महाराष्ट्र स्टैंप एक्ट: अचल संपत्ति पर लगने वाली स्टैंप ड्यूटी की पूरी कहानी


महाराष्ट्र सरकार ने स्टैंप ड्यूटी की दरों में बड़ी गिरावट करते हुए 3 प्रतिशत की कटौती की है. अब मुंबई में स्टैंप ड्यूटी 2 प्रतिशत पर है. आइए आपको बताते हैं कि महाराष्ट्र के अहम शहरों में स्टैंप ड्यूटी की दरें क्या हैं और उसे ऑनलाइन कैसे चुकाएं.

जब भी कोई चल या अचल संपत्ति खरीदी या बेची जाती है तो खरीदार को राज्य सरकार को कुछ राशि बतौर टैक्स चुकानी पड़ती है ताकि उस पर स्टैंप लग सके. इसे स्टैंप ड्यूटी कहा जाता है. महाराष्ट्र स्टैंप एक्ट ऐसी संपत्तियां या इंस्ट्रूमेंट्स के बारे में बताता है, जिस पर राज्य सरकार को स्टैंप ड्यूटी चुकानी होती है. यह कानून ये भी बताता है कि कितनी स्टैंप ड्यूटी सरकार को चुकानी होती है.

अब, रियल एस्टेट में घर खरीदारों को निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के लिए, महाराष्ट्र सरकार ने सीमित अवधि के लिए स्टैंप ड्यूटी में कटौती की है. राज्य सरकार के ऐलान के मुताबिक, प्रॉपर्टी लेनदेन पर चुकाई जाने वाली स्टैंप ड्यूटी दो स्लैब में कम कर दी गई हैं- 1 सितंबर 2020 से 31 दिसंबर 2020 तक 3% और 1 जनवरी 2021 से 31 मार्च 31 तक 2% 2021. 26 अगस्त 2020 को हुई कैबिनेट मीटिंग में यह फैसला लिया गया.

क्या है महाराष्ट्र स्टैंप एक्ट?

महाराष्ट्र स्टैंप एक्ट 1958 में पास हुआ था और शेड्यूल 1 में दर्ज इंस्ट्रूमेंट्स पर ये लागू होता है, जिस पर राज्य में स्टैंप ड्यूटी लगाई जाती है. कानून में हाल ही में संशोधन किया गया था और संशोधनों में गिफ्ट डीड पर स्टैंप ड्यूटी का पुनरीक्षण, स्टैंप ड्यूटी का ई-भुगतान शामिल करना, पेनाल्टी क्लॉस का संशोधन और कुछ इंस्ट्रूमेंट क्लॉज में स्टैंप ड्यूटी में इजाफा शामिल है.

महाराष्ट्र में स्टैंप ड्यूटी चार्जेज

पूरे महाराष्ट्र में प्रॉपर्टी पर स्टैंप ड्यूटी चार्जेज कई क्राइटेरिया पर निर्भर करता है. इसमें देखा जाता है कि क्या प्रॉपर्टी शहरी इलाकों में है क्या ग्रामीण में, लेनदेन की कुल लागत. अप्रैल 2020 में, महाराष्ट्र सरकार ने अगले दो वर्षों के लिए प्रॉपर्टी पर स्टैंप ड्यूटी में कमी की थी. ये कमी उन इलाकों के लिए थी, जो मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवेलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) और म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ पुणे, पिंपरी-चिंचवड़ और नागपुर में आते हैं. इसका मतलब है कि मुंबई, पुणे और नागपुर में प्रॉपर्टी पर स्टैंप ड्यूटी 5 प्रतिशत है (4 प्रतिशत स्टैंप ड्यूटी+ 1 प्रतिशत मेट्रो सेस)

Citiesलागू स्टैंप ड्यूटी की दरें (April 1, 2020 से)स्टैम्प शुल्क दरें, जो सितंबर, 2020 से 31 दिसंबर, 2020 तक लागू हैंस्टैम्प शुल्क दरें जनवरी 2021 से 31 मार्च 2021 तक लागू हैं
मुंबई5% (जिसमें एक प्रतिशत मेट्रो सेस शामिल है)2%3%
पुणे6% (इसमें स्थानीय निकाय का टैक्स और ट्रांसपोर्ट सरचार्ज शामिल है)3%4%
ठाणे6% (इसमें स्थानीय निकाय का टैक्स और ट्रांसपोर्ट सरचार्ज शामिल है)3%4%
नवी मुंबई6% (इसमें स्थानीय निकाय का टैक्स और ट्रांसपोर्ट सरचार्ज शामिल है)3%4%
पिंपरी-चिंचवड़6% (इसमें स्थानीय निकाय का टैक्स और ट्रांसपोर्ट सरचार्ज शामिल है)3%4%
नागपुर6% (इसमें स्थानीय निकाय का टैक्स और ट्रांसपोर्ट सरचार्ज शामिल है)3%4%

