बेडरूम में अपनाएंगे ये वास्तु टिप्स तो खुल जाएंगे किस्मत के दरवाजे


कई बार छोटी चीजें भी आपका भाग्य खोल देती हैं। वास्तु शास्त्र में लिखा है कि बेडरूम में थोड़ा बदलाव करके आपके घर में पॉजिटिव एनर्जी आ सकती है और पति-पत्नी के बीच प्यार और भी बढ़ सकता है।

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आपका पाला ऐसे कई लोगों से पड़ता होगा, जो वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन करते हैं. वे कहते हैं कि वास्तु आपको अपने रहने की जगह और जीवन को अनुकूलित करने और सकारात्मक रहने में मदद कर सकता है. यहां तक कि जो लोग वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों पर ज्यादा विश्वास नहीं करते हैं, जब उन्हें यह मालूम चलता है कि वास्तु कैसे जगह के इस्तेमाल के बारे में बताता है, तो वे भी इसे फॉलो करने लगते हैं.आपके घर में सबसे अहम व्यक्तिगत स्थानों में से एक आपका बेडरूम है. आइए आपको बताते हैं कि वास्तु इसे आराम, विश्राम और कायाकल्प में कैसे बदल सकता है.

 

वास्तु सलाहकार और इस विषय पर किताबें लिख चुके लेखक डॉ. नितिन परमार ने कहा, ”वास्तु शास्त्र वास्तुकला का भारतीय ब्रह्मांड विज्ञान है और यह सौहार्दपूर्ण वातावरण लाकर लोगों की जिंदगी में खुशियां, शांति और वैभव लाता है। यह संतुलन और लय बनाकर अच्छी जिंदगी सुनिश्चित करता है”। आज हम आपको बताएंगे कि वास्तु शास्त्र कैसे आपके बेडरूम का नक्शा बदलकर उसे आराम और कायाकल्प की जगह बना देता है।

 

वास्तु के मुताबिक बेडरूम की दिशा?

डॉ.परमार के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम में बेडरूम होने से घर के मालिक का स्वास्थ्य अच्छा रहता है और समृद्धि आती है। बेडरूम उत्तर-पूर्व या दक्षिण-पूर्व में नहीं होना चाहिए। दक्षिण-पूर्व में होने से दंपत्ति के बीच झगड़े होते हैं, जबकि उत्तर-पूर्व में होने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। बच्चों का कमरा घर के पूर्व या उत्तर-पश्चिम में होना चाहिए।

इसके अलावा नॉर्थ में बेडरूम सभी के लिए भाग्यशाली है. . यह उन युवा छात्रों के लिए विशेष रूप से बहुत भाग्यशाली है जो नौकरी या व्यवसाय के अवसरों की तलाश में हैं।. इसी तरह पूर्व दिशा में बेडरूम उन्हें तेज बुद्धि देगा और पढ़ाई में बेहतर करने में मदद करेगा.

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वास्तु के मुताबिक मास्टर बेडरूम में किसे सोना चाहिए?

अगर किसी परिवार में शादीशुदा लोग और कुंवारे लोग दोनों हैं तो वास्तु के मुताबिक सिर्फ शादीशुदा लोगों को ही मास्टर बेडरूम में सोना चाहिए. नियमित आकार वाला बेडरूम ज्यादा अच्छा है बजाय कट्स और शेप्स वाले बेडरूम्स से.

 

Vastu for bedroom

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परिवार के हर शख्स के लिए बेडरूम की सर्वश्रेष्ठ दिशा

Best direction to sleep

 

वास्तु के मुताबिक बेड की प्लेसमेंट

वास्तु के मुताबिक आपके बेड का सिरहाना पूर्व या दक्षिण की ओर होना चाहिए। मास्टर बेडरूम में वास्तु के मुताबिक बेड प्लेसमेंट बहुत जरूरी है क्योंकि ये परिवारवालों के स्वास्थ्य और नींद की गुणवत्ता को प्रभावित करता है. वास्तु एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मास्टर बेडरूम में सोने की पोजिशन या तो साउथ या फिर वेस्ट में होनी चाहिए. दीवार की ओर बेड का सिरहाना दक्षिण या पश्चिम दिशा में होना चाहिए ताकि सोते वक्त आपके पैर दक्षिण या पूर्व की ओर हों.

गेस्ट रूम में बेड का सिरहाना पश्चिम की ओर होना चाहिए. अगर आपका बेड लकड़ी का बना है तो यह सर्वश्रेष्ठ है. लोहा नकारात्मक ऊर्जा लाता है. आपसी मेलजोल को बढ़ाने के लिए एक कपल को सिंगल मेट्रेस पर सोना चाहिए ना कि दो अलग मेट्रेस पर.

