घर में पॉजिटिव वाइब्स लाने के लिए फॉलो करे ये वास्तु टिप्स


घर में आने वाली ऊर्जा उसके निर्माण और सजावट से प्रभावित होती है. आज हम आपको कुछ ऐसे तरीके बता रहे हैं, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह में तेजी आएगी.

हर कोई ऐसे घर में रहना चाहता है, जो आरामदायक, शांत और फिर से जीवंत कर सके. यह समझना जरूरी है कि घर की ऊर्जा उसमें रहने वालों को प्रभावित करती है. वास्तु प्लस के नितिन परमान ने कहा, “वातावरण स्वस्थ शरीर और मन के निर्माण और नींव के लिए बेहद जरूरी है और वास्तु शास्त्र स्वस्थ जिंदगी जीने के कई तरीके बताता है.” परमार ने कहा, ”अगर सही से फॉलो किया जाए तो वास्तु शास्त्र घर में रहने वालों को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने में मदद करता है.”

 

घर में सकारात्मक ऊर्जा को कैसे आकर्षित करें?

 

मुख्य द्वार के लिए वास्तु टिप्स

शांति और ऊर्जा प्रवाह के सिद्धांतों के मुताबिक वास्तु शास्त्र जिंदगी बेहतर बनाता है. घर का मुख्य द्वार ऊर्जा के प्रवाह का एंट्री पॉइंट होता है. जो गेट घर के बाहर की ओर खुलता है, वह ऊर्जा को घर से दूर धकेल देता है. लिहाजा मुख्य द्वारा ऐसा होना चाहिए जो क्लॉकवाइज (जिस तरह घड़ी घूमती है) तरीके से खुले. अगर दरवाजा पूरी तरह नहीं खुलेगा तो अवसर भी सीमित हो जाएंगे. यह सुनिश्चित करें कि मुख्य द्वार के पास लॉबी में अंधेरा न रहे. अच्छी रोशनी होने से ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है और परिसर में संतुलन और शांति बढ़ती है. हर घर में दरवाजे के फ्रेम के पास फ्लोर पर डेवढ़ी होनी चाहिए. यह घर को बाहरी नकारात्मक प्रभावों से बचाता है. सुनिश्चित करें कि घर का मेन गेट साफ सुथरा हो. मेन गेट पर शू रैक न रखें, क्योंकि मेन गेट समृद्धि और सकारात्मकता का द्वार है. घर के मुख्य दरवाजे के पास पानी और फूलों की पंखुड़ियों से भरा बर्तन वास्तु के अनुसार अच्छा होता है. पानी नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करता है और इस प्रकार सकारात्मक माहौल बनाने में मदद करता है.

सकारात्मक ऊर्जा के लिए जगह

घर को साफ-सुथरा रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. अव्यवस्था स्थिर ऊर्जा पैदा करती है और सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को रोकती है. घर में कभी टूटी या चटकी हुई चीजें न रखें. अलमारी और दराज से ऐसी चीजें साफ कर दें, जिनकी जरूरत नहीं है. घर को अच्छी तरह से साफ करें और सुनिश्चित करें कि वहां कोई मकड़ी के जाले न हों. घर में नमक के पानी का पोछा लगाएं. माना जाता है कि ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव घटता है.

वास्तु के मुताबिक निर्माण

घर की ऊर्जा और उसमें रहने वालों के स्वास्थ्य के बीच गहरा संबंध है. ऐसा कहना है वास्तु एक्सपर्ट रसेष एच शाह का. शाह का कहना है कि प्राचीन वास्तुकला अनुपातों और स्ट्रक्चर के प्लानिंग के बारे में थी, जो हमेशा पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र और रंगों के सामंजस्य के साथ समन्वय में हो. इसलिए निर्माण सही समय (मुहुर्त) पर शुरू कराना चाहिए. हर इमारत में तीन तरह की ऊर्जा होती है.- कॉस्मिक, अर्थ एंड स्ट्रक्चरल. जगह को सकारात्मक बनाने और तीनों को सद्भाव में सुनिश्चित करने के लिए जगह के मध्य (जिसे ब्रह्मस्थान भी कहा जाता है) में किसी तरह का ढांचीय उल्लंघन नहीं होना चाहिए. इससे सुनिश्चित होगा कि कॉस्मिक एनर्जी का प्रवाह संतुलित है. नॉर्थ ईस्ट कोने को जिंदादिल रखकर अर्थ एनर्जी को संतुलित किया जा सकता है. जगह में कोई अव्यवस्था नहीं होने से स्ट्रक्चरल एनर्जी से सामंजस्य बिठाया जा सकता है.

