उपहार विलेख प्रारूप 2025: जानें संपत्ति स्वामित्व हस्तांतरण की पूरी जानकारी

यह गाइड आपको गिफ्ट डीड के विभिन्न हिस्सों को समझने में मदद करेगा और साथ ही वर्ड तथा पीडीएफ फॉर्मेट में इसका नमूना डाउनलोड करने का ऑप्शन भी देगा।

गिफ्टिंग यानी उपहार में देना, संपत्ति के स्वामित्व को किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित करने का एक माध्यम है। भारत में संपत्ति का उपहार “ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट, 1882” के तहत किया जाता है और इसके लिए गिफ्ट डीड बनाई जाती है। इस प्रक्रिया में चल-अचल संपत्ति का हस्तांतरण बिना किसी आर्थिक लेन-देन या कीमत के किया जाता है।

Table of Contents

यह लेन-देन कानूनी मान्यता प्राप्त हो, इसके लिए एक गिफ्ट डीड (उपहार विलेख) का मसौदा तैयार करना, उसे निष्पादित करना और लागू स्टाम्प ड्यूटी के साथ-साथ पंजीकरण शुल्क जमा करने के बाद विधिवत पंजीकृत करना अनिवार्य होता है। इस आर्टिकल में हम गिफ्ट डीड के प्रारूप पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिसे हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में डाउनलोड किया जा सकता है।

दानकर्ता कौन है और दान प्राप्तकर्ता कौन है?

जो व्यक्ति अपनी संपत्ति उपहार स्वरूप देता है, उसे दाता (Donor) कहा जाता है और जो संपत्ति प्राप्त करता है, उसे ग्रहीता (Donee) कहा जाता है। दाता को संपत्ति बिना किसी धनराशि लिए, प्रेम और स्नेहवश स्वेच्छा से उपहार में देनी चाहिए और ग्रहीता को इसे उसी समय स्वीकार करना चाहिए, जब दाता जीवित अवस्थ में हो। 

दाता द्वारा ग्रहीता को दिया गया उपहार तभी प्रभावी माना जाएगा, जब गिफ्ट डीड उस उप-पंजीयक (Sub-Registrar) कार्यालय में रजिस्टर्ड हो जाए, जिसके अधिकार क्षेत्र में वह संपत्ति आती है। रजिस्ट्रेशन होते ही दाता से ग्रहीता को स्वामित्व का हस्तांतरण तुरंत प्रभाव से हो जाता है और इसके लिए दाता व ग्रहीता को अदालत जाने की आवश्यकता नहीं रहती।

दाता को संपत्ति उपहार में देने के लिए स्वस्थ मस्तिष्क वाला होना चाहिए और समझौता करने की कानूनी क्षमता रखनी चाहिए। यहां इस बात का भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए कि कोई अवयस्क (Minor) व्यक्ति संपत्ति उपहार में नहीं दे सकता, क्योंकि वह किसी समझौते को करने की स्थिति में नहीं होता है। हालांकि, अवयस्क की ओर से उसका अभिभावक (Guardian) उपहार स्वीकार कर सकता है।

कौन-सी संपत्तियां उपहार में दी जा सकती हैं?

दाता (Donor) अपनी चल और अचल संपत्ति दोनों को प्राप्तकर्ता (Donee) को उपहारस्वरूप दे सकता है। अचल संपत्ति में जमीन, भवन, मकान, फ्लैट और भूमि से जुड़े अन्य लाभ या जमीन से स्थायी रूप से जुड़े ढांचे शामिल होते हैं। इस बात का विशेष ध्यान रहे कि घास, खड़े वृक्ष और उगती हुई फसलें अचल संपत्ति नहीं मानी जातीं। चल संपत्ति में नकद, आभूषण, वाहन, कपड़े, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी चीजें आती हैं, जिन्हें उपहार में दिया जा सकता है।

लेकिन एक खात बात ये है कि दाता केवल वही संपत्ति उपहार में दे सकता है, जो उसके पास वास्तव में उस समय मौजूद हो। ऐसी संपत्ति, जिसे वह भविष्य में प्राप्त करने की उम्मीद करता है, उसे वह अभी उपहार में नहीं दे सकता। दान केवल उसी संपत्ति का किया जा सकता है, जिसका दाता विधिक रूप से स्वामी हो और उपहार देने के समय उसका स्वामित्व उसी के पास हो।

उपहार पत्र (Gift Deed) में कौन-कौन से विवरण शामिल होते हैं?

  • दाता और प्राप्तकर्ता का विवरण – नाम, पता और आपसी संबंध।
  • तारीख और स्थान – उपहार पत्र कब और कहां तैयार किया गया।
  • संपत्ति का विवरण – उपहार पत्र में यह उल्लेख होना चाहिए कि दाता संपत्ति को स्नेह और प्रेमवश दे रहा है और इसके बदले में कोई आर्थिक मूल्य ग्रहण नहीं किया गया है।
  • स्वेच्छा से हस्तांतरण – उपहार पत्र में लिखा होना चाहिए कि संपत्ति का हस्तांतरण पूरी तरह स्वेच्छा से किया जा रहा है और किसी दबाव या गलत कार्य के तहत नहीं किया गया है। 
  • मौजूदा संपत्ति का उपहार – उपहार पत्र में स्पष्ट होना चाहिए कि दी गई संपत्ति वास्तव में अस्तित्व में है और दाता उसका मालिक है।
  • प्राप्तकर्ता के अधिकार – उपहार मिलने के बाद प्राप्तकर्ता को संपत्ति बेचने, उपयोग करने या गिरवी रखने का पूरा अधिकार होगा।
  • उपहार की स्वीकृति – उपहार पत्र में यह लिखा होना चाहिए कि प्राप्तकर्ता ने उपहार स्वीकार कर लिया है। इस बात का ध्यान रखें कि उपहार की स्वीकृति दाता के जीवनकाल में ही होना आवश्यक है, वरना उपहार पत्र अमान्य हो जाएगा।
  • निरस्तीकरण (Revocation) का प्रावधान – यद्यपि उपहार पत्र को रद्द करना कठिन होता है, लेकिन यदि इसमें धोखाधड़ी जैसी वैध शर्त का उल्लेख हो तो दाता अपनी संपत्ति वापस पा सकता है।
  • दाता के हस्ताक्षर
  • प्राप्तकर्ता के हस्ताक्षर
  • दो गवाहों का विवरण – संपत्ति हस्तांतरण के समय उपस्थित गवाहों की जानकारी।
  • गवाहों के हस्ताक्षर