कमरे के कोने में बिस्तर लगाने से बचें क्योंकि यह सकारात्मक ऊर्जा को स्वतंत्र रूप से बहने से रोकता है. वास्तु के अनुसार, बिस्तर की स्थिति दीवार के मध्य भाग के साथ होनी चाहिए ताकि चारों ओर घूमने के लिए पर्याप्त जगह हो.

 

bedroom vastu

 

वास्तु के मुताबिक सोने की दिशा

वास्तु के मुताबिक सोने के लिए सबसे अच्छी दिशा दक्षिण है और अगर आप लंबी नींद लेना चाहते हैं तो ये नींद की आदर्श दिशा है. इसके अलावा उत्तर दिशा की ओर पैर करके सोने से सौभाग्य और भाग्य आकर्षित होता है. वैकल्पिक रूप से, आप पूर्व दिशा की ओर पैर करके भी सो सकते हैं क्योंकि इससे धन और मान्यता में वृद्धि होती है. इसे ध्यान में रखें. जो लोग उत्तर दिशा की ओर सिर करके सोते हैं, उनको शांतिपूर्ण और अच्छी नींद नहीं मिलती.

 

Sleeping direction vastu

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इन बातों का रखें ध्यान:

सोते वक्त पैरों की दिशाफायदे
पूर्वमान और वैभव
पश्चिमसद्भाव और आध्यात्मिकता
उत्तरसमृद्धि और अपारदर्शिता

दक्षिण दिशा की ओर पैर करके न सोएं क्योंकि इससे आपको अच्छी नींद नहीं मिलेगी. दक्षिण दिशा मौत के देवता की होती है और इसे नजरअंदाज करना चाहिए. इससे आप मानसिक रूप से बीमार हो सकते हैं.

 

वास्तु के मुताबिक बेडरूम में शीशा कहां रखें

माना जाता है कि शीशा बेडरूम के चारों ओर ऊर्जा उछालते हैं, जिसके परिणामस्वरूप बेचैनी हो सकती है और चिंताएं बढ़ सकती हैं. यह विशेष रूप से जरूरी है कि अपने बिस्तर के सामने की दीवार पर शीशा न लगाएं. इसके अलावा ऐसा ड्रेसिंग टेबल, जिसमें शीशा लगा हो, उसे लगाते वक्त भी सावधानी बरतें.

ड्रेसिंग टेबल रखते वक्त बहुत सावधानी बरतें। वास्तु के मुताबिक आपके बेड के सामने शीशा नहीं होना चाहिए, क्योंकि किसी के सोते हुए की परछाई अगर शीशे में दिखती है तो यह अशुभ माना जाता है। ड्रेसिंग टेबल को उत्तर या पूर्व की दीवार में लगाना चाहिए.

बेड के सामने रखे शीशे को किसी कपड़े से ढक दें ताकि इसमें आपका बेड ना दिखाई दे.

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वास्तु और प्रेग्नेंसी

जो कपल नॉर्थ ईस्ट की दिशा वाले बेडरूम में सोता है, उन्हें बच्चा होने में परेशानी हो सकती है या फिर मिसकैरिज हो सकता है. ऐसा माना जाता है कि जब एक महिला कनसीव करती है तो कपल को साउथ ईस्ट दिशा के बेडरूम में नहीं रहना चाहिए क्योंकि इस कमरे में ज्यादा गर्मी होती है.

 

उपकरणों से बनाए दूरी

जो भी चीज बेडरूम की शांति को भंग करे, उसकी वहां कोई जरूरत नहीं है, यहां तक कि टीवी भी नहीं। अगर आपके बेडरूम में टीवी है तो उसकी बेड से उचित दूरी होनी चाहिए। शीशे की तरह टीवी की स्क्रीन में भी बेड नहीं दिखना चाहिए। डॉ.परमार के मुताबिक बेडरूम में कंप्यूटर रखने से बचना चाहिए या वह एक खास दूरी पर रखा होना चाहिए। कंप्यूटर और मोबाइल फोन ज्यादा बिजली खपाने वाले उपकरण होते हैं और सेल फोन, कंप्यूटर्स व टीवी में से खतरनाक किरणें निकलती हैं।

पेंट का रंग क्या होना चाहिए

क्लासिकल वास्तु और फेंगशुई के एक्सपर्ट डॉ. स्नेहल देशपांडे के मुताबिक रंग सिर्फ हमारी दुनिया को रंगीन ही नहीं बनाते बल्कि उनका हमारे मूड, स्वास्थ्य और खुशियों पर भी असर पड़ता है।

अपने बेडरूम में अॉफ वाइट, बेबी पिंक और क्रीम कलर का पेंट कराएं। डार्क कलर्स कराने से परहेज करें। अपने कमरे को साफ और व्यवस्थित रखें। लाल रंग का एक बेहद छोटा टच जोड़ें क्योंकि यह जुनून का प्रतिनिधित्व करता है लेकिन लाल रंग के जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल से बचें क्योंकि यह आग का प्रतीक है और गुस्सैल स्वभाव का कारण बन सकता है.