सामान्य दोषों के लिए वास्तु उपाय

  • घर की सारी नकारात्मक शक्तियों को सोखने के लिए कच्चा समुद्री नमक रखें. इसके अलावा, आप फर्श को साफ करने के लिए इस्तेमाल होने वाले पानी में एक चुटकी समुद्री नमक मिला सकते हैं.
  • अगर आपको ऐसा लग रहा है कि आपका काम रुक रहा है या फिर प्लान के मुताबिक आपके काम नहीं हो रहे हैं तो घर में दो कपूर के गोले या क्यूब्स रखें और जब वे सूख जाएं तो उन्हें बदल दें.
  • अगर आपको लगता है कि घर में वास्तु दोष है तो छह या आठ खोखली छड़ों वाली विंड चाइम्स का इस्तेमाल करें, क्योंकि इससे अच्छी ऊर्जा बढ़ती है.
  • घोड़े की नाल को ऊपर की तरफ पॉइंट करते हुए लटकाएं, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि यह सभी अच्छी ऊर्जाओं को आकर्षित और समाहित करता है. इसके लिए मेन गेट सही जगह है.
  • लिविंग रूम में अपने परिवार की तस्वीरें लगाने से रिश्तों में मजबूती और सकारात्मकता आ सकती है.

वास्तु एक्सपर्ट्स के मुताबिक, घर की चीजों को सही तरह से रखकर सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाया जा सकता है. साथ ही इससे घर में रहने वालों का स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा. परमार ने कहा, “अगर बाथरूम किचन के ठीक दूसरी ओर है तो दरवाजा बंद रखें और दरवाजे के फ्रेम पर वास्तु ऊर्जा के जरिए उन्हें विभाजित कर दें ताकि नकारात्मक ऊर्जा वहीं रुक जाए.” शाह ने कहा, “शीशे ऊर्जा को वापस धकेलते हैं. इसलिए अगर बेड के सामने शीशा हो तो बेहतर नींद के लिए उसे ढककर रखें या हटा दें. घर में एक तुलसी का पौधा होना चाहिए. इससे नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है.”

 

