जानिए क्या है 7/12 दस्तावेज और क्यों पड़ती है इसकी जरूरत


जब बात महाराष्ट्र में प्रॉपर्टी खरीदने की आती है तो हम आपको 7/12 या सातबारा उतारा भूमि अभिलेख की भूमिका, महत्व और कानूनी स्थिति के बारे में बताएंगे

आमतौर पर लोग फ्लैट या अपार्टमेंट खरीदने के नियमों के आदी होते हैं। लेकिन अगर आपको महाराष्ट्र में प्लॉट खरीदना हो तो? एेसे मामलों में आपको 7/12 या सात बारह उतारा नाम के दस्तावेज की जरूरत पड़ेगी। महाराष्ट्र सरकार अब ‘7/12’ दस्तावेज महाभूलेख पोर्टल के जरिए ऑनलाइन भी मुहैया करा रही है. यह वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म है, जहां से राज्य के जमीन से जुड़े दस्तावेज सर्च, डाउनलोड और निकाले जा सकते हैं. इसे महाराष्ट्र भूमि अभिलेख भी कहा जाता है, यह महाराष्ट्र में लैंड रिकॉर्ड वेबसाइट है, जो अपने नागरिकों को 7/12 या 8-ए दस्तावेज ऑनलाइन देता है.

क्या है 7/12 दस्तावेज?

महाराष्ट्र के हर जिले में जमीनों का एक रजिस्टर होता है, जिसमें जिले की हर जमीन की जानकारी होती है। इसी रजिस्टर का एक हिस्सा है 7/12 दस्तावेज, जो किसी प्लॉट की पूरी जानकारी देता है। 7/12 दस्तावेज राजस्व विभाग तहसीलदार के जरिए जारी करता है और इसमें प्लॉट के ओनरशिप की पूरी जानकारी जैसे अॉक्युपेंसी, प्लॉट पर देयता, सर्वे नंबर की जानकारी, ओनरशिप की तारीख लिखी होती है। 7/12 दस्तावेज गांव का फॉर्म नंबर दिखाता है। नंबर सात फॉर्म VII का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें मकानमालिकों की जानकारी और उनके अधिकार लिखे होते हैं। जबकि 12 फॉर्म XII का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें जमीन की कृषि विशेषताएं लिखी होती हैं।
फॉर्म VII में अधिकारों का ब्योरा, रहने वालों की जानकारी, मालिक की सूचना, किरायेदार की जानकारी, धारकों के राजस्व दायित्व के अलावा जमीन से जुड़ी अन्य जरूरी सूचनाएं होती हैं। फॉर्म XII में फसल, उसके प्रकार और कितने जमीन पर खेती हुई, इसकी जानकारी होती है। 7/12 दस्तावेज स्वामित्व साबित करने का कोई निर्णायक दस्तावेज नहीं है, यह सिर्फ राजस्व देयता मालूम का एक रिकॉर्ड है। 7/12 दस्तावेज के आधार पर प्रॉपर्टी का शीर्षक ट्रांसफर नहीं किया जा सकता।

7/12 दस्तावेज की अहमियत:

7/12 दस्तावेज में जमीन के स्वामित्व का इतिहास लिखा होता है। इसके जरिए पुराने जमीन विवाद या कानूनी आदेश के बारे में कुछ भी मालूम करना बहुत आसान होता है। चूंकि इसमें जमीन के रिकॉर्ड की जानकारी होती है इसलिए यह बताता है कि क्या भूमि कृषि के लिए इस्तेमाल हुई है और इस पर किस तरह की फसलें उगाई गई हैं।

कैसे हासिल कर सकते हैं 7/12 दस्तावेज:

7/12 दस्तावेज पाने के लिए स्थानीय तहसीलदार के पास अप्लाई करें। साथ ही जमीन का विवरण और दस्तावेज क्यों चाहिए इसकी जानकारी देनी जरूरी है। महाराष्ट्र सरकार की वेबसाइट पर जाकर भी आप दस्तावेज के लिए अप्लाई कर सकते हैं। अगर आप सही जानकारी देते हैं तो दस्तावेज आसानी से मिल जाएगा। अगर आपको जानकारी अॉनलाइन नहीं मिलती तो आप अॉफ लाइन भी अप्लाई कर सकते हैं।

7/12 दस्तावेज ऑनलाइन हासिल करने के लिए अपनाएं ये प्रक्रिया:

स्टेप 1- भूलेख पोर्टल पर जाएं.