बच्चों के बेडरूम को हरे (जो विकास का प्रतिनिधित्व करता है) या पीले (खुशी और पढ़ाई में सहायक) में रंगवाया जा सकता है. बच्चे के बेडरूम में काले, गहरे नीले और भूरे जैसे गहरे रंगों से बचें. कोई भी हल्के नीले, पीले, नारंगी और यहां तक कि बैंगनी और हरे रंग के चमकीले रंगों का चुनाव कर सकता है. सामान्य तौर पर बहुत सारे रंगों से बचें, क्योंकि यह भ्रम और व्याकुलता पैदा कर सकता है. कमरा साफ-सुथरा होना चाहिए और उसमें गंदगी नहीं होनी चाहिए.

 

Bedroom colours as per vastu

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कूड़े को दिखाएं बाहर का रास्ता

जिन चीजों का इस्तेमाल आपने वर्षों से न किया हो जैसे घड़ियां, बिजली के सामान, टूटी हुई पेंटिंग्स और मशीनों को अपने बेडरूम में न रखें। ये चीजें पॉजिटिव एनर्जी को घर में आने से रोकती हैं और अशांति फैलाती हैं। अपने बेडरूम में वाटर फाउंटेन, एक्वेरियम, युद्ध के चित्र और अकेली महिला की तस्वीर कभी न लगाएं।

खुशबू का कमाल

अच्छी खुशबू आपका मूड झट से ठीक कर सकती है। इसलिए कोशिश करें कि आपका रूम हमेशा सुगंधित रहे। अपने बेडरूम में सुगंधित मोमबत्तियां, डिफ्यूजर्स या परफ्यूम रखें। आप चमेली या लैवेंडर की खुशबू का इस्तेमाल कर सकते हैं। देशपांडे ने कहा कि कपल्स को बे़डरूम के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में दिल के शेप वाले चमकीले पत्थर रखने चाहिए। यह आपकी जिंदगी में खुशियां लाएंगे।

 

होम ऑफिस और बेडरूम में बुकशेल्फ के लिए वास्तु टिप्स

वास्तु के सिद्धांतों के मुताबिक बुकशेल्फ या ऑफिस डेस्क को पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम कोने में रखना चाहिए. यह सलाह दी जाती है कि बेडरूम के अंदर पर्सनल लाइफ और अलग से काम के लिए जगह बनाएं. काम करने की जगह को इस तरह से बनाएं ताकि टेबल पर बैठने वाले शख्स का चेहरा पूर्व, उत्तर या उत्तर पूर्व दिशा की ओर हो. वास्तु का कहना है कि रैक्टैंगुलर और स्क्वेयर के आकार का डेस्क होना चाहिए. आपके घर का दफ्तर बड़ा, साफ-सुथरा होना चाहिए, जिसमें पर्याप्त रोशनी और हवा आती हो. बेड पर बैठकर कभई काम न करें.

 

बेडरूम लाइट्स के लिए वास्तु टिप्स

वास्तु के मुताबिक सूर्य की रोशनी का कमरे की सकारात्मकता पर काफी असर पड़ता है. दिन में कुछ समय के लिए बेडरूम को प्राकृतिक रोशनी में रहने दें. फ्लोरोसेंट रोशनी और ओवरहेड स्पॉटलाइट कार्यात्मक नजरिए से उपयोगी होते हैं. हालांकि, टास्क-लाइटिंग आपके दिमाग को टास्क-मोड में जाने के लिए प्रेरित करती है.

