जानें क्या होता है कारपेट एरिया, बिल्ड अप एरिया और सुपर बिल्ड अप एरिया


हर रिहायशी परिसर में एरिया या स्क्वेयर फुटेज को कैलकुलेट करने के तीन तरीके होते हैं। ये सब सुनने में अलग न लगे, लेकिन कारपेट एरिया और बिल्ट-अप एरिया में बहुत बड़ा फर्क है।

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आज की दुनिया में घर खरीदारों को अगर कारपेट एरिया के कॉन्सेप्ट को लेकर कोई भ्रम है तो यह बेहद हानिकारक साबित हो सकता है. भले ही इस पूरी प्रक्रिया में कई पचड़े हों लेकिन जैसे ही ग्राहक पैसा देगा, जगह उसकी हो जाएगी. लेकिन प्रॉपर्टी की कीमत क्या होगी, उसे तय करने में जगह की कैलकुलेशन सबसे बड़ा फैक्टर है. सारे बड़े बिल्डर्स अपने प्रोजेक्ट के फ्लैट का सबसे बड़ा कारपेट एरिया दिखाते हैं, जो उनका सबसे बड़ा बेचने का जरिया है. रियल एस्टेट कानून आने के बाद उनके लिए कारपेट एरिया पर फ्लैट बेचना अनिवार्य कर दिया गया है. जितनी ज्यादा जगह होगी, कीमत भी उतनी अधिक होगी. इसी तरह जितनी छोटी जगह होगी, कीमत भी कम होगी.

अगर आप कोई भूमि का टुकड़ा या प्लॉट खरीद रहे हैं तो कैलकुलेशन करना ज्यादा आसान है. लेकिन फ्लैट/अपार्टमेंट की खरीद के मामले में ऐसा नहीं कहा जा सकता. फ्लैट्स/अपार्टमेंट में जगह मापने के बारे में कोई सटीक आइडिया होना काफी मुश्किल है. इसी तथ्य का भारत में रियल एस्टेट डेवेलपर गलत फायदा उठाते हैं और खरीदारों को भ्रमित करते हैं. हालांकि यह रियल एस्टेट (रेग्युलेशन एंड डेवेलपमेंट) एक्ट 2016 में लागू होने से पहले तक सच था.

प्रॉपर्टी खरीदने पर आप जितना पैसा खर्च करेंगे, वह निर्भर करेगा कि बिल्डर आपको अपने फ्लैट या अपार्टमेंट में कितनी जगह दे रहा है. इसलिए यह जरूरी है कि आपको भूमि मापने के पैमानों के बारे में जानकारी हो जैसे- कारपेट एरिया, बिल्ड अप एरिया, सुपर बिल्ड अप एरिया. ये शब्द अकसर भारत के रियल एस्टेट में लेनदेन के दौरान इस्तेमाल होते हैं.

क्या होता है कारपेट एरिया?

इसे समझना बेहद ही आसान है. अपार्टमेंट या फ्लैट का वो एरिया, जिसमें आप कारपेट बिछाकर इस्तेमाल कर सकते हैं, उसे कारपेट एरिया कहते हैं. इसका मतलब है कि कारपेट एरिया ही वो जगह है, जो आप अपने घर में इस्तेमाल कर पाएंगे. अपार्टमेंट या फ्लैट के कारपेट एरिया में अंदरूनी दीवारों की मोटाई, बिल्डिंग की लॉबी में इस्तेमाल की गई जगह, एलिवेटर्स, सीढ़ियां और खेलने का इलाका इत्यादि शामिल नहीं होता.

Real Estate Basics Part 1 – Carpet Area, Built-Up Area & Super Built-Up Area

कारपेट एरिया को कैलकुलेट करने का फॉर्म्युला

कारपेट एरिया = बेडरूम का एरिया + लिविंग रूम + बालकनी + शौचालय – भीतरी दीवारों की मोटाई

RERA के तहत कारपेट एरिया की परिभाषा

RERA का सेक्शन 7 कहता है कि हर प्रोमोटर को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट को रजिस्टर करने के लिए रियल एस्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी को एक एप्लिकेशन देनी होगी. इसके साथ उस प्रोजेक्ट में बिक्री वाले अपार्टमेंट का कारपेट स्पेस, बरामदे का एरिया या एक्सक्लूसिव बालकनी, एक्सक्लूसिव ओपन टेरेस एरिया बताना होगा.