उपहार विलेख को लेकर आम गलतफहमियां 

  • उपहार विलेख का पंजीकरण आसान है: अक्सर लोग मान लेते हैं कि उपहार विलेख का रजिस्ट्रेशन बेहद आसान है, लेकिन सच्चाई यह है कि इसे पूरा करने के लिए भारी-भरकम कागजी कार्यवाही, दस्तावेजी प्रक्रिया और विधिक सतर्कता की जरूरत पड़ती है।
  • पंजीकरण आवश्यक नहीं है: कई लोगों की धारणा है कि उपहार विलेख का रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी नहीं होता, जबकि वास्तविकता यह है कि कानूनी वैधता के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी होता है।
  • कर (Tax) से छूट: लोगों को यह जानकारी कम होती है कि उपहार में मिले धन या संपत्ति पर टैक्स देना भी पड़ सकता है। परिवार से मिले उपहार पर कुछ हद तक छूट मिलती है, लेकिन परिवार से बाहर से मिले उपहार पर टैक्स लागू हो सकता है।
  • सभी राज्यों में समान स्टाम्प शुल्क: यह एक आम भ्रांति है कि पूरे देश में उपहार विलेख पर एक जैसा स्टाम्प शुल्क लगता है, जबकि वास्तविकता यह है कि स्टाम्प शुल्क राज्यों का विषय है। हर राज्य अपने हिसाब से छूट या रियायत तय करता है। इतना ही नहीं, स्टाम्प शुल्क इस बात पर भी निर्भर करता है कि उपहार परिवार को दिया गया है या परिवार से बाहर किसी को।

सरल उपहार विलेख प्रारूप

उपहार पत्र (Gift Deed)

यह उपहार पत्र आज दिनांक …………… माह ………… सन ………… को …………………………… में बनाया और निष्पादित किया गया।

पक्षकार

पहला पक्ष (दाता):
श्री/श्रीमती/कुमारी <नाम>, पुत्र/पुत्री/पत्नी <पिता/पति का नाम>, आयु…… वर्ष, वैवाहिक स्थिति………, व्यवसाय………, राष्ट्रीयता………, वर्तमान निवासी ………………………………, आधार क्रमांक ……………………।
जिसे आगे “दाता” कहा जाएगा।

दूसरा पक्ष (प्राप्तकर्ता):
श्री/श्रीमती/कुमारी <नाम>, पुत्र/पुत्री/पत्नी <पिता/पति का नाम>, आयु…… वर्ष, वैवाहिक स्थिति………, व्यवसायिक स्थिति………, राष्ट्रीयता………, वर्तमान निवासी ………………………………, आधार क्रमांक ……………………। जिसे आगे “प्राप्तकर्ता” कहा जाएगा।

दाता (पक्ष क्रमांक 1) और प्राप्तकर्ता (पक्ष क्रमांक 2) शब्दों में उनके उत्तराधिकारी, वारिस, अभिकर्ता, नामनिर्दिष्ट व्यक्ति, प्रतिनिधि, प्रशासक और विधिक प्रतिनिधि सम्मिलित माने जाएंगे।

जहां तक कि दाता (पक्ष क्रमांक 1) उक्त संपत्ति का विधिक स्वामी है और उसके वैध कब्जे में है, जो उसने खरीदी/प्राप्त की है, पंजीकृत विक्रय विलेख (Registered Sale Deed) द्वारा, दस्तावेज क्रमांक ………………………………, अतिरिक्त पुस्तक-I ……, खंड क्रमांक ………, पृष्ठ … से … तक, दिनांक …………………… को, जो उप-पंजीयक (SR) ………… के कार्यालय में विधिवत पंजीकृत है।

और जबकि नीचे अनुसूची में वर्णित उक्त संपत्ति किसी भी प्रकार के बोझ, जैसे कि बंधक, ऋण, दावा, देनदारियां, अधिग्रहण, किसी भी न्यायालय से लगाए गए निषेधाज्ञा या कुर्की, उपहार, बंधपत्र, मांग, नोटिस, अधिसूचना, कानूनी विवाद, मतभेद, पूर्व विक्रय या किसी भी प्रकार की कमी आदि से पूर्णतः मुक्त है और दाता पक्ष क्रमांक-1 को उक्त संपत्ति का स्वतंत्र रूप से निपटान करने का पूरा अधिकार है।

और जबकि दाता पक्ष क्रमांक-1 को, प्राप्तकर्ता पक्ष क्रमांक-2 जो उनका/उनकी _____________ (रक्त संबंध) है, के प्रति गहन स्नेह और प्रेम है।

और जबकि दाता पक्ष क्रमांक-1 ने नीचे दी गई अनुसूची में वर्णित संपत्ति को प्राप्तकर्ता पक्ष क्रमांक-2 को उपहार/दान स्वरूप देने का निश्चय किया है और प्राप्तकर्ता पक्ष क्रमांक-2 ने भी उक्त संपत्ति को स्वीकार करने पर सहमति प्रदान की है।

अब यह उपहार-पत्र निम्नलिखित रूप से प्रमाणित करता है :

(1) दाता पक्ष संख्या-1, अपने अत्यधिक प्रेम और स्नेह के कारण, अपनी संपत्ति ______________________________ को, ______________________________________ पुत्र/पुत्री/पत्नी __________________________ निवासी __________________________, जो उसके वास्तविक __________________ (संबंध) हैं, को उपहारस्वरूप दान करता/करती है।