स्टेप 2- ड्रॉप डाउन मेन्यू से रीजन सिलेक्ट करें.

how to obtain 7/12 document

स्टेप 3- मेन्यू से 7/12 सिलेक्ट करें और ड्रॉप डाउन लिस्ट से जिला चुनें.

7/12 utara

स्टेप 4- कंट्री और गांव चुनें.

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स्टेप 5-आप सर्वे नंबर, पहला नाम, अंतिम नाम या पूरे नाम के जरिए रिकॉर्ड सर्च कर सकते हैं.

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स्टेप 6- प्रॉपर्टी की डिटेल सामने आने के बाद आपको मोबाइल नंबर के जरिए खुद को रजिस्टर कराना होगा. इसके बाद आप 7/12 दस्तावेज देख पाएंगे.

अगर आप प्लॉट खरीदना चाहते हैं तो 7/12 दस्तावेज सबसे अहम दस्तावेज है, तो जमीन के इतिहास और क्या आपको डील के लिए आखिरी कदम बढ़ा देना चाहिए जैसी सारी शंकाओं को दूर कर देगा. हालांकि, प्रस्तावित खरीदारों को यह ध्यान रखना चाहिए कि 7/12 दस्तावेज जमीन के मालिकाना हक या शीर्षक को किसी और को देने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. इस दस्तावेज में सिर्फ टैक्स और पोजेशन से जुड़ी सूचना होती है.

डिजिटली साइन 7/12 दस्तावेज महाभूलेख ऑनलाइन से कैसे हासिल करें?

अगर आप इस दस्तावेज़ को कानूनी मकसदों के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो यह जरूरी है कि दस्तावेज़ पर डिजिटल रूप से दस्तखत हों, जो दस्तावेज़ की प्रामाणिकता को साबित करता है. डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित 7/12 दस्तावेज़ की अपनी कॉपी हासिल करने के लिए, इस प्रक्रिया का पालन करें.

स्टेप 1: आपले अभिलेख पोर्टल पर जाएं और ई-रिकॉर्ड्स पर क्लिक करें.

Maha Bhulekh

स्टेप 2: न्यू यूजर रजिस्ट्रेशन पर क्लिक कर खुद को रजिस्टर करें. मांगी गई सभी जानकारी भरें. खुद को रजिस्टर करने के बाद पोर्टल पर क्लिक करें.

Aaple Abhilekh

 

स्टेप 3: सर्च क्राइटेरिया को सिलेक्ट करें ताकि आप अपनी प्रॉपर्टी की जानकारी ढूंढ सकें और कार्ट में प्रॉपर्टी  दस्तावेज जोड़ सकें.

स्टेप 4: दस्तावेजों को कार्ट में जोड़ने के बाद डाउनलोड पर क्लिक करें. सारे दस्तावेज डिजिटल दस्तखत के साथ डाउनलोड हो जाएंगे, जिसे एडोब पीडीएफ रीडर का इस्तेमाल कर प्रमाणीकृत किया जा सकता है.

7/12 में म्यूटेशन (अपडेशन) के लिए कैसे अप्लाई करें

अगर भूमि के मालिक को ऑनलाइन 7/12 दस्तावेज या फिर 7/12 के हस्तलिखित दस्तावेज में की जानकारी में कोई विसंगति या त्रुटियां मिलती हैं तो वह करेक्शन के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकता है.  इन त्रुटियों में शामिल हैं:

-7/12 का कुल एरिया
-यूनिट ऑफ एरिया
-अकाउंट होल्डर का नाम
-अकाउंट होल्डर का एरिया

महाराष्ट्र में भूमि रिकॉर्ड में सुधार और अपडेशन के लिए आवेदन कैसे करें:

स्टेप 1: E-Rights पोर्टल पर जाएं और एक अकाउंट बनाएं.

स्टेप 2: पोर्टल पर लॉग इन करें और ‘७/१२ म्यूटेशन के विकल्प को सिलेक्ट करें ताकि लैंड रिकॉर्ड म्यूटेशन एंट्री शुरू की जा सके.

स्टेप 3: इसके बाद आपको एक पॉप अप मैसेज मिलेगा, जिसमें यूजर का सटीक ‘रोल’ सिलेक्ट करना होगा. ऐसे तीन रोल्स हैं, जिसमें डाटा एंट्री की जा सकती है: सिटीजन, बैंक/सोसाइटी और अन्य. रोल सिलेक्ट करने से पहले आवेदक को बहुत सजग रहना चाहिए क्योंकि कुछ म्यूटेशन टाइप कुछ खास रोल के लिए ही प्रतिबंधित हैं. उदाहरण के तौर पर, ‘सिटीजन’ रोल सिर्फ ये काम कर सकता है:

-उत्तराधिकारियों को जोड़ना
-गार्जियन के नाम को हटाना
-एचयूएफ के नाम को हटाना
-वसीयत को जोड़ना/हटाना
-मृतक शख्स के नाम को हटाना
-ट्रस्टी का नाम हटाना

स्टेप 4: भूमि रिकॉर्ड में किए गए परिवर्तनों को दर्ज करने के लिए विवरण पेश करें.