बेडरूम में मूड लाइटिंग के लिए गर्म रोशनी के साथ कुछ फिक्सचर्स चुनें. तीव्रता को एडजस्ट करने के लिए डिमर्स का इस्तेमाल करें. माहौल बनाने के लिए रोशनी, प्रतिबिंब और ब्लिंग के लिए रोशनी का उपयोग करें. खराब लाइटिंग फिक्स्चर या फ्यूज्ड बल्ब को तुरंत ठीक किया जाना चाहिए।

 

वास्तु के अनुसार पलंग और बिस्तर

बेड में हमेशा सिर टिकाने की जगह होनी चाहिए। अपने बेडरूम में गोल या अंडाकार शेप का बेड न रखें। इस मामले में चौकोर या आयताकार आकार का बिस्तर हमेशा अच्छा होता है।

 

कपल्स के लिए वास्तु

मास्टर बेडरूम में आपका बेड हमेशा दक्षिण दिशा या फिर दक्षिण-पश्चिम की ओर होना चाहिए लेकिन इन दोनों के बीच में नहीं. इससे रिश्ते टूटते हैं. खूबसूरत रिश्तों के लिए पत्नी को हमेशा पति के बाईं (लेफ्ट) ओर सोना चाहिए. ध्यान दें कि आपके कमरे का उत्तर-पूर्वी हिस्सा गंदा नहीं होना चाहिए.

अगर आपकी शोपीस या आर्ट रखने में दिलचस्पी है तो सुनिश्चित करें कि आप एकान्त वस्तुओं को न रखें, जैसे कि एक अकेला जानवर या अकेला पक्षी. हमेशा जोड़े में रखें जैसे कि कबूतर या आदर्श जोड़े जैसे देवी लक्ष्मी और नारायण.

वास्तु के अनुसार शांतिपूर्ण बेडरूम के लिए युद्ध के दृश्यों, राक्षसों, उल्लू, बाज या गिद्धों को दिखाने वाली तस्वीरों से बचें. इसके बजाय, हिरण, हंस या तोते की तस्वीरें रखें. मजेदार ट्रिप्स और पारिवारिक यात्राओं की तस्वीरें, पोस्टर, स्मृति चिन्ह लगाएं प्रदर्शित करें जो आपको अच्छे समय की याद दिलाती हैं.

 

वास्तु के मुताबिक अपने बेडरूम में ये न करें

तस्वीरें

पूर्वजों की तस्वीरें दीवार पर टंगी हुई नहीं होनी चाहिए।

मंदिर

बेडरूम में मंदिर न रखें।

टूटी चीजें

घर से टूटी हुई चीजों को बाहर फेंक दें।

लोहे के बिस्तर

लकड़ी के बिस्तर सबसे अच्छे हैं, जितना हो सके लोहे के बिस्तरों से बचें.

ओवरहेड बीम

बिस्तर के ऊपर की छत गोल नहीं होनी चाहिए। किसी बीम के नीचे नहीं सोना चाहिए.

यह भी देखें: संरचनात्मक परिवर्तन किए बिना घर के वास्तु में सुधार कैसे करें?

 

बेडरूम में ये वास्तु टिप्स फॉलो करें

खिड़कियां

सोते वक्त कभी अपने पीछे खिड़की खोलकर न सोएं.

दरवाजे

अगर इस्तेमाल में न हो तो अटैच टॉयलेट का दरवाजा बंद रखें। बेडरूम में ऐसे दरवाजे नहीं होने चाहिए जो चरचर करें. जितनी जल्दी हो सके, उन्हें ठीक करा लें.

नकारात्मक ऊर्जा को बाहर जाने दें

फर्श को सप्ताह में एक बार पानी में समुद्री नमक घोलकर साफ करें, क्योंकि यह नकारात्मक ताकतों को दूर करता है।

मैट्रेस का प्रकार

बेडरूम में डबल बेड पर भी सिंगल मैट्रेस बिछाएं, खासकर तब जब यह किसी कपल का बेड हो.

अलमारी की प्लेसमेंट

अगर अलमारी है तो उसे साउथ/वेस्ट दीवार पर रखें.

बेड की प्लेसमेंट

दक्षिण/ पश्चिम की दीवारें आपके बिस्तर को रखने के लिए सबसे अच्छी हैं. अगर आप ऐसा करने में असमर्थ हैं, तो दीवार और बिस्तर के बीच चार इंच की दूरी सुनिश्चित करें.

बच्चों का बेडरूम

बच्चों का कमरा हमेशा घर के पश्चिमी हिस्से में बनवाएं और उसका दरवाजा पूर्व की ओर खुलना चाहिए ताकि सकारात्मक ऊर्जा आए और बेडरूम में खुशनुमा माहौल रहे. ध्यान रहे कि घर का बेडरूम हमेशा उस तरह खुलना चाहिए जैसे घड़ी घूमती (Clockwise) है. इसके अलावा, दरवाजे पर कोई चिह्न लगाने से बचें क्योंकि इससे नकारात्मक ऊर्जा आएगी जैसे गुस्सा या पैरेंट्स और बच्चों में झगड़ा.