(2) उक्त संपत्ति का कब्जा दाता पक्ष संख्या-1 द्वारा, प्राप्तकर्ता पक्ष संख्या-2 को सौंप दिया गया है।

(3) अब प्राप्तकर्ता पक्ष संख्या-2 आज की तिथि से उक्त संपत्ति का पूर्ण और एकमात्र स्वामी हो गया है तथा स्वामित्व से संबंधित सभी अधिकारों का उपभोग करेगा।

(4) इस उपहार-पत्र के निष्पादन/पंजीयन के पश्चात दाता पक्ष संख्या-1 का उक्त संपत्ति में अब किसी भी प्रकार का अधिकार, स्वामित्व, रुचि या बंधक शेष नहीं रहेगा। यह संपत्ति सरकारी अथवा किसी अन्य प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहण से पूर्णत: मुक्त है।

(5) यह कि उपहार-स्वीकारकर्ता पक्ष क्रमांक-2 अपनी स्वयं की धनराशि से, इस उपहार-पत्र के आधार पर, उपहारस्वरूप प्राप्त संपत्ति का नामांतरण/फेरबदल राजस्व विभाग के अधिकार अभिलेखों में अपने नाम से करवाएगा/करवाएगी तथा उपहार-दाता पक्ष क्रमांक-1 को इस नामांतरण हेतु कोई आपत्ति नहीं होगी। नीचे वर्णित अनुसूची में दी गई संपत्ति का नामांतरण उपहार-स्वीकारकर्ता के नाम करने हेतु दाता द्वारा यह सहमति प्रदान की जाती है।

(6) यह कि उपहार-स्वीकारकर्ता पक्ष क्रमांक-2 ने उक्त संपत्ति को उपहारस्वरूप स्वीकार कर लिया है तथा उसका वास्तविक कब्जा भी उपहार-दाता पक्ष क्रमांक-1 से ले लिया है।

(7) यह कि उपरोक्त उपहारस्वरूप प्रदत्त संपत्ति का बाजार मूल्य अधिसूचना, राजपत्र (सीरीज _____, क्रमांक __________ दिनांक __________) के अनुसार रुपये ___________ (केवल रुपये ________________) आंका गया है।

(8) यह कि उपहार-पत्र से संबंधित सभी व्यय, जैसे स्टाम्प शुल्क, पंजीयन शुल्क इत्यादि, उपहार-दाता पक्ष क्रमांक-1 / उपहार-स्वीकारकर्ता पक्ष क्रमांक-2 द्वारा वहन एवं भुगतान किए गए हैं।

(9) कि उपर्युक्त दान/उपहार में दी गई संपत्ति से संबंधित भविष्य में लगने वाले सभी कर, उपकर, दरें अथवा किसी भी प्रकार की सरकारी या नगर निगम की देनदारियां एवं मांगें प्राप्तकर्ता पक्ष संख्या 2 वहन करेगा और उनका भुगतान करेगा।

(10) कि दान/उपहार स्वरूप दी गई संपत्ति से संबंधित सभी स्वामित्व पत्र/दस्तावेज़, जिनमें पूर्व स्वामित्व पत्र (मूल प्रतियों सहित) सम्मिलित हैं, दाता पक्ष संख्या 1 द्वारा प्राप्तकर्ता पक्ष संख्या 2 को सौंप दिए गए हैं।

अनुसूची
(संपत्ति का संपूर्ण विवरण)

पूरब:
पश्चिम:
उत्तर:
दक्षिण:

इस उपहार विलेख की समस्त विषयवस्तु को भली-भांति समझने के पश्चात्, पक्षकारों ने आज, माह और वर्ष, जो ऊपर लिखित है, उसी दिनांक को इस पर अपने हस्ताक्षर तथा अंगूठा-निशान लगाए हैं। यह कार्य नीचे लिखे साक्षियों की उपस्थिति में सम्पन्न किया गया।

दाता (Donor) का नाम व हस्ताक्षर
नाम : ___________
हस्ताक्षर : ___________

दाएं हाथ के निशान
अंगूठा
तर्जनी
मध्यमा
अनामिका
कनिष्ठा

बाएं हाथ के निशान
अंगूठा
तर्जनी
मध्यमा
अनामिका
कनिष्ठा

दाता का फोटोग्राफ

दानग्राही (Donee) का नाम और हस्ताक्षर
नाम
हस्ताक्षर
दाहिने हाथ का अंगूठा
दाहिने हाथ की तर्जनी (इंडेक्स फिंगर)
दाहिने हाथ की मध्यमिका (मिडिल फिंगर)
दाहिने हाथ की अनामिका (फोरफिंगर)
दाहिने हाथ की कनिष्ठा (लिटल फिंगर)
बाएं हाथ का अंगूठा
बाएं हाथ की तर्जनी
बाएं हाथ की मध्यमिका
बाएं हाथ की अनामिका
बाएं हाथ की कनिष्ठा
दानग्राही का छायाचित्र

साक्षीगण (Witnesses)

  • नाम, हस्ताक्षर, पता
  • नाम, हस्ताक्षर, पता

यह भी देखें: उपहार विलेख बनाम वसीयत : संपत्ति हस्तांतरित करने के लिए कौन सा विकल्प बेहतर है?

