हैदराबाद में बेहद आसान है प्रॉपर्टी टैक्स चुकाना, इन लोगों को मिलती है छूट


प्रॉपर्टी टैक्स हर साल मकान मालिकों को चुकाना पड़ाता है। हालांकि इलाकों के हिसाब से इसकी दर अलग-अलग होती है। आइए आपको बताते हैं कि हैदराबाद में प्रॉपर्टी टैक्स चुकाने का क्या तरीका है।
हैदराबाद में मकानमालिकों को हर साल ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (GHMC) को प्रॉपर्टी टैक्स चुकाना होता है। दिसंबर 2015 को जारी आदेश में सरकार ने कहा था कि जहां टैक्स असेसमेंट 1200 रुपये सालाना से कम है, एेसी रिहायशी बिल्डिंगों में रह रहे मकानमालिकों को छूट दी जाएगी। इस छूट के तहत आने वाले लोगों को बतौर प्रॉपर्टी टैक्स साल में केवल 101 रुपये चुकाने होंगे। इस कदम का मकसद 5 लाख छोटे मकानमालिकों को राहत पहुंचाना था। लेकिन जून 2016 में GHMC ने जब दोबारा सर्वे किया तो पाया कि जिन्होंने इस छूट का फायदा उठाया, वे इसके काबिल नहीं थे। 41 प्रतिशत प्रॉपर्टीज का सर्वे किया गया और पाया कि उनमें तय सीमा से ज्यादा प्लिन्थ (स्तंभ) एरिया था। सर्वे के मुताबिक या तो प्रॉपर्टी के मालिकों ने इलाके का विस्तार किया है या प्रॉपर्टी का कमर्शियल इस्तेमाल हो रहा था,वो भी रिकॉर्ड्स में दर्ज हुए बिना। जून 2016 में यह मुद्दा सामने आने के बाद राज्य सरकार द्वारा अभी तक सर्वसम्मति से यह फैसला नहीं लिया गया कि आगामी वर्षों में डिफॉल्टर्स पर टैक्स कैसे लगाया जाएगा।

हैदराबाद के रिहायशी इलाकों का प्रॉपर्टी टैक्स कैसे कैलकुलेट किया जाता है:

प्रॉपर्टी टैक्स की गणना करने के लिए GHMC इस फॉर्म्युले का इस्तेमाल करती है।
सालाना प्रॉपर्ट टैक्स = प्लिंथ एरिया x मासिक किराया मूल्य प्रति वर्ग फीट x 12 x (0.17 – 0.30) एमआरवी के आधार पर और कराधान की स्लैब दर के आधार पर – 10 प्रतिशत मूल्यह्रास (Depreciation) + 8 प्रतिशत लाइब्रेरी सेस
प्रॉपर्टी टैक्स का रेट अनुअल रेंटल वैल्यू पर निर्भर करता है और GHMC  ने रिहायशी प्रॉपर्टीज के लिेए टैक्सेशन का स्लैब रेट अपनाया हुआ है। अगर मैन्युअली आपको टैक्स की राशि जाननी है तो प्रॉपर्टी के मासिक किराए का अनुमान लगाना होगा। अगर प्रॉपर्टी में आप खुद रह रहे हैं तो एक ही इलाके में इसी तरह की अन्य प्रॉपर्टी के किराये पर विचार किया जाएगा। अगर प्रॉपर्टी किराये पर दी गई है तो मासिक रेंटल वैल्यू (MRV) को किराये समझौते की मदद से निर्धारित किया जाता है। GHMC ने अपनी वेबसाइट पर प्रॉपर्टी टैक्स कैलकुलेटर भी दिया हुआ है, जहां आप जरूरी जानकारी भरकर भुगतान की जाने वाली राशि के बारे में जान सकते हैं।
प्रॉपर्टी टैक्स चुकाने का सबसे अच्छा तरीका है अॉनलाइन और GHMC की वेबसाइट पर जाकर आप अपने यूनीक प्रॉपर्टी टैक्स आइडेंटिफिकेशन नंबर (PTIN) का इस्तेमाल कर भुगतान कर सकते हैं। ई-सेवा काउंटर्स, सिटीजन सर्विस सेंटर्स या स्टेट बैंक अॉफ हैदराबाद की किसी भी ब्रांच में भुगतान किया जा सकता है। अगर प्रॉपर्टी टैक्स चुकाने में देरी करते हैं तो प्रतिमाह बकाया राशि पर दो प्रतिशत की दर से पेनाल्टी चुकानी होगी। देरी से भुगतान वाले अर्धवार्षिक बिलों की तारीख हर साल 31 जलाई या 15 अक्टूबर होती है।
सर्विसमैन या पूर्व सर्विसमैन के घरों और जिन प्रॉपर्टीज की सालाना रेंटल वैल्यू 600 रुपये से कम है, उन्हें GHMC 100 प्रतिशत टैक्स छूट देता है। खाली परिसर वाली संपत्तियों पर 50 प्रतिशत टैक्स छूट दी जाती है, लेकिन यह टैक्स इंस्पेक्टर द्वारा जमा की जाने वाली रिपोर्ट पर निर्भर करता है।
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