7/12 दस्तावेज के 5 उपयोग:

-इसमें लिखा होता है कि जो प्लॉट आप खरीदना चाहते हैं, वह नियमित तौर पर इस्तेमाल हो सकता है।
-यह एक कानूनी दस्तावेज है, इसलिए अगर आपने जमीन खरीदी है तो रिकॉर्ड्स आपके नाम पर होंगे और यह 7/12 दस्तावेज में भी दर्ज होगा।
-अगर आप प्रॉपर्टी के एवज में लोन ले रहे हैं तो बैंक इसकी मांग कर सकता है।
-इसमें जमीन, कानूनी विवाद और लोन से संबंधित जानकारी होती है।

7/12 (सातबार उत्तरा) निकालने के पांच उपयोग

  • इसमें ऐसे विवरण शामिल हैं जो यह बता सकें कि क्या वह साजिश जिसे आप खरीदना चाहते हैं, उसे नियमित उपयोग के लिए एक एक्सेस रोड है।
  • यह एक कानूनी दस्तावेज़ के रूप में काम करता है इसलिए, यदि आपके पास बोफ हैएक देश में, तो, रिकॉर्ड आपके नाम में स्थानांतरित कर दिए जाते हैं और यह 7/12 निकालने में परिलक्षित होता है।
  • यह महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक है जो बैंक पूछते हैं, अगर आप ऐसी संपत्ति के खिलाफ ऋण जुटाने की योजना बना रहे हैं।
  • इसका उपयोग नागरिक क़ानूनी विवादों में किया जा सकता है।
  • इसमें भूमि के विभाजन, कानूनी विवाद, ऐसी भूमि पर ऋण विवरण आदि संबंधित जानकारी शामिल है।

क्या है महाभूलेख (महाराष्ट्र भूमि अभिलेख)?

महाभूलेख या महाराष्ट्र भूमि अभिलेख महाराष्ट्र में भूमि का हिसाब-किताब रखने वाली एक वेबसाइट है, जो नागरिकों को ऑनलाइन 7/12 या 8A दस्तावेज मुहैया कराती है. जमीन से जुड़े विवाद और पिछले मालिकों की जानकारी के लिए दोनों ही दस्तावेज बेहद जरूरी हैं. महाभूलेख के जरिए महाराष्ट्र में जमीन मालिक जमीन के रिकॉर्ड्स  को ढूंढ और चेक कर सकते हैं और उसकी कॉपी मामूली फीस चुकाकर हासिल कर सकते हैं.

महाभूलेख मोबाइल ऐप: रहें सावधान

जमीन के मालिकों को सावधान रहना चाहिए क्योंकि गूगल प्ले स्टोर पर महाभूलेख के नाम से कई फर्जी ऐप्स मौजूद हैं. महाभूलेख पोर्टल का कोई आधिकारिक मोबाइल ऐप उपलब्ध नहीं है. 7/12 दस्तावेज, म्यूटेशन इत्यादि जैसी जानकारियां सिर्फ bhulekh.mahabhumi.gov.in पर ही मौजूद हैं. ये मोबाइल ऐप्स प्राइवेट कंपनियों और लोगों ने बनाए हैं और ये मालवेयर के जरिए आपके मोबाइल फोन का डेटा करप्ट या खराब कर सकते हैं.

पूछे जाने वाले सवाल

क्या है 7/12 (सातबारा)?

7/12 एक भूमि रजिस्टर का सार है, जो किसी खास प्लॉट का पूरा विवरण देता है.

7/12 दस्तावेज कहां इस्तेमाल होता है?

यह कानूनी दस्तावेज का काम करता है. अगर आप प्रॉपर्टी के एवज में लोन लेना चाहते हैं तो यह उन दस्तावेजों में से एक है, जो बैंक मांगते हैं.

7/12 को ऑनलाइन कैसे हासिल और डाउनलोड करें?

आप भूलेख पोर्टल के जरए 7/12 दस्तावेज ऑनलाइन हासिल कर सकते हैं.

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