यह दानपत्र (Gift Deed) आज दिनांक ____________ माह ____________ वर्ष ____________ को श्री/श्रीमती __________________________ पुत्र/पत्नी __________________________, व्यवसाय __________________________, आयु ______ वर्ष, निवासी ____________________________________________ __________________________________ द्वारा निष्पादित किया गया है। जिन्हें आगे चलकर “दाता” (Donor) कहा जाएगा।

यह दान श्री/श्रीमती __________________________ पुत्र/पत्नी _____________________, व्यवसाय __________________________, आयु ______ वर्ष, निवास ______________ के पक्ष में किया जा रहा है। जिन्हें आगे “प्राप्तकर्ता” (Donee) कहा जाएगा।

जहाँ तक प्रसंग से विरोधाभासी न हो, “दाता” और “प्राप्तकर्ता” शब्दों का अर्थ उनके प्रतिनिधि, उत्तराधिकारी, वारिस, कार्यपालक, प्रशासक, न्यासी, विधिक प्रतिनिधि और अभिकर्ता भी होंगे।

जहाँ तक कि दाता इस दानपत्र में उल्लिखित अचल संपत्ति bearing No. ____________ जिसे _____________________ के नाम से जाना जाता है, जो _____________________ पर स्थित है और नीचे दिए गए अनुसूची (Schedule) में वर्णित है (आगे “अनुसूची संपत्ति” कही जाएगी), उसके एकमात्र और पूर्ण स्वामी हैं।

जहां तक कि दाता ने उक्त संपत्ति ____________ के माध्यम से अर्जित की थी और तब से उक्त संपत्ति के दाता ही वास्तविक स्वामी हैं। दाता इस संपत्ति पर कब्जा और उपभोग कर रहे हैं तथा इसके सभी कर एवं अन्य देयक नियमित रूप से अदा कर रहे हैं।

जहाँ तक कि प्राप्तकर्ता का दाता से संबंध ____________ है।

यह उपहार-अधिकार पत्र (Deed of Gift) दिनांक ________ दिन, ___________ महीने, ___________ वर्ष को श्री/श्रीमती __________________________ द्वारा संपन्न किया गया, पुत्र/पत्नी ________________________, व्यवसाय ____________________, आयु ________ वर्ष, निवासी ______________________________ _______________________, जिसे आगे “दाता” (DONOR) कहा जाएगा।

इसके पक्ष में श्री/श्रीमती __________________________, पुत्र/पत्नी _________________, व्यवसाय ____________________, आयु ________ वर्ष, निवासी ___________________, जिसे आगे “ग्राही” (DONEE) कहा जाएगा।

जहां तक दाता और ग्राही की बात है, संदर्भ के विपरीत न होने पर यह उनके प्रतिनिधि, उत्तराधिकारी, संपत्ति धारक, प्रशासक, ट्रस्टी, कानूनी प्रतिनिधि और असाइनियों को भी शामिल करेगा।

दाता, इस दस्तावेज में वर्णित अचल संपत्ति संख्या ________, जिसे _____________________ के नाम से जाना जाता है और स्थित है _____________________, का एकमात्र और पूर्ण स्वामी है। यह संपत्ति अनुसूची में वर्णित है और आगे इसे “अनुसूची संपत्ति” कहा जाएगा। दाता इस संपत्ति का पूर्ण और निर्विवाद स्वामी है, जिसे ___________ के द्वारा अर्जित किया गया और तब से दाता ने अनुसूची संपत्ति का कब्जा और उपयोग किया, इसके कर और शुल्क का भुगतान किया और इसे अपने पूर्ण स्वामित्व में रखा।

ग्राही, दाता के ________ के रूप में संबंधित है।

(ख) उपहारार्थी (Donee) भविष्य में कभी भी शांतिपूर्वक और बिना किसी विघ्न या रोक-टोक के, उक्त निर्दिष्ट संपत्ति में प्रवेश कर सकता है, उसे अपने अधीन ले सकता है और उसे अपनी इच्छा के अनुसार उपयोग और लाभ उठा सकता है, बिना किसी दाता (Donor) या उसके उत्तराधिकारियों, कार्यपालकों, प्रशासकों, सौंपे गए व्यक्तियों अथवा किसी भी ऐसे व्यक्ति से कोई दावा, हक या मांग किए जाने के डर के।

(ग) और आगे यह कि दाता तथा सभी ऐसे व्यक्ति, जिन्हें दाता या उसके उत्तराधिकारी, कार्यपालक, प्रशासक और सौंपे गए व्यक्ति अथवा इनमें से कोई व्यक्ति द्वारा उक्त निर्दिष्ट संपत्ति या उसकी किसी भी हिस्सेदारी पर कोई अधिकार या स्वामित्व या विधिवत दावा है, वे उपहारार्थी के अनुरोध और व्यय पर समय-समय पर और भविष्य में हमेशा ऐसे सभी और किसी भी अन्य कार्य, दस्तावेज, कार्यवाही, हस्तांतरण और विधिक आश्वासन को संपन्न करने या करवाने के लिए बाध्य होंगे, जो उक्त निर्दिष्ट संपत्ति को और उसकी हर हिस्सेदारी को उपहारार्थी और उसके उत्तराधिकारी, कार्यपालक, प्रशासक और सौंपे गए व्यक्तियों के उपयोग में और अधिक सुरक्षित और पूर्ण रूप से सुनिश्चित करने के लिए विधिवत आवश्यक होंगे।

संपत्ति का विवरण
(इस दस्तावेज के तहत उपहार स्वरूप दी गई)

संपत्ति का सम्पूर्ण हिस्सा और भूखंड संख्या ____________ माप _____________, जिसकी सीमाएं निम्नानुसार हैं:

  • पूर्व में:
  • पश्चिम में:
  • दक्षिण में:
  • उत्तर में:

इस दस्तावेज के तहत उपहार स्वरूप दी गई संपत्ति का बाजार मूल्य रु. (केवल __________ ) है।

उपरोक्त बाजार मूल्य के अनुसार स्टाम्प शुल्क का भुगतान किया गया है।

साक्ष्य के रूप में, दाता और लाभार्थी (उपहार की स्वीकृति के रूप में) ने अपने-अपने हस्ताक्षर/हस्ताक्षरित किया है, जैसा कि इस दस्तावेज में पहले लिखे दिन और वर्ष में निर्दिष्ट है।

साक्षी:

दाता (Donor)
लाभार्थी (Donee)

गिफ्ट डीड फॉर्मेट डाउनलोड: अंग्रेज़ी और हिंदी

कानूनी उपहार दस्तावेज लेआउट

उपहार विलेख (GIFT DEED)

यह उपहार विलेख दिनांक ……………………. माह …………………. वर्ष …………………… को निम्नलिखित द्वारा बनाया और संपादित किया गया – 

श्री/श्रीमती/कुमारी ………………………………………………………………………………………………, आयु लगभग ………………… वर्ष, पुत्र/पुत्री/पत्नी श्री …………………………………, व्यवसाय …………………………….., जाति ……………………………., स्थायी निवासी …………, डाकघर ………………….. थाना ………………………….., जिला …………………… राज्य………………………… पिन कोड ………………., वर्तमान में निवासरत ………………, डाकघर ………………….. थाना ………………………….., जिला …………………… राज्य………………………………… पिन कोड ……………….