जिन संपत्तियों की कीमत 30 लाख रुपये से कम है, उन पर कुल लागत का 1 प्रतिशत शुल्क बतौर रजिस्ट्रेशन चार्ज लगाया जाता है और 30 लाख रुपये से ज्यादा वाली संपत्तियों पर 30 हजार का कैप लगा है.

महाराष्ट्र स्टैंप एक्ट के आर्टिकल 34, जिसे साल 2017 में संशोधित किया गया था, में कहा गया कि गिफ्ट डीड पर स्टैंप ड्यूटी प्रॉपर्टी वैल्यू का 3 प्रतिशत होती है. हालांकि, जो प्रॉपर्टी विचार में है, अगर वह रिहायशी या कृषि है और उसे परिवार वालों को बतौर गिफ्ट (बिना कोई भुगतान के) दिया जाता है तो स्टैंप ड्यूटी 200 रुपये होगी.

हाल ही में, राज्य में बिक्री को बढ़ाने के लिए, नेशनल रियल एस्टेट डेवेलपमेंट काउंसिल (NAREDCO), महाराष्ट्र ने ऐलान किया है कि वे संपत्ति खरीद पर 3% स्टैंप ड्यूटी को खपाएंगे और 31 दिसंबर, 2020 तक घर खरीदारों को छूट की पेशकश करेंगे. इससे पहले, यह स्कीम दिवाली 2020 तक ही सीमित थी लेकिन बिक्री में उछाल से उत्साहित बिल्डर्स असोसिएशन ने इस स्कीम को साल के अंत तक बढ़ा दिया.

स्टैंप ड्यूटी को कैसे कैलकुलेट किया जाता है?

खरीदार और विक्रेता के अग्रीमेंट में दर्ज प्रॉपर्टी वैल्यू और रेडी रेकनर रेट के आधार पर ही स्टैंप ड्यूटी कैलकुलेट की जाती है. महाराष्ट्र में, स्टैंप ड्यूटी हर इलाके में अलग-अलग होती है. उदाहरण के तौर पर, जो प्रॉपर्टी मुंबई में शहरी इलाके की निकाय सीमा में है, उस पर मार्केट वैल्यू के 5 प्रतिशत स्टैंप ड्यूटी लगेगी. जबकि जो प्रॉपर्टी ग्राम पंचायत की सीमा में है, उस पर मार्केट वैल्यू के 3 प्रतिशत स्टैंप ड्यूटी लगेगी.

मुंबई में स्टैंप ड्यूटी

प्रॉपर्टी की लोकेशन और डीड के प्रकार के आधार पर मुंबई में स्टैंप ड्यूटी पूरे क्षेत्र में बदलती है.

मार्च 2021 के बाद कन्वेयंस/सेल डीड पर लागू स्टैंप ड्यूटी:

मुंबई के इलाकेमुंबई में स्टैंप ड्यूटी
किसी भी शहरी क्षेत्र की नगरपालिका सीमा के भीतरमार्केट वैल्यू का 5%
MMRDA के भीतर किसी भी क्षेत्र के नगरपालिका परिषद/ पंचायत/छावनी की सीमा के भीतरमार्केट वैल्यू का 4%
ग्राम पंचायत की सीमा के भीतरमार्केट वैल्यू का 3%

स्टैंप ड्यूटी का भुगतान

महाराष्ट्र स्टैंप एक्ट के मुताबिक, वो सारे दस्तावेज जिन पर शुल्क लगाया जाता है और महाराष्ट्र में निष्पादित होते हैं, उन पर एग्जीक्युशन के वक्त या उससे पहले या फिर एग्जीक्युशन की तारीख के अगले कामकाजी दिन पर स्टैंप लगवाना जरूरी है. हालांकि, अगर डीड का निष्पादन क्षेत्र के बाहर हुआ है तो भारत में पहली बार हासिल होने के बाद तीन महीने के भीतर इसे स्टैंप कराया जा सकता है.