बेडरूम के लिए रंग

बेडरूम की दीवारों के लिए मिट्टी के रंग जैसे बादामी शेड अच्छे हैं.

 

अच्छी नींद के लिए वास्तु टिप्स

  • कभी भी अपना सिर दरवाजे की ओर करके ना सोएं क्योंकि इससे आपको बुरे सपने आ सकते हैं.
  • अगर बेड बीम के नीचे है तो आपको सोने में परेशानियां हो सकती हैं.
  • कभी भी पानी का जग साउथ-ईस्ट दिशा में ना रखें क्योंकि इससे आपको नींद आने में परेशानियां हो सकती हैं.
  • बेडरूम के लिए गहरे रंग का फर्नीचर इस्तेमाल ना करें.
  • कभी भी अटैच बाथरूम या फिर कपड़े धोने की जगह को रात में खुला ना छोड़ें.

 

बेडरूम के लिए पौधे

अगर आप बेडरूम में हरियाली चाहते हैं तो वास्तु के हिसाब से कुछ पौधे रखे जा सकते हैं.

  • मनी प्लांट: मनी प्लांट कमरे के कोने में रखें ताकि वातावरण तनाव मुक्त हो जाए. हालांकि सुनिश्चित करें कि पौधे को अप्रत्यक्ष सूर्य की रोशनी मिलती रहे. यह पौधा सबसे अच्छे वायु शुद्ध करने वाले घरेलू पौधों में से एक है. इसलिए, सुनिश्चित करें कि इसे बढ़ने के लिए कुछ सपोर्ट मिलता रहे.
  • बैंबू प्लांट: वास्तु शास्त्र और फेंगशुई के मुताबिक बैंबू प्लांट सबसे भाग्यशाली पौधों में से एक होता है. इसे न्यूनतम देखभाल चाहिए और इसे बेडरूम में कहीं भी रखा जा सकता है. हालांकि साउथ-ईस्ट कॉर्नर इसके लिए सबसे मुफीद जगह है.
  • लिली प्लांट: लिली प्लांट खुशी, शांति और सद्भाव का प्रतीक होता है. लिली का पौधा सकारात्मक बोध का अहसास दिलाता है और बुरे सपनों को दूर रखता है.
  • लैवेंडर का पौधा: लैवेंडर की आरामदेह सुगंध आंतरिक शांति को बढ़ावा देने के लिए जानी जाती है. आप इसे अपनी बेडसाइड टेबल के पास रख सकते हैं ताकि इसकी सबसे अच्छी खुशबू आ सके.

 

क्या वास्तु वाकई काम करता है?

मुंबई की हाउसवाइफ सुनैना मेहता कहती हैं, ‘वास्तु के सिद्धांतों का पालन करना लाभदायक है. मेहता कहती हैं लंबे समय तक घर में छोटे-छोटे मुद्दों पर तीखी बहस होती थी. तब सुनैना ने कुछ अनोखा काम किया. उन्होंने बेडरूम को फिर से अरेंज किया और टूटे हुए सीडी और डीवीडी प्लेयर, जिसे उन्होंने बेड के अंदर रखा हुआ था, उसे बाहर फेंक दिया. मेहता की शादीशुदा जिंदगी फिर से खुशहाल हो गई है. सुनैना ने घर की सफाई यूं ही नहीं की थी. उन्होंने बेडरूम को फिर से अरेंज करते वक्त वास्तु शास्त्र के नियमों को फॉलो किया था. उन्होंने कहा, मैंने दीवार से रोती हुई महिला की ऑयल पेंटिंग भी फेंक दी.’

 

पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

वास्तु के अनुसार बेडरूम के लिए कौन सा रंग सबसे अच्छा है?

अपने बेडरूम को ऑफ-व्हाइट, बेबी पिंक या क्रीम कलर से पेंट करें. गहरे रंगों से बचें. कमरा अच्छी तरह से व्यवस्थित होना चाहिए. अपने बेडरूम को साफ और अव्यवस्था मुक्त रखें.

वास्तु के मुताबक बेड की आदर्श पोजिशन क्या होनी चाहिए?

वास्तु के मुताबिक, आपके बेड का सिरहाना पूर्व या दक्षिण की ओर होना चाहिए.

सोने के लिए सबसे बेहतर दिशा कौन सी है?

एकजुटता को प्रोत्साहित करने के लिए, एक कपल को एक ही गद्दे पर सोना चाहिए ना कि अलग-अलग गद्दों पर. इस आर्टिकल में इस बारे में ज्यादा जानकारी उपलब्ध है.

 

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