[यदि नाबालिग हैं]
तो उनके पिता/माता/अन्य (संबंध स्पष्ट करें) अभिभावक श्री/श्रीमती/कुम ………………………, आयु लगभग ……….. वर्ष, पुत्र/पुत्री/पत्नी …………………………….., जाति- ………………. , व्यवसाय …………………………….., स्थायी निवासी …………………., डाकघर ………………….. थाना ………………………….., जिला ……………………………. राज्य………………………… पिन कोड ………………. द्वारा प्रतिनिधित्व किया गया।

[यदि पावर ऑफ अटॉर्नी के माध्यम से प्रतिनिधित्व किया गया है]
तो उनके पावर ऑफ अटॉर्नी होल्डर द्वारा प्रतिनिधित्व किया गया, जो कि G.P.A. दस्तावेज़ संख्या …………/ दिनांक……………………………… के अनुसार है, जिसे उप-रजिस्ट्रार कार्यालय, …………………………..…….., जिला-………..………………….., राज्य…………………… में पंजीकृत किया गया। श्री/श्रीमती/कुम ………………………………………., आयु लगभग ……….. वर्ष, पुत्र/पुत्री/पत्नी …………………………….., जाति- ………………. , व्यवसाय …………………………….., निवासी …………………., डाकघर ………………….. थाना …………………..………….., जिला ……………………..……… राज्य……………………… पिन कोड ………………. वर्तमान में निवासरत …………………., डाकघर ………………….. थाना …………………………….….., जिला ….………..…………… राज्य……………… पिन कोड ……………………….. द्वारा किया गया।

आगे इसे “दाता” कहा जाएगा और इस शब्द का प्रयोग संदर्भ के अनुसार असंगत न होने पर उसके सभी उत्तराधिकारियों, कानूनी प्रतिनिधियों, प्रशासकों, हितों के उत्तराधिकारियों, हस्तांतरितकर्ताओं और नामित व्यक्तियों आदि को शामिल करने के लिए किया जाएगा। (एक पक्ष के रूप में)

पक्ष में

श्री ……………………………………………………………………………………………………, आयु लगभग ………………… वर्ष, श्री ………………………………………………… के पुत्र/पुत्री/पत्नी, पेशा …………………………….., जाति ……………………………., स्थायी निवासी …………………., डाकघर ………………….. थाना ………………………….., जिला …………………… राज्य…………………………………… पिन कोड ………………. वर्तमान में निवास …………………., डाकघर ………………….. थाना ………………………….., जिला …………………… राज्य……………………………….. पिन कोड ……………….

[यदि नाबालिग हो, तो]
के द्वारा प्रतिनिधित्व: पिता/माता/अन्य (संबंध स्पष्ट करें) संरक्षक श्री/श्रीमती/कुमारी ………………, आयु लगभग ……….. वर्ष, श्री ……………………… के पुत्र/पुत्री/पत्नी, जाति- ………………. , पेशा ………………… , स्थायी निवासी …………………., डाकघर …………………..……… थाना …………………..………….., जिला ……………………………… राज्य………………  पिन कोड …………………………….….

आगे इसे “दानार्थी” कहा जाएगा, और इस शब्द का अर्थ संदर्भ के विपरीत न होने पर उसके सभी उत्तराधिकारी, कानूनी प्रतिनिधि, कार्यपालक, हितधारक, असाइन, नामांकित और प्रशासक आदि शामिल होंगे।

कृत्य का प्रकार : उपहार विलेख (Gift Deed)

संपत्ति का अनुमानित बाजार मूल्य : रु…………………………….. (शब्दों में)

संपत्ति का संक्षिप्त विवरण :

मौजा/गांव : ……………………..………….., थाना संख्या – ……………..…………, थाना क्षेत्र – …………………, तहसील – …………………………, जिला – ……………………., खाता संख्या………………………… (स्थिति विवरण), प्लॉट संख्या(स) – ……………………. कुल क्षेत्रफल: एकड़………………………………., हस्तांतरित क्षेत्रफल: एकड़ ………….………., वार्षिक किराया आरक्षित है रु………………………………..

जहां तक दाता (Donor) का संबंध है, वह यहां वर्णित अचल संपत्ति का पूर्ण स्वामी और धारक है, जिसका विवरण संपत्ति अनुसूची (Schedule of Property) एवं संलग्न नक्शे (Sketch Map) में विस्तार से दिया गया है। यह संपत्ति उत्तराधिकार (Inheritance) के माध्यम से प्राप्त हुई है / बिक्री / उपहार / उपहार निपटान / विभाजन / वसीयत (Will Deed) के माध्यम से अधिग्रहीत की गई थी, जो दस्तावेज संख्या ………………… / वर्ष ……………………….. को उप-पंजीयक कार्यालय (Office of the Sub-Registrar) में दिनांक ……………………………………… पर पंजीकृत है। 

अतः यहां दाता उक्त संपत्ति का वास्तविक स्वामी है तथा उसे संपत्ति पर पूर्ण अधिकार, अविचलनीय विपणन योग्य अधिकार और सम्पूर्ण और सही हस्तांतरणीय अधिकार प्राप्त हैं। दाता उक्त संपत्ति का शांतिपूर्ण, लगातार और अविरल उपयोग कर रहा है।