भारत में अब रियल एस्टेट डेवेलपर्स को अपार्टमेंट्स और फ्लैट्स स्पेस के आधार पर ही बेचने होंगे. रियल एस्टेट कानून (RERA) में कारपेट एरिया की परिभाषा बताई गई है, जो है ‘अपार्टमेंट में इस्तेमाल किए जाने वाला फ्लोर एरिया, जिसमें बाहरी दीवारों वाला एरिया, सर्विस शाफ्ट्स के तहत एरिया, एक्सक्लूसिव बालकनी या बरामदा का एरिया, एक्सक्लूसिव ओपन टेरेस एरिया शामिल नहीं होता, लेकिन इसमें अपार्टमेंट की अंदरूनी विभाजित करने वाली दीवारों द्वारा कवर किया गया एरिया शामिल होता है.’

एक्ट में यह भी बताया गया है कि एक्सक्लूसिव बालकनी, बरामदा एरिया या बालकनी के एरिया को संदर्भित करता है. चाहे मामला जैसा भी हो, यह अपार्टमेंट का शुद्ध इस्तेमाल करने योग्य फ्लोर एरिया से संबंधित होता है, जो खास तौर पर आवंटी के इस्तेमाल के लिए होता है. इसके अलावा, इस एक्ट के मुताबिक, एक्सक्लूसिव ओपन टेरेस एरिया उस खुली छत के क्षेत्र को संदर्भित करता है जो एक अपार्टमेंट के शुद्ध इस्तेमाल करने योग्य फ्लोर  एरिया के लिए उपयुक्त है, जो कि आवंटियों के इस्तेमाल के लिए है.

कारपेट एरिया में क्या कवर होता है?

-बेडरूम
-डाइनिंग रूम
-ड्रेसिंग रूम
-किचन
-स्टडी
-स्टोर
-कोई और कमरा
-बाथरूम
-घर के भीतर बालकनी
-घर के भीतर सीढ़ियां

कारपेट एरिया में क्या कवर नहीं होता?

-बाहरी या अंदरूनी दीवारें
-कॉमन एरिया
-टेरेस (छत)

कारपेट एरिया में RERA और क्या कहता है? 

कारपेट एरिया को मापने और कीमत के बारे में बताने के लिए बिल्डर अब कानूनी तौर पर मान्य हैं. किसी निर्माणाधीन प्रोजेक्ट को बनाने के दौरान इसकी पैमाइश में इजाफा और कमी के लिए भी प्रावधान किए गए हैं. अगर कंस्ट्रक्शन के दौरान कारपेट एरिया घट जाता है तो बिल्डर को 45 दिन में बकाया राशि सालाना ब्याज के साथ ग्राहक को लौटानी होगी. हालांकि अगर कारपेट एरिया बढ़ता है तो डेवेलपर ग्राहक से अतिरिक्त राशि की मांग कर सकता है. लेकिन RERA ने यह तय कर रखा है कि कारपेट एरिया में इजाफे की ऊपरी सीमा 3% से अधिक नहीं होनी चाहिए.

कैसे सुनिश्चित करें कि आप कारपेट एरिया के मामले में ठगे नहीं गए हैं?

अगर आप किसी मेगा हाउसिंग सोसाइटी में घर खरीद रहे हैं तो बिल्डर को RERA के प्रावधानों के तहत यूनिट का कारपेट एरिया आपको बताना ही होगा. एरिया की गणना करने के लिए किसी टेक्निकल एक्सपर्ट को फ्लैट पर ले जाएं. अगर आप होम लोन के लिए अप्लाई कर रहे हैं तो बैंक यूनिट का निरीक्षण करने के लिए टेक्निकल एक्सपर्ट को भेजेगा. उनके साथ ही चेक कर लें कि क्या कारपेट एरिया उतना ही है, जितना बिल्डर ने आपको बताया है. अगर कोई गड़बड़ी मिलती है तो आपको इसके बारे में बिल्डर को बताना चाहिए और कीमत पर मोल-भाव करना चाहिए.