स्टैंप पेपर्स किसी एक पार्टी के नाम पर होने चाहिए न कि चार्टेट अकाउंटेंट या पार्टियों के वकीलों के नाम पर. इतना ही नहीं, स्टैंप पेपर जारी होने की तारीख लेनदेन की तारीख से 6 महीने से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए.

स्टैंप ड्यूटी शुल्क का भुगतान डीड पर चिपकने या प्रभावित टिकटों के माध्यम से किया जा सकता है. इसके अलावा, निष्पादन के समय डीड पर  चिपकने वाले टिकटों को रद्द कर दिया जाता है, ताकि यह फिर से उपयोग के लिए उपलब्ध न हो.

स्टैंप ड्यूटी का ऑनलाइन भुगतान

ऑनलाइन पेमेंट लेने के लिए महाराष्ट्र स्टैंप एक्ट में संशोधन किया गया. इन तरीकों से आप भी ऑनलाइन स्टैंप ड्यूटी का भुगतान कर सकते हैं.

स्टेप 1: महाराष्ट्र स्टैंप ड्यूटी ऑनलाइन पेमेंट के पोर्टल पर जाएं.

स्टेप 2: अगर आपने पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है तो ‘पे विदआउट रजिस्ट्रेशन’ पर क्लिक करें. अगर आप रजिस्टर्ड यूजर हैं तो फिर लॉग इन डिटेल्स भरें.

स्टेप 3: अगर आपने पे विदआउट रजिस्ट्रेशन का विकल्प चुना है तो आपको एक अन्य पेज पर ले जाया जाएगा, जहां आपको ‘सिटीजन’ चुनना होगा और जिस प्रकार का लेनदेन आप करना चाहते हैं.

stamp duty maharashtra

स्टेप 4: ‘Make Payment to Register your Document’  को चुनें. आप स्टैंप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्जेज का साथ में भुगतान कर सकते हैं या फिर दोनों का अलग-अलग.

maharashtra stamp duty

स्टेप 5: इसके बाद जिला, सब-रजिस्ट्रार दफ्तर, पेमेंट की डिटेल, पार्टी डिटेल, प्रॉपर्टी डिटेल और प्रॉपर्टी वैल्यू डिटेल जैसी जानकारियां भरें.

स्टेप 6: यह पूरा होने के बाद पेमेंट ऑप्शन चुनें, चालान जारी करें, जिसे डीड के निष्पादन के वक्त पेश करना होगा.

अगर आपको किसी भी कदम पर रुकावट महसूस होती है या फिर चालान को दोबारा जारी करना चाहते हैं तो आप vtodat.mum-mh@gov.in पर ई-मेल कर सकते हैं.

पुराने प्रॉपर्टी दस्तावेजों पर स्टैंप ड्यूटी

महाराष्ट्र स्टैंप एक्ट जिले के कलेक्टर को इस तरह के दस्तावेजों की पंजीकरण की तारीख से 10 साल की अवधि के भीतर दस्तावेजों के लिए फैसला करने का अधिकार देता है, यह वेरिफाई करने के लिए कि क्या डीड पर सही शुल्क का भुगतान किया गया है या नहीं. बॉम्बे हाई कोर्ट ने यह माना है कि स्टैंप ड्यूटी को उसके बाद की बिक्री के समय, अपर्याप्त रूप से स्टैंप किए गए पिछले दस्तावेजों के लिए एकत्र नहीं किया जा सकता.

इसके अलावा, अगर पुराने दस्तावेज स्टैंप लगने योग्य हैं तो स्टैंप ड्यूटी केवल उस बाजार दर पर वसूल की जाएगी जब लेन-देन हुआ था. इसका मतलब है कि स्टैंप ड्यूटी शुल्क पूर्वप्रभावी आधार पर लागू नहीं किए जा सकते.

पूछे जाने वाले सवाल

प्रॉपर्टी पर स्टैंप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्ज कैसे कैलकुलेट होते हैं?

रेडी रेकनर दरों और मार्केट वैल्यू के आधार पर इसे कैलकुलेट किया जाता है.

महाराष्ट्र में स्टैंप ड्यूटी की दरें क्या हैं?

इलाके और शहर के मुताबिक, यह पूरे राज्य में अलग-अलग है.

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