अतः दाता इस प्रकार यहां पर उपस्थित ग्राही को उक्त संपत्ति का पूर्ण अधिकार, स्वामित्व और उपयोग स्थायी रूप से प्रदान, हस्तांतरित और स्थानांतरित करता है। उक्त संपत्ति का प्रत्येक अंश और उससे जुड़ी सभी अधिकार-हित, उपभोगाधिकार, सहायक सुविधाएं आदि, सभी प्रकार के बंधनों, ऋण, पूर्व विक्रय, किरायेदार के दावे, गिरवी, विनिमय, अवैध अतिक्रमण, उपहार, न्यायालयीय विवाद और किसी भी प्रकार की मांगों से मुक्त, पूर्ण रूप से खाली और शांतिपूर्ण भौतिक कब्जे सहित ग्राही को सौंप दी जाती हैं, जिसे ग्राही ने स्वीकार कर लिया है।

और उक्त संपत्ति को स्थायी रूप से ग्राही के उपयोग और स्वामित्व हेतु रखने के लिए, दाता यहां पर ग्राही के साथ यह घोषणा करता है, समझौता करता है और सहमति देता है।

यह उपहार दस्तावेज (गिफ्ट डीड) इस प्रकार दर्शाता है:

  • यह कि दाता (Donor) इस बात की प्रतिज्ञा और घोषणा करता है कि वह इस द्वारा उपहार स्वरूप दी जाने वाली संपत्ति का पूर्ण स्वामी और अधिपति है तथा उसे इस संपत्ति को पूरी तरह से और कानूनी रूप से लाभार्थी (Donee) के पक्ष में हस्तांतरित करने, विक्रय करने और अधिकार सुरक्षित करने का पूरा अधिकार, क्षमता और प्रभुत्व प्राप्त है।
  • दाता यह भी प्रतिज्ञा, घोषणा और सहमति करता है कि उपहार स्वरूप दी जाने वाली संपत्ति किसी भी प्रकार के बाधाओं से मुक्त है, जैसे कि गिरवी, ऋण, रोक, दावे, ब्याज, सुरक्षा, मुकदमेबाजी, जमानत, पूर्व बिक्री, सरकारी या निजी जप्तियां या कोई अन्य दायित्व आदि, किसी भी प्रकार की प्रकृति के हों।
  • दाता यह भी प्रतिज्ञा और घोषणा करता है कि उसने ऐसा कोई कार्य नहीं किया है, जिससे यह संपत्ति किसी प्रकार से बाधित हुई हो या दाता को किसी भी रूप में इसे पूरी तरह से लाभार्थी के पक्ष में बेचने और हस्तांतरित करने से रोका गया हो।
  • दाता यह स्पष्ट करता है कि उपहार स्वरूप दी जाने वाली संपत्ति पर न तो कोई कानूनी प्रतिबंध है और न ही कोई कानूनी अड़चन।
  • यहां दाता यह आगे प्रतिज्ञा करता है, घोषणा करता है और आश्वस्त करता है कि उसने उपहारस्वरूप दी गई उक्त संपत्ति का वास्तविक, खाली और पूर्ण भौतिक कब्जा ग्रहीता (डोनी) को प्रदान कर दिया है और ग्रहीता को उस कब्जे का आनंद लेने तथा उस संपत्ति से होने वाले सभी किराए, लाभ, उपज और आय प्राप्त करने का अधिकार होगा, बिना किसी रुकावट या व्यवधान के, चाहे वह व्यवधान दाता द्वारा हो या दाता के माध्यम से या अधीन किसी अन्य व्यक्ति द्वारा।
  • दाता यह आगे प्रतिज्ञा करता है, घोषणा करता है और सहमति देता है कि यदि दाता के शीर्षक में किसी प्रकार की कोई खामी पाई जाती है या खोजी जाती है और उस खामी के कारण ग्रहीता को पूरी या आंशिक संपत्ति से वंचित होना पड़ता है, तो दाता ग्रहीता को हुए नुकसान और व्यय की पूर्ति और मुआवजा उचित रूप से देगा।
  • दाता यह आगे प्रतिज्ञा, सहमति और घोषणा करता है कि उसने उपहारस्वरूप दी गई संपत्ति से संबंधित सभी कर और शुल्क, उपहार पत्र (गिफ्ट डीड) की निष्पादन और पंजीकरण तिथि तक का भुगतान कर दिया है। यदि कोई राशि बाकी रहती है या वह राशि ग्रहीता से वसूली जाती है या ग्रहीता को भुगतान के लिए मजबूर किया जाता है, तो दाता उसे उचित रूप से ग्रहीता को लौटाएगा।
  • दाता यह प्रतिज्ञा, सहमति और घोषणा करता है कि वह संबंधित निगम और अन्य कार्यालयों में संपत्ति के नामांतरण और परिवर्तनों के लिए किए गए हर वैध आवेदन का समर्थन करेगा।
  • दाता आगे यह घोषित करता है और वचन देता है कि वह सदैव प्राप्तकर्ता को इस संपत्ति के संपूर्ण, पूर्ण और निर्विवाद स्वामित्व के विरुद्ध किसी भी व्यक्ति द्वारा किए गए सभी दावों से मुक्त रखेगा और उनकी क्षतिपूर्ति करेगा।
  • प्राप्तकर्ता स्वचालित रूप से परिसर की सोसायटी या संघ का सदस्य बन जाएगा और सोसायटी के नियमों, उपनियमों तथा दाता की विक्रय विलेख में उल्लिखित अन्य प्रावधानों का पालन करना प्राप्तकर्ता के लिए अनिवार्य होगा।

संपत्ति का अनुसूची विवरण

जिला :
तहसील :
क्रमांक :
मौजा/गांव :

(उप-पंजीयक कार्यालय …………………………… के अधिकार क्षेत्र में)

खाता संख्या : ………………………………………………………….. (शब्दों में)

प्लॉट संख्या : ………………………………… (शब्दों में), किस्म – …………………………

व्यवहारित क्षेत्रफल : एकड़ ……………………………………..……., (शब्दों में)
कुल क्षेत्रफल एकड़ …………………………………..………….. (शब्दों में) डेसिमल में से, ……………………….…………. (दिशा स्पष्ट करें) दिशा की ओर से।

सीमाबद्ध भूमि विवरण

उत्तर दिशा – ……………………  दक्षिण दिशा – ……………………………..
पश्चिम दिशा – ……………………  पूर्व दिशा – ……………………………..