प्रॉपर्टी खरीदते वक्त एक बात यह भी ध्यान रखनी चाहिए कि बिल्ड-अप एरिया और सुपर बिल्ड-अप एरिया के नंबरों से दूर नहीं भागना चाहिए. आखिरकार कारपेट एरिया ही वो असली एरिया होगा, जो आप अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल करेंगे. सुनिश्चित करें कि तीनों नंबरों से परफेक्ट बैलेंस हो और कारपेट एरिया का शेयर सबसे ज्यादा हो.

बिल्ड अप एरिया क्या होता है?

आपके अपार्टमेंट या फ्लैट में बिल्ड-अप एरिया, कारपेट एरिया और वो एरिया होता है, जो अंदरूनी दीवारें और बालकनी कवर करती हैं. भारत में हाउसिंग अपार्टमेंट्स में हाउसिंग यूनिट्स का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा अंदरूनी दीवारों और बालकनी को बनाने में इस्तेमाल किया जाता है. इसका मतलब है कि अगर बिल्डर आपसे कहता है कि यूनिट्स का बिल्ड अप एरिया 1000 स्क्वेयर फुट है तो आप मान सकते हैं कि शुद्ध इस्तेमाल करने लायक या अपार्टमेंट का कारपेट एरिया 700 स्क्वेयर फुट से ज्यादा नहीं होगा.

बिल्ड-अप एरिया कैलकुलेट करने का फॉर्म्युला

बिल्डअप एरिया = कारपेट एरिया + दीवारों का एरिया + बालकनी का एरिया

बिल्ड-अप एरिया में क्या कवर होता है?

-कारपेट एरिया
-बाहरी और अंदरूनी दीवारें
-इलेक्ट्रिसिटी, पानी की सप्लाई वाली जगह

क्या होता है सुपर बिल्ड-अप एरिया?

हाउसिंग सोसाइटी में ऐसी कई जगह होती हैं, जिनका इस्तेमाल सभी करते हैं. इन जगहों के रख-रखाव के लिए ग्राहक को हर महीने कुछ पैसे देने पड़ते हैं. खरीद के समय उसे इन जगहों के एक आनुपातिक हिस्से के लिए भी पैसा देना होगा. बिल्डर्स आमतौर पर लोडिंग फैक्टर का इस्तेमाल करते हैं-सुपर बिल्ड-अप एरिया तक पहुंचने के लिए कारपेट एरिया पर बनी जगह विशेष रूप से खरीदार को आवंटित नहीं की जाती हैं.

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डेवेलपर्स किसी फ्लैट के सुपर बिल्ड-अप एरिया तक पहुंचने के लिए कुल बिल्ड-अप एरिया को कॉमन एरिया के कब्जे वाली जगहों जैसे कॉरिडोर, लिफ्ट लॉबी, एलिवेटर्स इत्यादि से जोड़ देते हैं. कुछ मामलों में, बिल्डर कॉमन एरिया में पूल, गार्डन और क्लबहाउस जैसी सुविधाएं जोड़ देते हैं.

RERA ने अब बिल्डरों के लिए कारपेट एरिया पर फ्लैट बेचना अनिवार्य कर दिया है. लेकिन ऐसा होने से पहले जगह की कैलकुलेशन में स्पष्टता न होने के कारण बिल्डर्स सुपर-बिल्ड अप एरिया को ही जगह मापने की इकाई के तौर पर इस्तेमाल करते थे. मापने की इकाई के रूप में इस्तेमाल से सुपर बिल्ड-अप एरिया के उपयोग ने उन्हें संपत्ति के प्रति वर्ग फुट लागत को कम करने में मदद की. इससे ग्राहक को यह भ्रम पैदा हुआ कि वे बड़े घर में निवेश कर रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं था.

सनवर्ल्ड ग्रुप के सीईओ विजय वर्मा कहते हैं, ‘सुपर बिल्ड अप एरिया एक बड़ा नंबर है, जिसके जरिए डेवेलपर्स अपने प्रोजेक्ट की मार्केटिंग करते हैं. कॉमन एरिया को बिल्ड-अप एरिया से जोड़कर वे इस नंबर तक पहुंचते हैं. सुपर बिल्ड-अप एरिया को ‘बेचे जाने वाला एरिया’ बताते हैं क्योंकि यह डेवलपर्स के लिए अपने खरीदारों को कोट करने का एक पैमाना बन जाता है.’ उन्होंने कहा, अगर फ्लोर पर एक से ज्यादा अपार्टमेंट्स हैं तो सुपर बिल्ड-अप एरिया की कैलकुलेशन विभिन्न तरीके से होती है.