सकारात्मक ऊर्जा के लिए कुछ सजावट टिप्स

  • साफ हवा और सूरज की रोशनी घर में सकारात्मक ऊर्जा लाती है. लिहाजा सुबह के समय कुछ देर के लिए घर की खिड़कियां खोल दें.
  • वास्तु सिद्धांतों के अनुसार घर में कोई भी काला कोना नहीं होना चाहिए. अगर किसी जगह पर पर्याप्त प्राकृतिक धूप नहीं है, तो सुनिश्चित करें कि वहां पर्याप्त आर्टिफिशियल लाइट हो. दिन के उचित समय पर लाइट जलाना कमरे को रोशन और अधिक सकारात्मक बना सकता है.
  • एक्वेरियम चलते पानी की तरह होते हैं और उत्तर-पूर्व दिशा में रखे जाने पर यह शुभ होता है.
  • मेन गेट के सामने पेड़, खंभा या स्तंभ लगाने से बचें. इसे द्वार वेध (द्वार बाधा) कहा जाता है. इसी तरह दरवाजे के पास मरे पौधे लगाने से बचें.
  • बाथरूम को हमेशा बंद रखें. जब इस्तेमाल में न हो तो टॉयलेट का ढक्कन गिरा दें. घर में पानी लीक करने वाली टंकी नहीं होनी चाहिए. बाथरूम में खुशबूदार फ्रेशनर्स लगाएं.
  • किचन में दवाइयां न रखें.
  • आराम करते वक्त घर के सभी इलेक्ट्रॉनिक्स और वाई-फाई ऑफ कर दें.
  • सुबह के वक्त घर में धार्मिक संगीत या मंत्र बजाएं.
  • ध्यान दें कि फर्नीचर के कोने पैने न हों. घर के सजावट में अत्यधिक लाल, काला और ग्रे का इस्तेमाल करने से बचें.
  • फर्श में विभाजित स्तर कराने से बचें.
  • घर में ऐसी तस्वीरें लगाएं जो पॉजिटिव हों. युद्ध, अकेलापन और गरीबी दिखाने वाले चित्रों से बचें. पॉजिटिव एनर्जी लाने के लिए प्रकृति से जुड़ी तस्वीरें लगाएं.
  • घर में शांति लाने के लिए दीया या कपूर जलाएं. इसके अलावा चंदन जैसी सुगंधित चीज का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. एसेंशियल ऑयल्स अपनी सुगंध से नकारात्मक ऊर्जा को साफ करते हैं और घर में सकारात्मकता को बढ़ाते हैं.  सिट्रोनेला और दालचीनी घर को शुद्ध करने के लिए अच्छे हैं.
  • एक बर्तन में कुछ तेज पत्ते जलाने से घर से नकारात्मक और हानिकारक ऊर्जा बाहर निकल जाती है.
  • घर के एंट्रेंस पर कूड़ेदान न रखें.
  • टूटे हुए बर्तन इस्तेमाल न करें.
  • ऐसी चीजों को फेंक दें, जिनका आप लंबे समय से इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं.
  • बेडरूम या फिर सीढ़ियों के नीचे पूजा घर न बनाएं.
  • मेन डोर के पास घंटियां या फिर विंड चिम्स लटकाएं. वास्तु शास्त्र के मुताबिक, इससे निकले संगीत के स्वर आपके घर में वैभव और समृद्धि लाते हैं. तो, रोजाना कुछ मिनट के लिए श्लोक, मंत्र और सुखदायक बांसुरी की आवाज़ सुनें.
  • इनडोर गार्डन बनाने पर विचार करें, जहां आप बैठकर हर सुबह ताजी हवा ले सकें. इसकी शुरुआत आप मनी प्लांट, बैंबू या फिर फूल वाले पौधे लगाकर कर सकते हैं.
  • अपने घर के मेन डोर को काले रंग से पेंट न कराएं. आप डार्क ब्राउन शेड्स का इस्तेमाल कर सकते हैं. मेन डोर हमेशा घड़ी के घूमने की दिशा में खुलना चाहिए.
  • लिविंग रूम में सारे इलेक्ट्रिक एप्लाइंसेज दक्षिण पूर्व दिशा में रखें.
  • वास्तु के मुताबिक झरने, गोल्डफिश या बहती नदी की पेंटिंग्स लगाने से सौभाग्य और वैभव आता है. अगर आप विदेशों में करियर की संभावनाएं तलाश रहे हैं तो विदेशी मुद्रा, उड़ते पक्षी, रेसिंग बाइक्स और कारों की पेंटिंग्स लगाएं. मोर पंख सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है, वास्तु दोषों को दूर करता है और आपके घर में सकारात्मकता लाता है. अगर धन चाहते हैं तो इसे दक्षिण-पूर्व में रखें. घर के मेन गेट पर गणेश जी की मूर्ति और मोर पंख लगाएं, सुख-समृद्धि के लिए.
  • लाफिंग बुद्धा घर से नेगेटिव वाइब्स को दूर करने में मदद करता है. अगर घर का मेन गेट पूर्व की ओर है तो वास्तु के अनुसार, लाफिंग बुद्धा की मूर्ति को पूर्व दिशा में रखें. अगर मेन गेट उत्तर-पूर्व की ओर है, तो इसे उत्तर-पश्चिम दिशा में रखें.
  • पूर्व या दक्षिण-पूर्व कोने में रखे लकड़ी के कछुए घर से नकारात्मक ऊर्जाओं को दूर करते हैं.
  • वास्तु के मुताबिक घड़ियां किसी दिशा को ऊर्जावान बनाती हैं. इसलिए आपके घर में जितनी घड़ियां हों, वो चलनी चाहिए. ऐसी सभी घड़ियों को हटा दें, जो बंद हैं क्योंकि यह देरी या वित्त में रुकावट का प्रतीक है. सारी घड़ियां उत्तर या उत्तर पूर्व में लगी होनी चाहिए.
  • वास्तु के मुताबिक, पक्षियों को दाना खिलाने से वैभव और सकारात्मक ऊर्जा आती है. आप अपने घर, छत या बालकनी में एक दाना-पानी वाला बॉक्स रख सकते हैं. लेकिन ध्यान रहे कि ये बर्तन साफ हो.
  • ऊर्जा के सकारात्मक प्रवाह के लिए अपने बिस्तर को हमेशा साफ-सुथरा रखें. हर सुबह अपना बिस्तर सही करें और अपने तकिए और आराम करने वाली चीजों को सही जगह पर रखें.
  • सकारात्मक ऊर्जा के लिए दीवार पर प्रेरणादायक स्लोगन्स वाले पोस्टर टांगें.

 

पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

क्या वास्तु दोषों को सुधारा जा सकता है?

हां, वास्तु से जुड़े दोषों का निवारण हो सकता है. कई बार आपको मामूली बदलाव ही करने पड़ते हैं.

क्या वास्तु के हिसाब से बेडरूम में शीशे बुरे होते हैं?

शीशे ऊर्जाओं को दूर भगाते हैं इसलिए कई एक्सपर्ट्स आपको सलाह देते हैं कि या तो आप बेडरूम से शीशे हटा दें या फिर सोते वक्त इसे ढक दें.

क्या हल्दी घर में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने में मदद करती है?

वास्तु के अनुसार हल्दी का पेस्ट घर की दहलीज पर इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि यह समृद्धि को बढ़ाता है. घर में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने के लिए घर के मेन गेट पर कुमकुम और हल्दी का स्वास्तिक बनाना शुभ होता है, जिससे नकारात्मकता दूर हो जाती है.

वास्तु शास्त्र के मुताबिक नींबू कैसे फायदेमंद है?

घर, ऑफिस या दुकान के मेन गेट पर नींबू और हरी मिर्च लटकाएं, ताकि बुरी और नकारात्मक ऊर्जा से बचा जा सके.

(सुरभि गुप्ता के इनपुट के साथ)

 

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