रेखीय माप (सर्वेक्षण अनुसार)

  • पूर्व से पश्चिम की ओर
    उत्तर भाग – …………… लिंक/फीट/मीटर
    दक्षिण भाग – …………… लिंक/फीट/मीटर
  • उत्तर से दक्षिण की ओर
    पूर्व भाग – …………… लिंक/फीट/मीटर
    पश्चिम भाग – …………… लिंक/फीट/मीटर

कुल विवरण

कुल ………….. खाता, …………… प्लॉट्स, कुल क्रय-विक्रय क्षेत्रफल ……………….. एकड़ (शब्दों में)
कुल मूल्य – रुपए ……………………… (शब्दों में)

किराया आरक्षित
एकड़ ……………………. डेसिमल के लिए किराया – रुपए ……………… (शब्दों में)

यह सभी प्लॉट्स खाली भूमि हैं। इन पर किसी प्रकार की इमारत या संरचना विद्यमान नहीं है। फॉर्म-ए में घोषणापत्र संलग्न है।

[यदि कोई इमारत/संरचना विद्यमान है, तो उसका विवरण फॉर्म-बी के घोषणापत्र में प्रस्तुत किया जाएगा।]

घोषणाएं (DECLARATIONS):

हम, दाता (DONOR), अपनी जानकारी और विश्वास के अनुसार यह घोषणा करते हैं कि –

  • हम, दाता (DONOR), अनुसूचित जाति से संबंधित हैं / नहीं हैं और प्राप्तकर्ता (DONEE) अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति से संबंधित हैं/नहीं हैं।
  • इस विलेख में उपहारस्वरूप दी गई संपत्ति किसी सार्वजनिक धार्मिक संस्था की नहीं है, न ही किसी धार्मिक उद्देश्य के लिए दी गई है और न ही दानस्वरूप अर्पित की गई है।
  • इस विलेख में उपहारस्वरूप दी गई संपत्ति किसी सार्वजनिक देवता की नहीं है, न ही उसे सार्वजनिक देवता के लिए दान या अर्पित किया गया है।
  • यह संपत्ति ओडिशा भूदान यज्ञ समिति/राज्य की किसी नगरीय स्थानीय निकाय की नहीं है।
  • उक्त भूमि लेन-देन राज्य या केंद्र सरकार के किसी अधिनियम/कानून द्वारा प्रतिबंधित या निषिद्ध नहीं है।

साक्ष्य स्वरूप (IN WITNESS WHEREOF):

यह उपहार विलेख (Gift Deed) दाता द्वारा अपनी स्वतंत्र इच्छा, सहमति और सद्विवेक से, बिना किसी दबाव, धोखाधड़ी, अनुचित प्रभाव, मिथ्या प्रतिपादन अथवा भयादि के, पूर्णतः समझकर तथा इसके समस्त आशय को जानकर, उपर्युक्त दिनांक, माह और वर्ष में, प्राप्तकर्ता (Donee) के पक्ष में, नीचे हस्ताक्षरित साक्षियों की उपस्थिति में बनाया, निष्पादित और हस्ताक्षरित किया गया है। 

हमने विलेख की सामग्री समझी/हमें विलेख की सामग्री समझाई गई और हमने उसे सही पाया।

दाता का हस्ताक्षर       प्राप्तकर्ता का हस्ताक्षर
                      (उपहार स्वीकार करने हेतु)

हम इस विलेख को दाता द्वारा स्वेच्छा से किए गए निष्पादन के साक्षी हैं और नीचे दिए गए दिनांक पर अपने हस्ताक्षर करके इसकी पुष्टि करते हैं।

हस्ताक्षर :
नाम :
पता :

हस्ताक्षर :
नाम :
पता :

यह दस्तावेज तैयार किया गया है

(हस्ताक्षर सहित दिनांक / नाम एवं पता)

उपहार विलेख का निष्पादन और पंजीकरण

संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 की धारा-123 के तहत उपहार विलेख का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। सबसे पहले उपहार विलेख तैयार किया जाता है। इसके बाद दूसरा चरण होता है, उसे उचित मूल्य के गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर छपवाना। स्टाम्प पेपर का मूल्य अलग-अलग राज्यों और संपत्ति के प्रकार के अनुसार तय होता है।

इसके बाद दाता (Donor) और प्राप्तकर्ता (Donee) दोनों को उप-पंजीयक कार्यालय (SRO) में जाकर अपनी पहचान व सहायक दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं। पंजीयक (Registrar) के सामने दोनों पक्ष विलेख पर हस्ताक्षर करते हैं। जब पंजीकरण पूरा हो जाता है, तो उपहार विलेख कानूनी रूप से निष्पादित माना जाता है।

उपहार विलेख का रजिस्ट्रेशन कैसे किया जाए?