मान लीजिए कि एक घर का कारपेट एरिया 1000 स्क्वेयर फीट है, जिसकी कीमत 2000 प्रति स्क्वेयर फीट है. ऐसे मामलों में, प्रॉपर्टी की कुल कीमत 20,00,000 रुपये होगी. मार्केटिंग को और खूबसूरत बनाने के लिए डेवेलपर सुपर बिल्ड-अप एरिया मान लीजिए (1300 स्क्वेयर फीट) देगा और प्रॉपर्टी की कीमत करीब 1800 प्रति स्क्वेयर फीट रखेगा. ऐसी स्थिति में, प्रॉपर्टी की कुल कीमत 23.40 लाख रुपये होगी. भोले खरीदार के लिए, बाद वाला पहले वाले की तुलना में ज्यादा आकर्षक होगा.

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सुपर बिल्ड-अप एरिया में क्या कवर होता है?

-फ्लैट का बिल्ड-अप एरिया
-क्लब हाउस
-एयर डक्ट्स
-पाइप/शाफ्ट्स डक्ट्स
-लिफ्ट
-सीढ़ियां
-लॉबी
-स्वीमिंग पूल
-जिम
-कोई अन्य सार्वजनिक सुविधाएं

नोट: बिल्डर द्वारा इस्तेमाल किए गए लोडिंग फैक्टर के आधार पर अतिरिक्त एरिया कारपेट एरिया में जोड़ दिया जाता है.

सुपर बिल्ड-अप एरिया को कैलकुलेट करने का फॉर्म्युला

सुपर बिल्ड-अप एरिया = बिल्ड-अप एरिया + सापेक्ष कॉमन एरिया

सुपर बिल्ड-अप एरिया = कारपेट एरिया (1+ लोडिंग फैक्टर)

ध्यान दें: बिल्डर और सटीक लोकेशन पर निर्भर करते हुए लोडिंग 15 से 50 प्रतिशत तक हो सकता है.

सुपर बिल्ड-अप एरिया की कैलकुलेशन का उदाहरण

जब एक मंजिल पर एक से ज्यादा अपार्टमेंट होते हैं, तो सुपर बिल्ड-अप एरिया की कैलकुलेशन एक अलग तरीके से की जाती है.

मान लीजिए कि हाउसिंग सोसाइटी के पांचवें फ्लोर पर संजय मेहता का एक अपार्टमेंट है, जिसका बिल्ड-अप एरिया 1000 स्क्वेयर फुट है. उसी फ्लोर पर अमित लाल का एक अपार्टमेंट है, जिसका बिल्ड अप एरिया 2000 स्क्वेयर फुट है. फ्लोर पर कुल कॉमन एरिया 1500 स्क्वेयर फुट है.

अब दोनों अपार्टमेंट्स का सुपर बिल्ड अप एरिया कैलकुलेट करने के लिए बिल्डर अपार्टमेंट्स का बिल्ड-अप एरिया रेश्यो विभाजित कर देगा (इस मामले में 1:2) और 500 स्क्वेयर फुट अतिरिक्त स्पेस मेहता के कुल बिल्ड अप एरिया में जोड़ देगा और लाल के बिल्ड अप एरिया में 1000 स्क्वेयर फुट. अब मेहता के अपार्टमेंट का सुपर बिल्ड अप एरिया 1500 स्क्वेयर फुट और लाल का 3000 स्क्वेयर फुट होगा.

अगर बिल्डर कारपेट एरिया बढ़ाता है तो क्या ग्राहक भुगतान करने से इनकार कर सकता है?

ऐसे कई वाकये हुए हैं, जहां बिल्डर प्रॉपर्टी की कुल कीमत बढ़ा देता है क्योंकि प्लान में कुछ बदलाव होता है और कारपेट एरिया बढ़ जाता है. RERA के प्रावधानों के मुताबिक, ग्राहक को अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना होगा. महाराष्ट्र RERA ने हाल ही में स्पष्ट कर दिया था कि ग्राहक को अतिरिक्त पैसे देने होंगे. संस्था ने यह आदेश एशले नील सेराव और मार्क क्लेमेंट सेराव द्वारा फाइल किए गए मामले में दिया, जिन्होंने प्रोपेल डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा बनाए गए रनवाल ग्रीन्स प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदा था.

