगर आप नॉर्थ वेस्ट कॉर्नर से साउथ वेस्ट कॉर्नर तक नौ बराबर हिस्सों या पाड़ा में लंबाई को विभाजित करते हैं, जिसमें पहला पाड़ा नॉर्थ वेस्ट और नौंवा पाड़ा साउथ वेस्ट, पांचवा और छठा पाड़ा मेन डोर के लिए सबसे मुफीद हैं. घर के मालिकों को सातवां, आठवां और नौवां पाड़ा एंट्रेंस के लिए पूरी तरह नजरअंदाज करना चाहिए क्योंकि यह राक्षसी ऊर्जा का कोना माना जाता है.

 

Vastu Shastra tips for west-facing homes

 

पश्चिममुखी घरों में कमरों की पोजिशन

पश्चिम मुखी घरों में बच्चों का कमरा दक्षिण, पश्चिम या उत्तर-पश्चिम में हो सकता है जबकि मेहमानों का कमरा नॉर्थ वेस्ट में बनवा सकते हैं. वास्तु के मुताबिक, पूजा घर और लिविंग रूम घर के उत्तर-पूर्व हिस्से में होना चाहिए क्योंकि यह सबसे ज्यादा शुभ कोना माना जाता है.

मास्टर बेडरूम के लिए, साउथ वेस्ट दिशा सबसे अच्छी है. अगर आपका मल्टी स्टोरी घर है तो मास्टर बेडरूम टॉप फ्लोर पर होना चाहिए. किचन के लिए, साउथ ईस्ट कॉर्नर को तवज्जो दें. वास्तु के मुताबिक, किचन पूजा घर, बेडरूम या टॉयलेट के नीचे या ऊपर नहीं होनी चाहिए.

 

पश्चिम मुखी घरों के लिए वास्तु टिप्स

भोपाल की कंसलटेंसी वास्तु डिजाइन्स की अनोखी मेहता ने पश्चिममुखी घरों के लिए कुछ वास्तु टिप्स शेयर किए हैं, जो हर शख्स को ध्यान में रखना चाहिए.

  • ऐसा प्लॉट न लें जो साउथ के मुकाबले नॉर्थ में ऊंचा हो. हालांकि जिस प्लॉट में साउथ से नॉर्थ की ओर ढलान होता है, उसे शुभ माना जाता है.
  • साउथ वेस्ट कॉर्नर में बोरवेल या वाटर पंप न लगवाएं.
  • ऐसा फ्लैट न खरीदें, जिसका साउथ वेस्ट में एक्सटेंशन हो.
  • साउथ और वेस्ट कॉर्नर की दीवारें ईस्ट और नॉर्थ के मुकाबले मोटी और ऊंची होनी चाहिए.
  • अगर आपका मेन एंट्रेंस साउथ वेस्ट में है तो इस दोष को दूर करने के लिए आपको वास्तु एक्सपर्ट से सलाह लेनी चाहिए. इसके लिए नीलम, पृथ्वी क्रिस्टल, आदि जैसे रत्नों का इस्तेमाल कर सकते हैं.
  • घर में दरवाजे और खिड़कियों की कुल संख्या समान होनी चाहिए.
  • पश्चिम दिशा डाइनिंग रूम, ओवरहेड पानी की टंकी, बच्चों के कमरे, स्टडी रूम और टॉयलेट के लिए अच्छी है.

 

पश्चिममुखी घरों के लिए वास्तु के रंग

वास्तु के मुताबिक, पश्चिममुखी घरों के लिए आदर्श रंग सफेद, सिल्वर, पीले और बेज हैं. चूंकि ये रंग न्यूट्रल टोन्स के हैं, इसलिए वे उन घरों के लिए एकदम सही हैं जो पश्चिम से आने वाली सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं.

लेकिन अगर घर किसी अन्य दिशा के मुकाबले पश्चिम की ओर ज्यादा फैला हुआ है तो ब्लू के लाइट शेड  पर विचार किया जा सकता है ताकि पश्चिम दिशा के ज्यादा फायदे उठाए जा सकें. इसके अलावा आप ऑफ वाइट और क्रीम के शेड्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं क्योंकि ये भी वास्तु-न्यूट्रल रंग हैं. अपने पश्चिममुखी घर को बहुत ज्यादा चमकीले रंगों से न पुतवाएं.

 

पश्चिममुखी घर/गार्डन्स के लिए सर्वश्रेष्ठ पौधे

अगर आपका घर या गार्डन पश्चिम की ओर है तो पौधों को सुबह-सुबह काफी कम सूर्य की रोशनी मिलेगी. इसके अलावा, पश्चिम मुखी घरों के गार्डन ऐसे होने चाहिए जो दोपहर के वक्त सूरज की गर्मी को झेल सकें. इसके अलावा, छाया पसंद पौधों के पनपने की संभावना कम है. आइए आपको कुछ पौधों के बारे में बताते हैं, जो पश्चिम मुखी घरों में उग सकते हैं.

ट्यूलिप: ये पश्चिम की ओर मुख वाले बगीचों के एक मुख्य केंद्र हैं. आप शरद ऋतु में ट्यूलिप लगा सकते हैं और वसंत के आसपास आने पर आप चटख रंग देख पाएंगे.

गुलाब: चूंकि गुलाब और हज़ारों कल्टीवर्स की 300 से अधिक प्रजातियां हैं, इसलिए आप पश्चिम की ओर बगीचे के लिए झाड़ियों के गुलाब से लेकर अन्य कोई भी गुलाब चुन सकते हैं.

डेफोडिल्स: यह फूल उगाने में आसान है और बहुत महंगा भी नहीं पड़ता है. डेफोडिल्स को शरद ऋतु में लगाया जाता है और इसकी जड़ें विकसित होने में महीनों का समय लगता है. इसके बाद वसंत में फूल आते हैं.

 

पूछे जाने वाले सवाल

क्या पश्चिममुखी फ्लैट्स अच्छे होते हैं?

वास्तु एक्सपर्ट्स का कहना है कि सारी दिशाएं एक समान होती हैं लेकिन उनकी कुछ सीमाएं होती हैं, जिनके बारे में लोगों को मालूम होना चाहिए ताकि बिना किसी रुकावट के घर में सकारात्मक ऊर्जा आए.

क्या वास्तु के मुताबिक वेस्ट एंट्रेंस अच्छी होती है?

हां, पश्चिम दिशा में मेन डोर एंट्रेंस अच्छा होता है लेकिन या तो ये बीच में या फिर नॉर्थ वेस्ट कॉर्नर में हो.

पश्चिम मुखी घरों के फायदे क्या हैं?

पश्चिम मुखी घर ऐसे लोगों के लिए समृद्ध साबित होते हैं, जिन्हें सामाजिक होना पसंद है. जो लोग राजनेता, शिक्षक या धार्मिक नेता या बिजनेसमैन होते हैं, उन्हें पश्चिम मुखी घर में रहना चाहिए.

क्या पश्चिम की ओर मेन डोर अच्छे होते हैं?

पश्चिम की ओर मुंह वाले घरों में मेन डोर थोड़ा नॉर्थ वेस्ट कॉर्नर या फिर बीच में होना चाहिए.

 

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