  • स्टाम्प पेपर पर सभी धाराओं सहित उपहार विलेख का मसौदा तैयार करें।
  • विलेख के हर पेज पर दाता और प्राप्तकर्ता दोनों के हस्ताक्षर होने चाहिए। साथ ही दो गवाहों के हस्ताक्षर भी आवश्यक हैं।
  • उपहार किसे दिया जा रहा है, रक्त संबंधियों को या किसी बाहरी को, इस आधार पर स्टाम्प शुल्क (Stamp Duty) का भुगतान करें।
  • उप-पंजीयक (SRO) कार्यालय जाएं। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद विलेख का पंजीकरण कर दिया जाएगा।
  • पंजीकरण के बाद पंजीयक आपको पंजीकृत उपहार प्रमाणपत्र प्रदान करेगा।

गिफ्ट डीड: टैक्स के नियम और असर

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 56(2)(x) के तहत, 1 अप्रैल 2017 के बाद से उपहारों (गिफ्ट्स) पर टैक्स लागू होता है।

धारा 56(2)(x)(b) के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को उपहार (गिफ्ट) मिलता है और उस पर बनी गिफ्ट डीड का स्टाम्प ड्यूटी मूल्य 50,000 रुपए से अधिक है तो प्राप्तकर्ता को उस संपत्ति के स्टाम्प ड्यूटी मूल्य पर टैक्स चुकाना होता है, लेकिन कुछ खास परिस्थितियों में उपहार पर टैक्स नहीं देना पड़ता। इनमें शामिल हैं – 

  • यदि संपत्ति किसी रिश्तेदार से उपहार में मिली हो।
  • यदि संपत्ति शादी के अवसर पर उपहार के रूप में मिली हो।
  • यदि संपत्ति वसीयत (Will) के माध्यम से प्राप्त हुई हो।
  • यदि संपत्ति दाता की मृत्यु की आशंका में दी गई हो।
  • यदि संपत्ति स्थानीय निकाय, किसी ट्रस्ट या फंड से उपहार में मिली हो।

क्या वरिष्ठ नागरिक द्वारा बनाई गई उपहार विलेख (Gift Deed) रद्द की जा सकती है?

हां, हाल ही में आए सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक फैसले में एक वरिष्ठ नागरिक द्वारा बनाई गई उपहार विलेख को रद्द कर दिया गया, क्योंकि उनके भरण-पोषण की शर्तें पूरी नहीं की गई थीं। 

यह मामला है उर्मिला दीक्षित बनाम सुनील शरण दीक्षित, जिसका निर्णय 2 जनवरी, 2025 को सुनाया गया।

उर्मिला दीक्षित (अपीलकर्ता) ने 9 सितम्बर, 2019 को अपने पुत्र सुनील शरण दीक्षित (प्रतिवादी) के नाम उपहार विलेख दर्ज कराया था। उसी दिन प्रतिवादी ने एक वचन पत्र भी दिया, जिसमें स्पष्ट लिखा था कि वह अपीलकर्ता की जीवनभर देखभाल करेगा और यदि ऐसा नहीं करता तो अपीलकर्ता को उपहार विलेख वापस लेने की स्वतंत्रता होगी। प्रतिवादी ने अदालत में इस वचन पत्र को मनगढ़ंत बताया।

इसके बाद, 24 दिसंबर, 2020 को अपीलकर्ता ने छतरपुर के उप-मंडलीय मजिस्ट्रेट के समक्ष अधिनियम की धारा 22 और 23 के अंतर्गत आवेदन प्रस्तुत किया। इसमें आरोप लगाया गया कि प्रतिवादी ने संपत्ति के आगे हस्तांतरण के लिए उन पर और उनके पति पर हमला किया और दोनों के बीच का प्रेम और स्नेह पूरी तरह समाप्त हो गया है। अपीलकर्ता ने उपहार विलेख को रद्द करने की प्रार्थना की।

न्यायालय ने इस आवेदन को स्वीकार कर लिया और अपीलकर्ता की संपत्ति के हस्तांतरण से संबंधित उपहार विलेख को शून्य और निरस्त घोषित कर दिया।

क्या आप उपहार में मिली हुई संपत्ति बेच सकते हैं?

हां, उपहार में मिली हुई संपत्ति को उसका प्राप्तकर्ता (डोनी) बेच सकता है, बशर्ते कि दाता (डोनर) ने गिफ्ट डीड में इसे बेचने पर रोक से जुड़ी कोई शर्त न रखी हो। यदि गिफ्ट डीड में दाता यह शर्त जोड़ देता है कि डोनी को संपत्ति को ‘एक निश्चित वर्षों तक बेचना नहीं है’ या ‘बिलकुल नहीं बेचना है’, तो डोनी को इस शर्त का पालन करना होगा। अगर डोनी इस शर्त की अनदेखी करके संपत्ति बेचने की कोशिश करता है, तो दाता को गिफ्ट डीड को रद्द करने और अपनी संपत्ति वापस लेने का पूरा अधिकार होता है। उपहार में मिली संपत्ति बेचने की पहली शर्त यह है कि वह संपत्ति रजिस्टर्ड होनी चाहिए।

Housing.com का पक्ष

गिफ्ट डीड (उपहार विलेख) संपत्ति के स्वामित्व को स्थानांतरित करने का एक तरीका है, जब आप उसे किसी को उपहार में देना चाहते हैं। यह सेल डीड से अलग होती है, क्योंकि इसमें स्टाम्प ड्यूटी का भुगतान दाता (जो संपत्ति दे रहा है) को करना पड़ता है। संपत्ति उपहार में देते समय, गिफ्ट डीड का बनना आवश्यक है, ताकि उपहार की प्रक्रिया में दाता और प्राप्तकर्ता दोनों के हित सुरक्षित रहें। सलाह दी जाती है कि आप किसी वकील से परामर्श लें, जो गिफ्ट डीड का मसौदा तैयार करने या बने हुए मसौदे की जांच कर यह सुनिश्चित कर सके कि वह स्थानीय कानूनों के अनुरूप है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गिफ्ट डीड पर स्टाम्प ड्यूटी कितनी होती है?

भारत में गिफ्ट डीड पर स्टाम्प ड्यूटी अलग-अलग राज्यों में अलग हो सकती है। सामान्यतः यह 2 फीसदी से 7 फीसदी तक होती है, जो उस राज्य पर निर्भर करती है, जहां डीड रजिस्टर्ड कराई जा रही है।

क्या गिफ्ट डीड का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है?

हां, रजिस्ट्रेशन एक्ट 1905 के प्रावधानों के तहत गिफ्ट डीड का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है।

 

(हमारे लेख से संबंधित कोई सवाल या प्रतिक्रिया है? हम आपकी बात सुनना चाहेंगे। हमारे प्रधान संपादक झूमर घोष को jhumur.ghosh1@housing.com पर लिखें।)

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