महाराष्ट्र RERA ने आदेश में कहा, ‘अपार्टमेंट की विचार कीमत के संबंध में कारपेट एरिया में इजाफा अनुपात के आधार पर किया जाता है, जिसका जिक्र बिक्रीनामा में होता है उसे बिक्रीनामे का उल्लंघन नहीं कहा जा सकता.’

अपने भविष्य के घर के यूजेबल एरिया को कैलकुलेट करने के टिप्स

बिल्डर से हमेशा प्रॉपर्टी के कारपेट एरिया के बारे में पूछें और इसी नंबर के आधार पर कीमत में मोलभाव करें, ताकि इस मोर्चे पर किसी तरह के हेरफेर की कोई गुंजाइश न रहे. आप संपत्ति के कारपेट एरिया की फिर से पुष्टि करने के लिए एक निजी तकनीकी मूल्यांकनकर्ता की मदद ले सकते हैं.

जो लोग हाउसिंग फाइनेंस के जरिए प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं, वो बेहतर स्थिति में हैं क्योंकि बैंक खुद अपने कानूनी और तकनीकी मूल्यांकनकर्ता भेजेगा. वही लोग प्रॉपर्टी की हर बारीकी चेक करेंगे.

एक बात ध्यान देने वाली ये भी है कि अगर कारपेट एरिया पर बिल्डर प्रॉपर्टी की कीमत बता रहा है तो वह प्रति स्क्वेयर फुट की कीमत बढ़ा देते हैं ताकि सुपर बिल्ड अप और बिल्ड अप एरिया को कवर किया जा सके. उसी इलाके में इसी तरह के प्रोजेक्ट्स की कीमत पता करने की कोशिश करें ताकि यह कन्फर्म हो जाए कि जो कीमत आपके बिल्डर ने बताई है, वह सही है. अगर नहीं तो ग्राहक के पास मोलभाव करने का विकल्प है और वह कीमतों में कटौती करा सकता है.

हमें उम्मीद है कि इससे आपकी फ्लोर एरिया को लेकर तमाम शंकाएं दूर हो गई होंगी और यह भी पता चल गया होगा कि कीमतें कैसे कैलकुलेट की जाती हैं. इससे आपको फैसले लेने में आसानी होगी. अगर आपके पास कोई और सवाल हैं? तो हमसे नीचे पूछें

यहां, रियल एस्टेट बेसिक्स का पार्ट 2 है, जहां हम OSR, FSI, लोडिंग और कंस्ट्रक्शन के चरणों के बारे में बताएंगे.

पूछे जाने वाले सवाल

क्या होता है कार्पेट एरिया?

कार्पेट एरिया वो एरिया होता है, जिसे कार्पेट से कवर किया जा सके या अपार्टमेंट का वो एरिया, जिसमें अंदरूनी दीवारों की मोटाई शामिल नहीं होती.

कार्पेट एरिया और बिल्ड-अप एरिया में क्या फर्क है?

कार्पेट एरिया वो एरिया होता है, जिसे कार्पेट से कवर किया जा सके जबकि बिल्ड अप एरिया वो एरिया होता है जो कार्पेट एरिया और वॉल एरिया को जोड़ने के बाद आता है.

कार्पेट एरिया में क्या शामिल है?

कार्पेट एरिया में बाहरी दीवारें, सर्विसेज शाफ्ट, विशेष बालकनी या बरामदा क्षेत्र और खुली छत शामिल होते हैं.

कार्पेट एरिया पर लोडिंग को कैलकुलेट कैसे करें?

यदि कोई बिल्डर लोडिंग फैक्टर के रूप में 1.25 डालता है, तो इसका मतलब है कि फ्लैट के कार्पेट एरिया में 25% स्पेस जोड़ा गया है.

कार्पेट एरिया को कैसे कैलकुलेट किया जाता है?

यदि आप सटीक बिल्ट-अप एरिया जानते हैं तो आप कार्पेट एरिया की कैलकुलेशन कर सकते हैं.

RERA के मुताबिक क्या होता है कार्पेट एरिया?

रेरा के मुताबिक, अपार्टमेंट में इस्तेमाल होने वाले एरिया को कार्पेट एरिया कहा जाता है.

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